ISKCON: क्या बांग्लादेश में इस्कॉन मंदिर पर प्रतिबंध लगाने की चल रही तैयारी? मोहम्मद यूनुस के करीबी का खुलासा
Bangladesh ISKCON News: हिंदुओं के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा के बीच क्या बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस इस्कॉन मंदिर पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं? ये सवाल तब उठे हैं, जब कई इस्लामिक संगठन, इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।
वहीं, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने अपने देश में अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण चेतना सोसायटी (इस्कॉन) के भविष्य को लेकर बढ़ती चिंताओं को संबोधित करते हुए एक बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने कहा है, कि बांग्लादेश सरकार के पास इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है। उनका ये बयान तब आया है, जब इस्कॉन से जुड़े एक संत को कथित देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
इस्कॉन पर बांग्लादेश में संभावित प्रतिबंध के बारे में पूछे गए सवाल पर प्रेस सचिव ने कहा, "हमने कहा है, कि इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की हमारी कोई योजना नहीं है। यह वैसा ही है जैसा हमने बार-बार कहा है।"
पड़ोसी देश में हिंदुओं पर हमले की रिपोर्ट्स के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं और इस्कॉन के आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी ने स्थिति को और खराब कर दिया है। दोनों ही देशों में एक दूसरे खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। अगरतला में बांग्लादेश के वाणिज्य दूतावास पर हमले भी किए हैं, जिसको लेकर बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायोग को तलब भी किया था।
मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्रीय एकता का ऐलान किया?
इस बीच, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने बुधवार को राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया है, ताकि उनके प्रशासन को स्थापित करने वाले विद्रोह को बदनाम करने के लिए "बड़े देशों" से जुड़े "अभियान" का मुकाबला किया जा सके। उनका इशारा साफ तौर पर भारत की तरफ था।
भारत के साथ तनाव के बीच राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए, मुख्य सलाहकार यूनुस ने किसी देश का नाम नहीं लिया। लेकिन, उन्होंने तीन मुद्दों पर राजनीतिक नेताओं की राय मांगी - (1) भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों में बांग्लादेश के खिलाफ चल रहे "प्रचार", (2) अगरतला में बांग्लादेश मिशन पर हमला और (3) हाल के दिनों में अल्पसंख्यकों पर हमलों के आरोप।
उन्होंने कहा, कि "नए बांग्लादेश के खिलाफ अभियान" अब घरेलू दायरे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बाहर भी फैल गया है, जिसमें "बड़े देश" शामिल हैं। हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया।
यूनुस ने कहा कि उनकी सरकार ने हाल ही में आयोजित दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान मनगढ़ंत परेशानियों की आशंका जताई थी, लेकिन इसे "हम सभी की भागीदारी के साथ खुशी से मनाया गया, जो उन्हें पसंद नहीं आया।"
शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला
शेख हसीना ने इस साल 5 अगस्त को बांग्लादेश छोड़ा था और उसके बाद से वो भारत में रह रही हैं। और करीब 4 महीनों के बाद उन्होंने पहली बार अपने समर्थकों को संबोधित किया है, जिसमें उन्होने मोहम्मद यूनुस को 'सत्ता का भूखा' करार दिया है।
अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने यूनुस पर तीखा हमला करते हुए उन पर "नरसंहार" करने और हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में अपने समर्थकों को वर्चुअली दिए गए भाषण में, शेख हसीना ने यह भी दावा किया, कि उन्हें और उनकी बहन शेख रेहाना को मारने की योजना थी, ठीक उसी तरह जैसे 1975 में उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान की हत्या की गई थी।
शेख हसीना ने यह भी आरोप लगाया, कि बांग्लादेश में पूजा स्थलों पर हमले हो रहे हैं और मौजूदा सरकार इस स्थिति से निपटने में पूरी तरह नाकाम रही है। हसीना, रविवार को "बिजॉय डिबोस" यानि विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपनी अवामी लीग पार्टी के समर्थकों से बात कर रही थीं, जो 16 दिसंबर को पड़ता है।
वहीं, चिन्मय दास, जो बांग्लादेश सम्मिलिता सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता भी रह चुके हैं, उन्हें ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय गिरफ्तार किया गया थास जब वे एक रैली में भाग लेने के लिए चटगांव जा रहे थे। चटगांव की छठी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने मंगलवार को उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया और जेल भेज दिया।












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