'झूठे भगवानों को खत्म करने का समय आ गया है', ISIS के मैग्जीन में भगवान शिव की खंडित प्रतिमा

आईएसआईएस ने अपने ऑनलाइन पत्रिका में भगवान शिव की खंडित प्रतिमा प्रकाशित की है, जिसमें उसने लिखा है, 'झूठे भगवानों को खत्म करने का समय आ गया है'।

दमिश्क, नवंबर 24: आतंकवादी संगठन आईएसआईएएस ने इस बार सीधे तौर पर हिंदू धर्म पर आघात किया है और भगवान शिव की खंडित प्रतिमा को अपने मैग्जीन के कवर फोटो पर छापा है। जिसके बाद केरल में तनाव छा गया है। आईएसआईएस की पत्रिका 'वॉयस ऑफ हिंद' में हिंदुओं के आराध्य भगवान शिव की प्रतिमा छापी गई है, जिनका सिर हटा दिया गया है और वहां पर आईएसआईएस का झंडा लहरा रहा है।

भगवान शिव की खंडित प्रतिमा

भगवान शिव की खंडित प्रतिमा

आईएसआईएस समर्थित पत्रिका 'वॉयस ऑफ हिंद' ने भगवान शिव की कंप्यूटर पर एडिटेड टूटी हुई मूर्ति के कवर के साथ एक नया अंक जारी किया है। मैग्जीन में मूर्ति के नीचे कवर पर छापा गया है, कि "यह झूठे देवताओं को तोड़ने का समय है"। मूर्ति की एक खंडित तस्वीर के अलावा, शीर्ष पर आईएसआईएस का झंडा भी लगाया गया है। आईएसआईस की मैग्जीन पर छपा ये फोटो जमकर वायहो रहा है और लोग इसपर कड़ा विरोध जता रहे हैं।

कर्नाटक का शिव प्रतिमा

कर्नाटक का शिव प्रतिमा

आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के मैग्जीन में भगवान शिव के जिस प्रतिमा की तस्वीर छापी गई है, वह प्रतिमा कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के मुरुदेश्वर शहर में समुद्र तट पर स्थापित की गई 123 फीट ऊंची शिव की प्रतिमा का ही आकार है और हिंदुओं के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। इस तस्वीर को कई लोगों ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है और कड़ा विरोध जताया है। वहीं, न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट है कि, मैग्जीन पर छपी इस तस्वीर के बाद उत्तर कन्नड़ जिले में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है।

बढ़ाई गई मंदिर की सुरक्षा

बढ़ाई गई मंदिर की सुरक्षा

रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसआईएस की पत्रिका पर छपि इस तस्वीर के बाद मंदिर के आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, कर्नाटक के कुमाता से बीजेपी विधायक दिनकर केशव शेट्टी ने इस तस्वीर पर गहरी आपत्ति जताई है और कर्नाटक की सरकार से उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। शेट्टी ने कन्नड़ में अपने पोस्ट में लिखा, 'सोशल मीडिया के जरिए मेरे संज्ञान में आया है कि आतंकी संगठन आईएसआईएस की एक पत्रिका 'वॉयस ऑफ हिंद' ने मुर्देश्वर मंदिर की शिव प्रतिमा को नष्ट करने की घोषणा की है। हिंदू मंदिरों की सुरक्षा और विकास हमारी पार्टी के प्रमुख सिद्धांतों में से हैं। हमारा डिफेंस डिपार्टमेंट इस तरह की धमकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूत और सशक्त है। फोन के जरिए गृह मंत्री को पहले ही सूचना भेज दी गई है और जल्द ही मुर्देश्वर मंदिर में अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।

'वॉयस ऑफ हिंद' मैग्जीन को जानिए

'वॉयस ऑफ हिंद' मैग्जीन को जानिए

साल 2020 के फरवरी में अल-किताल मीडिया सेंटर नाम ने 'वॉयस ऑफ हिंद' पत्रिका को लॉंच किया था, जो आईएसआईएस समर्थित है। द प्रिंट में सितंबर 2021 में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने कहा कि, पाकिस्तान और बांग्लादेश में इस पत्रिका का एक सेटअप तैयार किया गया है, जो किसी कॉल सेंटर के जैसा है। और इसमें कई ग्रेजुएट्स काम करते हैं। इस मैग्जीन के जरिए कट्टर इस्लाम का प्रचार किया जाता है और दूसरे धर्मों के खिलाफ जहर उगला जाता है। शुरूआत में ये अनुमान लगाया गया था कि, इस पत्रिका की स्थापना अफगानिस्तान में की गई है, लेकिन बाद में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल करने से पता चला कि, इस पत्रिका का संपर्क सूत्र दक्षिण कश्मीर में है और इस पत्रिका को पाकिस्तान में संपादित किया जाता है और इस मैग्जीन में लिखने के लिए बांग्लादेश और मालदीव के लोगों को भर्ती की जाती है।

जुलाई में हुई थी गिरफ्तारी

जुलाई में हुई थी गिरफ्तारी

जुलाई 2021 में भारतीय जांच एजेंसी एनआईए ने कश्मीर के अनंतनाग जिले से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनकी पहचान उमर निसार, तनवीर अहमद भट और रमीज अहमद लोन के रूप में हुई। इन युवाओं पर इस मैग्जीन को रखने और इसे अलग अलग जगहों पर बेचने का आरोप लगाकर इन्हें गिरफ्तार किया गया था। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस मैग्जीन को भारत तक, और कई अलग अलग जगहों तक पहुंचाने के लिए बकायदा एक व्यापक नेटवर्क की स्थापना की गई है। कई नकली ऑनलाइन संस्थाओं का भी निर्माण इस मैग्जीन के प्रचार-प्रसार के लिए किया गया है। एनआईए की जांच में कई भारतीय मोबाइल नंबर्स और उन ऑनलाइन फर्जी खातों के बीच संबंध स्थापित हुए, जिनका संबंध सीधे तौर पर इस मैग्जीन के साथ था। एनआईए ने कहा कि उसने बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण जैसे मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, एसडी कार्ड आदि को जब्त किया है, जिसका उपयोग पत्रिका के संचालन में किया जाता है।

कर्नाटक में आईएसआईएस की उपस्थिति

कर्नाटक में आईएसआईएस की उपस्थिति

आपको बता दें कि, इसी साल अगस्त में भारतीय जांच एजेंसी एनआईए ने कर्नाटक के भटकल शहर से जुफरी जवाहर दामुदी उर्फ अबू हाजीर अल बद्री नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया था। जो आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के भारतीय मॉड्यूल का एक्टिव सदस्य है। इसके साथ ही एनआईए ने अमीन जुहैब नाम के एक अन्य आतंकवादी को भी गिरफ्तार किया गया है। एनआईए ने ये गिरफ्तारियां इसी पत्रिका को छापने की जांच करने के दौरान एक एक कड़ी को जोड़ते हुए की थी और आईएसआईएस के भारतीय मॉड्यूल का खुलासा हुआ था। और इस बात की तस्दीक हो गई थी, कि भारत में भी कुछ ऐसे लोग हैं, जो खतरनाक आतंकवादी संगठन आईएसआईएस की विचारधार को मानते हैं और उनके साथ जुड़े हुए हैं।

शियाओं को भी मारता है आईएसआईएस

शियाओं को भी मारता है आईएसआईएस

आपको बता दें कि, आईएसआईए सिर्फ हिंदुओं के खिलाफ ही जहर नहीं उगलता है, बल्कि इसे मुसलमानो के भी एक हिस्से से नफरत है। आईएसआईएस के आतंकी शिया मुसलमानों को धरती से खत्म करना चाहते हैं और अफगानिस्तान में बकायदा इसकी घोषणा भी की जा चुकी है। पिछले महीने अफगानिस्तान के आईएसआईएस शाखा ने एक शिया मस्जिद में धमाका किया था, जिसमें करीब 100 से ज्यादा लोग मारे गये थे। उस धमाके की जिम्मेदारी लेते हुए आईएसआईएस ने कहा था कि, वो अफगानिस्तान के हर उस हिस्से में हमला करेंगे, जहां शिया रहते हैं। आईएसआईएस ने शिया मुसलमानों को 'खतरनाक' करार दिया है।

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