अफगानिस्तान से अमेरिकी हथियार मंगवा रहा है पाकिस्तान, भारत के खिलाफ 'तालिबान खान' की साजिश?

क्या तालिबान ने अमेरिकी हथियारों को पाकिस्तान भेजना शुरू कर दिया है। अगर अमेरिकी हथियारों की पाकिस्तान में सप्लाई की जा रही है, तो ये भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है।

काबुल, नवंबर 27: क्या तालिबान अमेरिकन हथियारों का सौदा पाकिस्तान के साथ कर चुका है और क्या तालिबान ने अमेरिकी हथियारों को पाकिस्तान भेजना शुरु कर दिया है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि अफगानिस्तान के कई पत्रकारों ने दावा किया है, कि अमेरिका ने जिन हथियारों को अफगानिस्तान में ही छोड़ दिया था, अब उन हथियारों को तालिबान पाकिस्तान तक पहुंचा रहा है।

पाकिस्तान जा रहे अमेरिकी हथियार

पाकिस्तान जा रहे अमेरिकी हथियार

अफगानिस्तान के पत्रकारों ने वीडियो ट्वीट करते हुए दावा किया है, तालिबान ने अमेरिकी हथियारों की खेप पाकिस्तान भेजनी शुरू कर दी है। बकायदा इसको लेकर वीडियो जारी किया गया है। वीडियो में बड़े बड़े ट्रकों पर हथियारों की खेप कहीं जाती दिख रही है और अफगान पत्रकारों ने दावा किया है कि, ये सभी हथियार अफगानिस्तान से पाकिस्तान भेजे जा रहे हैं। अफगान पत्रकारों का दावा है कि, तालिबान के ज्यादातर नेता पाकिस्तान के पालतू हैं, लिहाजा अब वो हथियारों की खेप पाकिस्तान पहुंचा रहे हैं। हालांकि, हम इस वीडियो की पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन अफगान पत्रकारों के दावों में अगर ये सच्चाई है, तो फिर ये भारत के लिए खतरे की घंटी है, क्योंकि, ये अमेरिकी हथियार किन लोगों के हाथ में जा रहे हैं और वो इन हथियारों का क्या इस्तेमाल करेंगे, इसकी कोई जानकारी किसी के पास नहीं है।

6 खरब 25 करोड़ के हथियार

अमेरिका और नाटो सेना अब अफगानिस्तान से जा रही थी, तो वो अपने पीछे करीब 62 अरब पाउंड यानि 85 अरब डॉलर के हथियार छोड़ गये थे। यानि, तालिबान के हाथों में अत्याधुनिक हथियार हैं। हालांकि, अमेरिका ने दावा किया था, कि वो ज्यादातर हथियारों को खराब कर चुका है, लेकिन तालिबान ने बाद में दावा किया था कि, ज्यादातर अमेरिकी हथियार ठीक कर लिए गये हैं। तालिबान के हाथ में अमेरिकी हथियारों का जखीरा लगा था, जिनमें अमेरिकी आमर्ड व्हीकल हंबी, विमान, लड़ाकू हेलीकॉप्‍टर, नाइट विजन गॉगल्‍स और ड्रोन विमान शामिल हैं। इसके अलावा कंधार एयरपोर्ट पर भी अत्याधुनिक यूएच-60 ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और अन्य उपकरण अमेरिकी सेना छोड़कर गई थी।

तालिबान के हाथ घातक हथियार

तालिबान के हाथ घातक हथियार

तालिबान के हाथ में यूएस हमवी समेत 2000 सैन्य वाहन भी लगे थे। तालिबान को हजारों की तादाद में घातक राइफलें और लेजर गाइडेड बम भी मिले थे। इनके अलावा कई घातक यूएच-60 ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर समेत 40 विमान भी तालिबान के हाथ लगे थे। जिनमें स्काउट अटैक हेलिकॉप्टर और स्कैन ईगल मिलिट्री ड्रोन भी थे। लिहाजा, अगर ये हथियार वास्तव में पाकिस्तान जा रहे हैं, तो ये पाकिस्तान के हाथ दुर्लभ खजाना लगने जैसा होगा। लेकिन, सवाल ये है कि, अगर वास्तव में ये हथियार पाकिस्तान जा रहे हैं, तो फिर अमेरिका इसको लेकर आवाज क्यों नहीं उठा रहा है और दूसरी सबसे बड़ी बात ये है कि, क्या ये हखियार किसी आतंकी संगठन को तो नहीं भेजे जा रहे हैं, ताकि भारत के खिलाफ साजिश की जा सके। हालिया दिनों में कश्मीर में एक बार फिर से आतंकी घटनाओं में इजाफा हुआ है, लिहाजा भारत के लिए ये बड़ी चिंता की बात है।

अमेरिकी राइफल्स भी पहुंचे पाकिस्तान?

अगर हम इन वीडियो को सही मानें, तो पता चल रहा है कि, अमेरिकी टैंकों की पाकिस्तान में सप्लाई की जा रही है। लेकिन सिर्फ टैंक ही नहीं, बल्कि कई अत्याधुनिक राइफल्स भी अमेरिका ने पाकिस्तान में छोड़ा था। अमेरिका ने 6 लाख इंफेंट्री हथियार, घातक एम16 असॉल्ट राइफल और 162,000 संचार उपकरण भी अफगान बलों को सौंपा था, जिनपर 15 अगस्त को तालिबान ने कब्जा कर लिया था। इनके अलावा भी अमेरिका ने अफगान सेना को 2003 से 16000 नाइट-विजन गॉगल्स उपकरण दिए थे और वो भी तालिबान के हाथ ही लगे थे। लिहाजा, सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या तालिबान पाकिस्तान स्थिति किसी आतंकी संगठन को तो ये हथियार नहीं सौंप रहा है? क्योंकि, इस बात की पूरी संभावना है कि, अमेरिकी हथियारों का इस्तेमाल सीधे तौर पर भारत के खिलाफ हो सकता है।

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