क्या एलन मस्क की Twitter डील के पीछे जैक डोर्सी हैं ? जानिए 'बदला प्लान'
नई दिल्ली, 26 अप्रैल: टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ट्विटर को खरीदने जा रहे हैं, यह खबर सुनकर सबसे ज्यादा खुश होने वालों में खुद इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के को-फाउंडर जैक डोर्सी भी हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि कंपनी सही हाथों में जा रही है। मस्क और डोर्सी की एक-दूसरे के प्रति दीवानगी कोई नहीं नहीं है। जब भी डोर्सी मुश्किलों में फंसे हैं, उन्हें समर्थन देने वालों में एलन मस्क सबसे आगे रहे हैं। पिछले साल के अंत में डोर्सी को जिन हालातों में ट्विटर के सीईओ पद से इस्तीफा देना पड़ा था, उसकी कड़वी यादें वह शायद कभी अपने दिल से नहीं निकाल पाए। वह ट्विटर के उसी बोर्ड से नाराज चल रहे थे, जिसके वे खुद भी सदस्य हैं। इसलिए यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि कहीं मस्क के हाथों ट्विटर को बिकवा कर डोर्सी ने अपनी कुर्सी छीने जाने का बदला तो नहीं लिया है?

एलन मस्क और जैक डोर्सी में दिखी है जुगलबंदी
एलन मस्क के ट्विटर खरीदने से इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के को-फाउंडर जैक डोर्सी बहुत ही ज्यादा खुश हैं। उनकी खुशी देखकर यह कहा जाने लगा है कि कहीं ट्विटर के पूर्व सीईओ ही तो इस डील के पीछे मुख्य भूमिका नहीं निभा रहे हैं? कुछ लोगों ने तो यहां तक कहना शुरू कर दिया है कि डोर्सी इस डील के पीछे का मुख्य किरदार ही नहीं निभा रहे हैं, बल्कि उन्होंने ट्विटर बोर्ड से बदला लेने के लिए ही पूरी योजना तैयार की है। वे सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि उन्हें लगता है कि मस्क का ट्विटर खरीदना, आखिरकार इसका सही दिशा में जाने की तरह है। यहां गौर करने वाली बात ये है कि एलन मस्क और जैक डोर्सी दोनों ने हमेशा एक-दूसरे की सराहना की है। कई गंभीर मसलों पर दोनों के विचार एक जैसे रहे हैं। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क पहले कई बार डोर्सी के समर्थन में कूद चुके हैं। 2020 में जब कथित रूप से डोर्सी पर पद छोड़ने का दबाव था, तो मस्क उन चंद लोगों में से थे, जो उनके समर्थन में आगे आए थे।
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डोर्सी के सीईओ रहते ट्विटर के कई विवाद भी जुड़ा
जैक डोर्सी ने 2006 में ट्विटर की स्थापना में को-फाउंडर की भूमिका निभाई थी। वह 2008 तक इसके सीईओ भी रहे। 2015 में वह फिर से ट्विटर के सीईओ बने और नवंबर, 2021 में नए सीईओ पराग अग्रवाल को जिम्मेदारी सौंपने तक इसी रोल में रहे। सीईओ के तौर पर उनके दूसरे कार्यकाल में दुनिया भर में ट्विटर से जुड़े कई विवाद भी सामने आए और इस सोशल मीडिया पर भेदभाव के गंभीर आरोप भी लगे। लेकिन, जब से कमान पराग के हाथों में गई है, उन्होंने ट्विटर बोर्ड में रहते हुए भी इसकी गतिविधियों से अपने को लगभग दूर कर लिया था।

जब डोर्सी पर आई मुश्किल तो मस्क ने दिया था साथ
ट्विटर के अंदर डोर्सी की कुर्सी पहली बार 2020 में डंवाडोल हुई थी। तब एलियॉट मैनेजमेंट ने ट्विटर के 1 बिलियन डॉलर का शेयर खरीदा था और कंपनी में बड़े बदलावों की मांग की थी, जिसमें डोर्सी को सीईओ पद से हटाना मुख्य लक्ष्य था। लेकिन, डोर्सी ने यह कहकर ऐसा करने से मना किया कि वह ट्विटर के एक संस्थापक हैं, इसलिए उन्हें इसे चलाते रहने देना चाहिए। उस समय जब डोर्सी ट्विटर बोर्ड से लड़ रहे थे तो मस्क ने उनका समर्थन करते हुए ट्विटर पर कहा था, 'सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि ट्विटर सीईओ के रूप में मैं जैक का समर्थन करता हूं। वे दिल से अच्छे हैं।'

ट्विटर बोर्ड से बढ़ गई थी दूरियां
लेकिन, पिछले साल एलियॉट मैनेजमेंट ने 200 मिलियन डॉलर से अधिक स्टॉक खरीदकर ट्विटर में अपनी होल्डिंग बहुत बढ़ी ली। इस समय ट्विटर की वैल्यू में 15 फीसदी की गिरावट आई थी। शायद इस वजह से हारकर डोर्सी को सीईओ का पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ गया। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक ट्विटर बोर्ड ने डोर्सी पर आरोप लगाया कि वह ट्विटर की कमाई की क्षमता पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और अपना टाइम स्कॉयर के सीईओ के तौर पर खर्च कर रहे हैं, जिसमें उनकी संपत्ति का लगभग 85 फीसदी हिस्सा था। उनपर यह भी आरोप लगाया गया कि वह बहुत ढीले हैं, और काम करने की जगह बातें ज्यादा बनाते हैं। 2015 में जब वे ट्विटर के दोबारा सीईओ बने थे तो एक दोस्त के तौर पर मस्क ने भी उन्हें एक साथ दो कंपनियां नहीं चलाने की सलाह दी थी।

ट्विटर बोर्ड के दबाव में छोड़नी पड़ी थी कुर्सी
पिछले साल जब जैक डोर्सी ने ट्विटर सीईओ के पद से इस्तीफा दिया तो यह इतना अचानक था कि नए सीईओ पराग अग्रवाल को कंपनी के कामकाज को उस स्तर पर समझने का मौका भी नहीं मिला। ट्विटर के कर्मचारियों को भी उनका रवैया खटक गया था। लेकिन, उन्होंने कभी भी अपने इस्तीफे का कारण नहीं बताया। वैसे माना जाता है कि बोर्ड के दबाव में उन्हें अचानक इस्तीफा देना पड़ गया। जाते-जाते ट्विटर सीईओ के तौर पर वह सिर्फ इतना ट्वीट कर गए कि 'यह अपने संस्थापकों से आगे बढ़ने के लिए तैयार है।' हाल में जब ट्विटर मस्क के ऑफर पर विचार कर रहा था, तो डोर्सी ने बोर्ड के सदस्यों पर तंज करते हुए सिर्फ इतना कहा था कि 'कंपनी में लगातार शिथिलता बनी हुई है।'

क्या इस डील के पीछे जैक डोर्सी का बदला है?
अब जब एलन मस्क ने डील पक्की कर ली है तो डोर्सी की खुशी देखकर ट्विटर पर संभावित 'खेल' को लेकर खूब चर्चा हो रही है। कहा जा रहा है कि ट्विटर के बिकने में दोनों के बीच कोई तालमेल लग रहा है। उदाहरण के लिए सिलिकन वैली के एक प्रभावशाली टेक जर्नलिस्ट कारा स्विशर ने एक ट्वीट में लिखा है, 'क्रेजी थाउट है कि क्या जैक डोर्सी ही पूरे मामले के मास्टरमाइंड हैं।' यह विचार सिलिकन वैली के ही एक वेंचर कैप्टलिस्ट डेविड सै. के ट्वीट पर आया है।












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