इराक में कलाकृतियों की तस्करी के आरोप में ब्रिटिश नागरिक को 15 साल की जेल की सजा
इराक की अदालत ने एक ब्रिटिश नागरिक को देश से बाहर कलाकृतियों की तस्करी के आरोप में 15 साल की जेल की सजा सुनाई है।
बगदाद, 6 जून : इराक की एक अदालत ने सेवानिवृत भूविज्ञानी जिम फिटन (Jim Fitton) को कलाकृतियों की तस्करी के मामले में 15 साल की जेल की सजा सुनाई है। बचाव पक्ष के वकील को यह उम्मीद नहीं थी कि जिम को इतने सालों की सजा सुनाई जाएगी। वहीं, जिम फिटन के साथ एक और जर्मन नागरिक को रिहा पर कोई आरोप साबित नहीं होने को लेकर उन्हें जल्द रिहा किए जाने की उम्मीद है।

कोर्ट के फैसले से अचंभित हुए वकील
कोर्ट के इस फैसले से अंचभित फिटन के वकील थायर सूद ने मीडिया को बताया कि, उन्हें लगा कि कोर्ट की तरफ से ज्यादा से ज्यादा एक साल की सजा सुनाई जा सकती है।वहीं, कोर्ट ने पाया कि, जिम फिटन 200 साल से अधिक पुरानी वस्तुओं को देश से बाहर बेचने का इरादा रखते थे और यह अपराध की श्रेणी में आता है। फिटन इन कलाकृतियों को देश से बाहर बेचना चाहते थे।
इराकी कानून की जानकारी नहीं
इस पर फिटन के वकील ने कहा कि, उनके मुव्वकिल (Client) को इराकी कानूनों के बारे में जानकारी नहीं थी। खबर के मुताबिक, फिटन और जर्मन नागरिक वोल्कर वाल्डमैन (Volker Waldmann) को 20 मार्च को बगदाद हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। हवाई अड्डे पर जांच के दौरान उनके सामान से कई कलाकृतियां प्राप्त हुई थी।
इराक में तस्करी के लिए कड़ा कानून
वाल्डमैन की वकील ने कहा है कि जर्मन पर्यटक फिटन के लिए वह कलाकृतियों के टुकड़े ले जा रहा था, लेकिन उसने उन्हें साइट से नहीं उठाया था। हालांकि, दोनों आरोपियों पर देश के पुरावशेष कानून के तहत तस्करी करने का आरोप लगाया गया। अधिकारियों ने अनुमान लगाया था कि, इस गुनाह के लिए आरोपी को संभावित मौत तक की सजा हो सकती थी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ।
कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे फिटन के वकील
वहीं, फिटन के वकील ने कहा कि वे कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ तुरंत अपील करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि, क्या फिटन अपने देश में सजा काटेगा,क्योंकि इसके लिए इराक और यूके (United Kingdom) के बीच द्विपक्षीय समझौते की आवश्यकता होगी।












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