Iran’s president: हेलीकॉप्टर हादसे में इब्राहिम राईसी की मौत, मोहम्मद मोखबर बन सकते हैं नये राष्ट्रपति
Iran's president helicopter crash: ईरानी मीडिया ने दावा किया है, कि ईरान के राष्ट्रपति के दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर तक अधिकारी पहुंच गये हैं और इस हादसे में ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम राईसी की मौत हो गई है। ईरानी सरकारी टीवी ने पहले कहा था, कि हेलीकॉप्टर का मलबा मिल गया है, लेकिन किसी 'जिंदगी के कोई निशान नहीं मिले हैं।' वहीं, अब ताजा रिपोर्ट में उनकी मौत की बात कही गई है।
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रमुख पीर होसैन कोलिवांड ने कहा है, कि बचाव दल हेलीकॉप्टर तक पहुंच गया है।
उन्होंने पहले कहा था, कि वे हेलीकॉप्टर को लगभग 2 किलोमीटर दूर से देखा गया है। रेड क्रिसेंट ने भी अपने पहले बयान में कहा था, कि उसे दुर्घटनास्थल पर "हेलीकॉप्टर में सवार लोगों के जीवित होने का कोई निशान नहीं" मिला है, ईरानी राष्ट्रपति राईसी और उनके साथ आए अधिकारियों के मारे जाने की आशंका है।

आपको बता दें, कि ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम राईसी, देश के विदेश मंत्री और अन्य अधिकारियों को ले जा रहा हेलीकॉप्टर रविवार को ईरान के उत्तर-पश्चिमी पहाड़ी इलाकों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वे 12 घंटे से अधिक ज्यादा समय से लापता हैं। अब रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि हादसे में ईरानी राष्ट्रपति की मौत हो चुकी है।
मोहम्मद मोखबर बन सकते हैं नये राष्ट्रपति
ईरानी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब उपराष्ट्रपति मोहम्मद मोखबर देश के अगले राष्ट्रपति बन सकते हैं। ईरानी संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति की मृत्यु या अक्षमता की स्थिति में, पहला उपराष्ट्रपति अधिकतम 50 दिनों की अवधि के भीतर चुनाव होने तक राष्ट्रपति के कार्यों को संभालेगा।
अन्य देशों के विपरीत, ईरान का पहला उपराष्ट्रपति एक नियुक्त पद होता है - निर्वाचित नहीं। 1989 में प्रधानमंत्री का पद खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री की कुछ शक्तियां उपराष्ट्रपति को सौंपी गई थी। ईरान का पहला उपराष्ट्रपति एक नियुक्त पद होता है - निर्वाचित नहीं। 1989 में प्रधानमंत्री का पद खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री की कुछ शक्तियां उपराष्ट्रपति को सौंपी गई थी।
Another picture showing what’s left of president Raisi’s helicopter after it crashed into the mountain. https://t.co/wRHbXrjqOY pic.twitter.com/TwJ5ODXsky
— Ali Hashem علي هاشم (@alihashem_tv) May 20, 2024
ईरान में कई उप-राष्ट्रपति होते हैं और वे ज्यादातर कैबिनेट सदस्यों के रूप में काम करते हैं। लेकिन मोखबर का पद बाकी उपराष्ट्रपतियों में प्रमुख प्रथम पद माना जाता है। राईसी ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद अगस्त 2021 में मोखबर को अपना पहला उप-राष्ट्रपति नियुक्त किया था। संविधान में संशोधन के बाद से वह इस भूमिका में सेवा देने वाले सातवें व्यक्ति हैं।
उपराष्ट्रपति पद पर अपनी नियुक्ति से पहले, मोखबर ने 14 वर्षों तक ईरान के सेताड के प्रमुख के रूप में कार्य किया, जो एक शक्तिशाली आर्थिक समूह है जो ज्यादातर धर्मार्थ कार्यों पर केंद्रित है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये संगठन, जो ईरानी सर्वोच्च नेता के सीधे नियंत्रण में होता है, उसकी कीमत दसियों अरब डॉलर आंकी गई है।
मोखबर की देखरेख में, सेताद ने कोविड-19 महामारी के चरम पर ईरान के कोरोनोवायरस वैक्सीन, कोविरन बरेकाट को विकसित किया था। लेकिन वैक्सीन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए गए हैं, इसे प्राप्त करने के बाद लोगों को गंभीर चिकित्सा प्रतिक्रियाओं का सामना करने की रिपोर्ट मिली है।












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