परमाणु समझौते से अलग हुआ ईरान, फिर से शुरू करेगा कार्यक्रम
नई दिल्ली। अमरीका के साथ बढ़ते तनाव के बाद ईरान ने रविवार शाम घोषणा की है वो 2015 के परमाणु समझौते के तहत लागू की गईं पाबंदियों का पालन अब नहीं करेगा। ईरान के सरकारी टीवी में कहा गया है कि ईरान अब 2015 के अपने परमाणु समझौते का किसी भी सूरत में पालन नहीं करेगा। साथ ही ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम भी फिर से शुरू करेगा। वहीं, बगदाद में अमेरिका के दूतावास के पास रॉकेट से हमला हुआ है। जानकारी के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कम से कम दो रॉकेट दूतावास के पास गिरे।

बता दें कि, 2015 के समझौते के अनुसार, ईरान अपनी संवेदनशील परमाणु गतिविधियों को सीमित करने और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को आने की अनुमति दी थी। इसके बदले में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म किया गया था। अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 2018 में इस समझौते को रद्द कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वो ईरान से नया समझौता करना चाहते हैं जो उसके परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल के विकास पर अनिश्चितकालीन रोक लगाएगा।
ईरान के इस ऐलान के बाद तुर्की ने लीबिया में सैनिकों की तैनाती करना शुरू कर दिया है। तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैय्यप मे कहा कि लीबिया में तुर्की के सैनिकों की तैनाती शुरू हो गई है।उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान में 52 स्थान चिन्हित किए हैं और अगर ईरान ने अपने कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने की कोशिश करेगा तो अमेरिका ईरान के ठिकानों पर बहुत तेज और बहुत खतरनाक हमला करेगा।
तनातनी के बीच यूरोपीय संघ ने अमन और शांति बहाली की अपील की है। यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेफ बॉरेल ने शनिवार को तनाव घटाने पर जोर दिया और दोनों देशों से शांति बहाली की अपील की। बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को ईरान, ओमान, यूएई और अमेरिका के विदेश मंत्रियों से बात की और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर भारत की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। विदेश मंत्री ने अपने ईरानी समकक्ष जवाद जरीफ से बात की और कहा कि भारत क्षेत्र में तनाव के बढ़ते स्तर को लेकर बेहद चिंतित है।












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