ईरान में 5000 स्कूली छात्राओं को किसने दिया जहर? पहली बार गिरफ्तारी के बाद भी रहस्य बरकरार
ईरान में पिछले साल सितंबर महीने से 22 साल की कुर्द लड़की महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में संदिग्ध मौत के बाद प्रदर्शन शुरू हुए थे और इस मामले को भी महसा अमीनी की मौत से जोड़कर देखा जा रहा है।

Iran News: ईरान में स्कूली छात्राओं को जहर देने के मामले में पहली बार गिरफ्तारी की गई है और करीब 5 हजार छात्राओं को जहर दिए जाने के बाद सरकार पहली बार गिरफ्तारी करने में कामयाब हो पाई है। अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है, कि आखिर दर्जन भर राज्यों के दर्जनों स्कूलों में एक साथ कैसे हजारों छात्राओं पर जहर से हमला किया गया है। हालांकि, नागरिकों के गुस्से के बीच सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई ने सोमवार को इसे "अक्षम्य अपराध" बताया है और अपराधियों को "बिना किसी दया के" ट्रैक करने के लिए कहा था, जिसके बाद पहली बार गिरफ्तारी की गई है।
सरकार ने की पहली गिरफ्तारी
ईरानी आंतरिक मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, कि "कई लोगों" को खतरनाक पदार्थों को बनाने के शक के घेरे में रखा गया है और एक छात्र के माता-पिता के साथ कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आंतरिक मंत्रालय ने कहा है, कि 6 प्रांतों में गिरफ्तारी अभियान चलाया गया है। वहीं, ईरान के उप आंतरिक मंत्री माजिद मिरहमादी ने मंगलवार को राज्य टेलीविजन को बताया, कि "खुफिया एजेंसियों" ने कई गिरफ्तारियां की हैं, "और संबंधित एजेंसियां पूरी जांच कर रही हैं"। आपको बता दें, कि ईरानी स्कूलों में पिछले साल नवंबर महीने से ही लड़कियों पर जहर से हमला किया जा रहा है, जिसमें एक की मौत हुई है। ज्यादातर मामलों में छात्राओं को उल्टियां आई हैं और सांस लेने तकलीफ हुई है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सैकड़ों छात्राओं का अभी भी अलग अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

25 प्रांतों में हुआ है जहरीला हमला
ईरान की संसदीय फैक्ट फाइडिंग कमेटी के सदस्य मोहम्मद-हसन असफरी ने सोमवार को आईएसएनए समाचार एजेंसी को बताया था, कि "पच्चीस प्रांतों के करीब 230 स्कूल जहरीले हमले में प्रभावित हुए हैं, और 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं को जहर दिया गया है।" उन्होंने कहा, कि जहर की पहचान करने के लिए कई तरह के टेस्ट किए जा रहे हैं और अब तक, इस्तेमाल किए गए जहर के प्रकार के बारे में कोई विशेष जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।" वहीं, छात्राओं पर जहर से होने वाले हमलों को लेकर पूरे ईरान में गुस्से की लहर फूट पड़ी है और कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। जबकि, आंतरिक मंत्रालय के बयान के मुताबिक, ईरान के खुज़ेस्तान, पश्चिमी अजरबैजान, फ़ार्स, केरमानशाह, खुरासान और अल्बोर्ज़ प्रांतों में गिरफ्तारियां की गईं हैं।

ईरान सरकार ने क्या कहा?
ईरान के आंतरिक मंत्रालय ने कहा है, कि "गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक ने कथित तौर पर अपने बच्चे का इस्तेमाल स्कूल में "अड़चन" डालने के लिए किया था, और फिर बीमार छात्रों के वीडियो रिकॉर्ड किए और फिर वीडियो को मीडिया के पास भेजा, ताकि स्कूली छात्रों में खौफ पैदा किया जा सके। बयान में कहा गया है, कि तीन संदिग्धों का आपराधिक रिकॉर्ड है, जो "हाल के दिनों में हुए दंगों में शामिल थे।" आपको बता दें, कि ईरान में पिछले साल सितंबर महीने में पुलिस हिरासत में 22 साल की कुर्द लड़की महसा अमीनी की मौत के बाद देशभर में हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन किए गये, जिसको लेकर हजारों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है और कई प्रदर्शनकारियों को फांसी भी दी गई है। वहीं, कई रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है, कि छात्राओं को डराने के लिए सरकार के इशारे पर ही जहरीला हमला करवाया गया है, क्योंकि आम लोगों के लिए एक साथ 25 प्रांतों के दर्जनों स्कूलों में जहर से हमला करवाना संभव नहीं था।
ईरानी स्कूलों में पसरा है खौफ
वहीं, ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने पिछले हफ्ते आंतरिक और खुफिया मंत्रालयों को जहर देने के मामलों पर लगातार अपडेट देने के लिए कहा था और उन्होंने जहर देने के मामले को ईरानी छात्राओं के मन में खौफ पैदा करने के लिए घटना को दुश्मनों की साजिश करार दिया है। जबकि, आंतरिक मंत्रालय ने सोमवार को कहा है, कि "अस्पताल में स्थानांतरित किए गए पांच प्रतिशत से कम छात्रों में उत्तेजक सामग्री पाई गई, जिससे उनका स्वास्थ्य खराब हो गया।" आंतरिक मंत्रालय ने कहा, कि "सौभाग्य से, अब तक, चिकित्सा केंद्रों में लाए गये किसी भी छात्र में कोई जहरीला या खतरनाक पदार्थ नहीं पाया गया है।" वहीं, अमेरिका ने छात्राओं को जहर दिए जाने के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।












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