पुलवामा हमला: ईरान ने कहा- हम दोनों पाकिस्तानी आतंकियों से जूझ रहे हैं, बहुत हुआ अब
तेहरान। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार को ईरान के उप विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अरागची के साथ मुलाकात की, जहां दोनों मंत्रियों के बीच इस क्षेत्र में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए द्विपक्षीय संबंधों और देशों के बीच निकट सहयोग पर चर्चा हुई। सुषमा स्वराज अपने तीन देशों के दौरे के तहत बुल्गारिया पहुंची, लेकिन उससे पहले ईरान में उनका एक संक्षिप्त ठहराव था, जहां वे ईरान के उप विदेश मंत्री अरागची से मिलीं। दोनों नेताओं ने इसी सप्ताह जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले पर खासतौर से चर्चा की।

सुषमा स्वराज से मुलाकात कर हसन रूहानी सरकार के मंत्री अरागची ने ट्वीट कर कहा, 'ईरान और भारत पिछले कई दिनों में दो जघन्य आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ा है, जिसकी वजह से बहुत नुकसान हुआ है। आज भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ मेरी मुलाकात में इस क्षेत्र में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए निकट सहयोग पर सहमत व्यक्त की। अब बहुत हो गया है!'
बता दें कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा में जिस दिन सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था, उससे एक दिन पहले (13 फरवरी) ईरान की सेना पर बिल्कुल ऐसा ही अटैक हुआ था, जिसमें उनके 27 सैनिक मारे गए थे। ईरान के दक्षिण पूर्व में पाकिस्तान से लगने वाले सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के काफिले से बारूद से भरी एक कार के टकराने के बाद धमाका हुआ था। ईरान की सीमा पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी जैश-अल-अदल ने ली थी। सिस्तान-बलूचिस्तान में जैश-अल-अदल एक आतंकी संगठन है, जिसे पाकिस्तान का समर्थन मिलता रहा है।
ईरान में हुए हमले के एक दिन बाद जम्मू कश्मीर के पुलवामा के अवंतिपोरा में सेना के काफिले से बारूद से भरी एक टकरा गई और धमाका हो गया, जिसमें 40 से अधिक जवान शहीद हो गए। इस हमले के कुछ ही मिनटों के बाद पाकिस्तान में संचालित जैश ए मोहम्मद आतंकी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी ली।












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