पाकिस्तान को ईरान दिन में दिखा रहा तारे, 18 अरब डॉलर का लगाएगा जुर्माना! जहन्नुम में जाएगा जिन्ना का देश?

पाकिस्तान की फितरत हमेशा से दूसरों को धोखा देने की रही है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत ईरान अपने हिस्से का काम पूरा कर चुका है, जबकि पाकिस्तान ने काम की शुरूआत भी नहीं की है।

iran pakistan gas pipeline project

Iran Pakistan: पाकिस्तान एक तरह से गृहयुद्ध में फंसा हुआ है और इमरान खान की सेना और शहबाज सरकार से आरपार की लड़ाई चल रही है।

दूसरी तरफ पाकिस्तान पर अगले महीने दिवालिया होने का खतरा मंडरा रहा है। करीब करीब साफ हो गया है, कि आईएमएफ से अब पाकिस्तान को कर्ज नहीं मिलेगा, लिहाजा अगले महीने पाकिस्तान डिफॉल्ट कर जाएगा, इस बीच ईरान अब पाकिस्तान को दिन में तारे दिखाने वाला है।

पाकिस्तान की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) ने बुधवार को चिंता जताई है, कि कि अगर देश ईरान-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन परियोजना को आगे नहीं बढ़ाता है, तो पाकिस्तान को 18 अरब डॉलर का जुर्माना देना होगा।

पाकिस्तान, जो आईएमएफ से 1.1 अरब डॉलर के कर्ज के लिए पिछले साल भर से हाथ-पांव मार रहा है और जमीन में लोट रहा है, वो भला ईरान को 18 अरब डॉलर का जुर्माना कहां से देगा? लिहाजा, पाकिस्तान के साथ क्या हो सकता है, इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं और अतीत में पाकिस्तान ने जितना ईरान को परेशान किया है, उसे देखकर ये भी नहीं लगता, कि ईरान, किसी तरह का रहम पाकिस्तान को दिखाने वाला भी है।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अमेरिका पाकिस्तान और ईरान को गैस पाइपलाइन परियोजना पर आगे बढ़ने की मंजूरी नहीं देता है, तो फिर पाकिस्तान को 18 अरब डॉलर का जुर्माना भरना होगा।

पाकिस्तान की लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष नूर आलम खान ने कहा, कि "संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने डबल स्टैंडर्ड से दूर रहना होगा, क्योंकि ऊर्जा जरूरतों को लेकर उसका भारत को लेकर अलग रूख है और पाकिस्तान को लेकर अलग रूख है।"

ईरान ने दी है पाकिस्तान को धमकी

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पीएसी को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें कहा गया है, वॉशिंगटन से जब अमेरिका के राजदूत वापस पाकिस्तान लौट आएंगे, तो इस बाबत उनके साथ एक बैठक की जाएगी।

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने कहा, कि "ईरान-पाकिस्तान (आईपी) गैस पाइपलाइन परियोजना का पाकिस्तान के लिए काफी ज्यादा महत्व है और पाकिस्तान सरकार इस परियोजना पर आगे बढ़ने के लिए तमाम विकल्पों की तलाश कर रही है और इससे जुड़े तमाम पक्षों से बातचीत करने की योजना बना रही है, जिसमें अमेरिका भी शामिल है।"

पाकिस्तानी मंत्रालय ने कहा, कि "पाकिस्तान पाक स्ट्रीम पाइपलाइन परियोजना के लिए प्रतिबद्ध है, और दोनों पक्ष बकाया मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।"

हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि पाकिस्तान की ये सभी प्लानिंग सिर्फ बहानेबाजी है और पाकिस्तान, ईरान के साथ गैस पाइपलाइन पर आगे ही नहीं बढ़ना चाहता है और इसीलिए फरवरी महीन मे ईरान ने जुर्माना ठोकने की धमकी भी दी थी।

फरवरी में ईरान ने कहा था, कि अगर पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं होता है, तो वो कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के ऊपर 18 अरब डॉलर, यानि करीब 48 हजार 960 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाएगा।

क्या है ईरान-पाकिस्तान में समझौता?

पाकिस्तान और ईरान के बीच गैस पाइपलाइन को लेकर ये समझौता साल 2009 में किया गया था, जब पाकिस्तान में बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सरकार थी।

इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच 800 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निर्माण होना था और फिर इस पाइपलाइन के जरिए ईरान से पाकिस्तान में गैस की सप्लाई होनी थी। लेकिन, ये प्रोजेक्ट पिछले 14 सालों से फंसा हुआ है।

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    ईरान अपने हिस्से का काम सालों पहले पूरा कर चुका है, लिहाजा उसने भारी मात्रा में पैसा इस प्रोजेक्ट में खर्च कर दिए हैं और आगे का काम पाकिस्तान को करना है, जिससे वो मुकर गया है और इसके पीछे उसने अमेरिकी प्रतिबंधों का हवाला दिया है।

    लेकिन, पाकिस्तान का डबल गेम देखिए, अमेरिका ने ईरान पर 2018-19 में प्रतिबंध लगाए थे और उससे पहले भी पाकिस्तान ने इस पाइपलाइन को लेकर एक मीटर का भी काम नहीं किया है, इसीलिए ईरान उसकी नीयत पर सवाल उठा रहा है।

    ईरान ने दर्जनों बार पाकिस्तान से पाइपलाइन बिछाने को लेकर आग्रह किया, लेकिन पाकिस्तान हर बार नये बहाने बना देता है, जिससे तंग आकर ईरान ने फरवरी महीने में तय कॉन्ट्रैक्ट के तहत पाकिस्तान पर 18 अरब डॉलर का जुर्माना लगाने की धमकी दी थी, जिसके बाद पाकिस्तान हरकत में आया है, लेकिन दिक्कत ये है, कि पाकिस्तान के पास पैसे ही नहीं हैं, कि वो पाइपलाइन का काम आगे बढ़ा सके।

    ईरान ने पाकिस्तान को मार्च 2024 तक का अल्टीमेटम दिया है। ईरान ने कहा है, कि अगर मार्च 2024 से पहले पाकिस्तान अपने क्षेत्र में गैस पाइपलाइन का काम पूरा कर लेता है, तो बहुत अच्छी बात है, अन्यथा ईराने, पाकिस्तान के खिलाफ आगे की कार्रवाई करेगा।

    ईरान ने पाकिस्तानी अधिकारियों के सामने साफ कर दिया है, कि उसे हर हाल में तय समय सीमा से पहले गैस पाइपलाइन काम पूरा करना होगा, अन्यथा वो जुर्माना चुकाने के लिए तैयार हो जाए।

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