Poisonings in Iran: ईरान में लड़कियों को जहर देने के आरोप में 100 से अधिक लोग गिरफ्तार, सरकार ने किया खुलासा
poisoning of schoolgirls in Iran: ईरान में पिछले साल 16 सितंबर को हिजाब विरोधी प्रदर्शन शुरू हुए थे। इसके बाद करीब पांच हजार छात्राएं रहस्यमयी तौर पर बीमार हो गई थीं।

Image: PTI
ईरान में लड़कियों को जहर दिए जाने का मामला दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली लड़कियों पर विषैली गैस व रसायन का हमला हुआ जिसके बाद कईयों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस बीच ईरानी हुकूमत गुनहगारों को सख्त सजा देने का भरोसा किया है। ईरान में आंतरिक मंत्रालय ने घोषणा की है कि देश भर में छात्राओं को जहर देने के मामले में 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर करीब 230 स्कूलों में करीब पांच हजार छात्राओं को जहर देने का आरोप लगा है।
छात्राओं का हौसला तोड़ना मकसद
मंत्रालय ने शनिवार को स्कूलों में हाल की घटनाओं के बारे में जारी अपने चौथे बयान में कहा कि तेहरान, कोम, ज़ंजन, खुज़ेस्तान, हमीदान, फ़ार्स, गिलान, पश्चिम अज़रबैजान, पूर्वी अज़रबैजान, कोर्डेस्तान और खुरासान रज़ावी प्रांतों में 100 से अधिक लोगों की पहचान की गई, उन्हें गिरफ्तार किया गया और जांच की गई। बयान में कहा गया है, "प्रारंभिक पूछताछ से पता चलता है कि इनमें से कई लोगों ने शरारत या दुस्साहस से और कक्षाओं को बंद करने के उद्देश्य से ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है।"
अधिकांश आरोपी सरकारी कर्मचारी
बयान के मुताबिक इस घटना में अधिकांश आरोपी सरकारी कर्मचारी हैं। इन्होंने जानबूझकर छात्राओं के पानी में धीमा जहर मिलाया। लड़कियों पर जहर से हमले की वजह ईरान में पिछले साल महिसा अमिनी की मौत के बाद शुरू हुए प्रदर्शनों को माना जा रहा है। पिछले साल 16 सितंबर को ईरान के कई शहरों में हिजाब विरोधी प्रदर्शन शुरू हुए थे। तब बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपने अधिकारों की मांग की थी, जिससे इस्लामिक कट्टरपंथी खफा हो गए थे। तभी से वहां लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ आपराधिक घटनाओं में तेजी आई।
ईरान सरकार की हो रही बेइज्जती
दुनिया में लड़कियों को जहर दिए जाने के बाद ईरान सरकार की काफी बेइज्जती हो रही है। सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई के कड़े रूख के बाद प्रशासन हरकत में आया है। खामनेई ने इससे पहले कहा था कि जो भी कसूरवार हो, उसे फांसी पर लटकाया जाए। इसके बाद इब्राहिम रईसी की सरकार पर दबाब बढ़ गया। सरकारी न्यूज एजेंसी 'इरना' के मुताबिक- होम मिनिस्ट्री ने साफ कर दिया है कि इस मामले की जांच लंबी चलेगी। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद सबूत जुटाए जाएंगे। बहुत मुमकिन है कि कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया जाए।












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