पड़ोसी देशों से बोला ईरान- 'ट्रंप 70 दिनों में चले जाएंगे, लेकिन हम हमेशा यहां रहेंगे'
नई दिल्ली। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप से राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद ईरान जैसे कई मुस्लिम देशों ने जो बाइडेन से नए रिश्तों की उम्मीद जताई है। इसी बीच ऐसी भी खबरें हैं कि अपने बचे हुए कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बड़े फैसले ले सकते हैं जिसमें से ईरान पर नए प्रतिबंधों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप की इस योजना के बारे में सुनने के बाद ईरान ने मध्य पूर्व में अपने प्रतिद्वंद्वियों से कहा है कि भविष्य में उनकी मदद करने के लिए वाशिंगटन पर ज्यादा भरोसा न करें। ईरान के विदेश मंत्री महंमद जावद झरीफ ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि ट्रंप 70 दिनों में चले जाएंगे, लेकिन हम हमेशा के लिए यहां बने रहेंगे।

महंमद जावद झरीफ ने सोमवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक ही ट्वीट दो भाषाओं- अंग्रेजी और अरबी में किया। अपने ट्वीट में ईरान के विदेश मंत्री महंमद जावद झरीफ कहा, 'सुरक्षा प्रदान करने के लिए बाहरी लोगों पर दांव लगाना एक अच्छा जुआ नहीं है, हम मतभेदों को हल करने के लिए बातचीत के लिए अपने पड़ोसियों की तरफ अपना हाथ बढ़ाते हैं। केवल एक साथ ही हम सभी के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।' मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद जवाद का यह बयान ईरान के खिलाफ ताजा प्रतिबंधों की 'बाढ़' लाने की अमेरिका की योजना के एक दिन बाद पड़ोसी देशों के लिए आया है।
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बता दें कि रविवार को अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस ने दो अज्ञात इजरायली स्रोतों का हवाला देते हुए कहा, ट्रंप प्रशासन 20 जनवरी को राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाले जो बाइडेन के कार्यालय से पहले 10 सप्ताह के लिए हर हफ्ते एक नई मंजूरी की घोषणा करने का इरादा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रतिबंधों को वाशिंगटन से संबद्ध कई अरब राज्यों के समन्वय में योजनाबद्ध किया जा रहा है। एक्सियोस ने कहा कि अमेरिकी विशेष प्रतिनिधि इलियट अब्राम्स रविवार को इजरायल में थे, जहां उन्होंने ईरान पर नए प्रतिबंधों पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की।












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