Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप

US Israel Iran War News: मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान ने दावा किया है कि उसके मिसाइल हमलों ने इस क्षेत्र में मौजूद तमाम अमेरिकी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। ईरान के मुताबिक, वहां तैनात अमेरिकी कमांडर और सैनिक अब अपनी जान बचाने के लिए बेस छोड़कर गुप्त ठिकानों में छिपे हुए हैं।

ईरानी सेना ने अब स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे इन सैनिकों के ठिकानों की जानकारी दें ताकि उन्हें क्षेत्र से बाहर निकाला जा सके।

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क्या ठिकानों से भाग निकले अमेरिकी सैनिक?

ईरानी सेना IRGC के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने टेलीग्राम पर जारी संदेश में कहा है कि अमेरिकी बेस अब सुरक्षित नहीं रहे। उनके मुताबिक, जो सैनिक और कमांडर हमलों में बच गए हैं, वे अब बेस के बाहर इधर-उधर शरण ले रहे हैं। ईरान ने इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए साफ कर दिया है कि वह अब इन सैनिकों की तलाश कर रहा है।

कहां हुआ हमला और किस बेस को बनाया निशाना?

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने पूरी रणनीति के साथ मिडिल-ईस्ट के कई देशों में फैले अमेरिकी ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया है। इस घातक जवाबी कार्रवाई में कतर, बहरीन और सऊदी अरब जैसे देशों में स्थित अमेरिका के सैन्य अड्डों पर मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स की बारिश की गई। ईरान ने न केवल सैन्य ठिकानों, बल्कि दूतावासों और ऊर्जा से जुड़ी अहम अवसंरचनाओं (Infrastructure) को भी अपना टारगेट बनाया है।

अमेरिका को कितना हुआ नुकसान?

रिपोर्ट में सबसे डराने वाला दावा यह है कि मिडिल-ईस्ट में स्थित 13 अमेरिकी सैन्य बेस अब पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुके हैं और वहां रुकना अब नामुमकिन है। इन हमलों में एयरबेस पर खड़े विमानों के रनवे और हैंगर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। तेल और ईंधन सप्लाई करने वाली प्रणालियां जलकर राख हो गई हैं।सैन्य अभियानों के लिए जरूरी रसद और सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो गई है।

ईरान ने ठुकराया ट्रंप का शांति प्रस्ताव

कूटनीतिक मोर्चे पर भी तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने वाशिंगटन की ओर से आए 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव और एक महीने के युद्धविराम के अनुरोध को खारिज कर दिया है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा गया था, लेकिन ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ और 'अत्यधिक' बताया है।

युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की 5 शर्तें

  • हमलों पर पूर्ण रोक: अमेरिका और इजरायल द्वारा की जा रही सैन्य कार्रवाई और 'टारगेटेड किलिंग' (Assassinations) को तुरंत और पूरी तरह से रोका जाए।
  • सुरक्षा की ठोस गारंटी: भविष्य में ईरान पर दोबारा युद्ध न थोपा जाए, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत और पुख्ता तंत्र (Mechanism) बनाया जाए।
  • युद्ध के नुकसान का मुआवजा: युद्ध के दौरान ईरान को हुए आर्थिक और बुनियादी ढांचे के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की राशि और भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से तय की जाए।
  • सभी मोर्चों पर शांति: युद्ध केवल एक जगह नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में सक्रिय सभी रेजिस्टेंस ग्रुप्स (Resistance Groups) और सभी मोर्चों पर एक साथ समाप्त होना चाहिए।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर संप्रभुता: 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर ईरान के पूर्ण अधिकार और संप्रभुता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता और गारंटी दी जाए।

अमेरिका में ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल

युद्ध का असर अमेरिका के घरेलू हालातों पर भी पड़ रहा है। एक ताजा सर्वे में खुलासा हुआ है कि 59% अमेरिकी नागरिक मानते हैं कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई जरूरत से ज्यादा है। लोग अब युद्ध से ज्यादा पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर डरे हुए हैं।

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