Iran War Update: 49 दिन बाद खुल गया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान ने किया ऐलान, कैसे बनी बात?
Iran War Update: ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि Strait of Hormuz अब युद्धविराम की बची हुई अवधि तक "पूरी तरह खुला" रहेगा। इसका मतलब है कि दुनिया भर के सभी कमर्शियल जहाज बिना किसी रुकावट के इस अहम समुद्री रास्ते से गुजर सकेंगे। अराघची ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए साझा की।
कैसे बनी बात?
अराघची ने अपने पोस्ट में साफ लिखा कि यह फैसला लेबनान में चल रहे युद्धविराम के अनुरूप लिया गया है। उन्होंने कहा, "स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग को युद्धविराम की शेष अवधि के लिए पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है।" साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि जहाज उसी तय मार्ग से गुजरेंगे, जिसकी घोषणा पहले ही ईरान के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन द्वारा की जा चुकी है।

क्यों है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना अहम?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से रोजाना वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और ग्लोबल ट्रेड पर सीधा असर पड़ता है। इसलिए इसका खुला रहना सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए राहत की खबर है।
पिछले 2-3 हफ्तों में क्या रहा हाल?
पिछले 2-3 हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। कई रिपोर्ट्स में सामने आया कि US Central Command की तरफ से क्षेत्र में नौसैनिक गतिविधियां तेज कर दी गई थीं। वहीं, ईरान ने भी कुछ जहाजों को रोकने और जांच करने की कार्रवाई की थी, जिससे व्यापारिक जहाजों में डर का माहौल बन गया था। कुछ मामलों में जहाजों को वापस लौटने के लिए भी मजबूर होना पड़ा।
युद्धविराम के बाद क्यों बदला रुख?
हाल ही में हुए युद्धविराम के बाद दोनों पक्षों ने तनाव कम करने के संकेत दिए हैं। ईरान का यह फैसला उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि ईरान फिलहाल टकराव की जगह स्थिरता और आर्थिक संतुलन बनाए रखना चाहता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस कदम से वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
ग्लोबल ट्रेड और भारत के लिए क्या मतलब?
होर्मुज जलडमरूमध्य के खुले रहने से भारत जैसे देशों को सीधा फायदा होगा, क्योंकि भारत अपनी बड़ी मात्रा में तेल की जरूरत इसी रास्ते से पूरी करता है। अगर यह रास्ता खुला रहता है, तो सप्लाई चेन सुचारू रहेगी और तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का खतरा कम हो जाएगा। कुल मिलाकर, ईरान का यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
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