'इराक के अजीत डोवाल', मुस्तफा अल कदीमी बने नए प्रधानमंत्री, कोरोना संकट के बीच संभाली कमान
बगदाद। इराक में पिछले छह माह से चली आ रही राजनीतिक अनिश्चितता गुरुवार को खत्म हो गई। मुस्तफा अल-कदीमी ने देश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर देश की कमान संभाल ली है। पद संभालने के बाद कदीमी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी और प्रदर्शनकारियों की मौत की जिम्मेदारी लेना उनकी प्राथमिकता है। इराक की संसद ने नई सरकार को मंजूरी दे दी है। छह माह से देश में राजनीतिक अनिश्चितता जारी थी और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी।

जर्नलिस्ट और इंटेलीजेंस चीफ
पीएम मोदी कदीमी इराक की इंटेलीजेंस एजेंसी के मुखिया और जर्नलिस्ट रहे चुके हैं। उन्होंने मंत्रियों की पूरी संख्या न होने के बाद भी शपथ ली है। कई उम्मीदवारों को मंत्री पद के लिए खारिज किया जा चुका है। बुधवार को उन्हें विश्वासमत हासिल हुआ है। छह माह से देश में कोई सरकार नहीं थी। पीएम पद की कमान संभालने के बाद उन्होंने कहा, 'हम अपने इतिहास के सबसे नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। इराक के सामने कई चुनौतियां हैं जिसमें सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, हेल्थकेयर और सामाजिक चुनौतियां शामिल हैं। लेकिन अगर हम इनके सामने मजबूती से खड़े होंगे तो ये हमारे सामने कुछ नहीं हैं।'

बगदाद में जन्में कादीमी चले गए थे ईरान
मुस्तफा अल-कादीमी का असली नाम मुस्तफा अब्देललतीफ मशहतात है। बगदाद में सन् 1967 में जन्में कादीमी ने साल 1985 में इराक छोड़ दिया और ईरान चले गए। इसके बाद वह जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम (यूके) चले गए। बाद उन्होंने यूके की नागरिकता ले ली। उनके पास कानून की डिग्री है और जब वह जर्नलिज्म आए तो उन्होंने अल कादीमी टाइटल का प्रयोग करना शुरू कर दिया। उन्हें इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन के शासन का विरोध करने वाला माना जाता है।

अमेरिकी फौजें आईं तो वापस आ गए कादीमी
साल 2003 में जब अमेरिका की फौज इराक में दाखिल हुईं तो कादीमी देश वापस लौट आए। यहां पर उन्होंने इराकी मीडिया नेटवर्क की शुरुआत की और साथ ही साथ इराक मेमोरी फाउंडेशन के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर काम शुरू किया। इस फाउंडेशन का मकसद हुसैन के कार्यकाल में हुए अपराधों का चिट्ठा तैयार करना था। अल कादीमी ने इराक के न्यूजवीक मैगजीन के एडीटर-इन-चीफ के तौर पर साल 2010 से 2013 तक काम किया है। अमेरिका की वेबसाइट अल-मॉनिटर पर इराक के एडीशन के लिए भी उन्होंने एडीटर के तौर पर काम किया था।

अमेरिका के खास कादीमी
जून 2016 में कादीमी ने इराकी नेशनल इंटेलीजेंस सर्विस के डायरेक्टर का पद संभाला। उन्हें यह जिम्मेदारी उस समय दी गई जब देश में इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवैंट या आईएसआईएस को खदेड़ने के लिए युद्ध चल रहा था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई देशों के साथ संपर्क बनाए और कई ऐसी एजेंसियों के साथ काम किया जिनकी अगुवाई अमेरिका कर रहर था। साल 2017 में कादीमी सऊदी अरब की राजधानी रियाद गए थे और यहां पर उनके साथ पूर्व इराक पीएम हैदर अल-अबादी थे।यहां पर कादीमी को सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को गले लगाते हुए देखा गया था जो उनके काफी अच्छे दोस्त भी हैं।
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