मर्द हो या औरत, बेवफाई बर्दाश्त नहीं... ये देश बनाने जा रहा कानून, 'नाजायज संबंध' पर होगा जेल

दुनिया के सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में स्थानीय स्तर पर सैकड़ों नियम हैं, जो महिलाओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों और एलजीबीटीक्यू लोगों के खिलाफ भेदभाव करते हैं।

Indonesia News: भारत में जहां शादी के बाद भी अपने पार्टनर के अलावा किसी और से संबंध बनाने को कानून के दायरे से बाहर कर दिया गया है, वहीं इंडोनेशिया में शादी के बाद अपने पार्टनर के अलावा किसी और के साथ सेक्स करने पर जेल की सजा का प्रावधान किया जा रहा है। इंडोनेशिया में बहुत ही जल्द इस संबंध में कानून को संसद में पेश किया जा रहा है, जिसके तहत नाजायज संबंध बनाना कानून जुर्म होगा।

संसद में बनेगा कानून

संसद में बनेगा कानून

सरकारी अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से पुष्टि की है, कि इंडोनेशिया की संसद में इस महीने एक नया आपराधिक कानून को पारित किया जाएगा और इस कानून के तहत शादी के बाद पार्टनर के अलावा किसी और से सेक्स करना कानूनन जुर्म होगा और ऐसा करने वाले शख्स को एक साल की जेल का सामना करना पड़ेगा। इंडोनेशिया की संसद में शादी से इतर सेक्स के अलावा राष्ट्रपति या राज्यों के प्रमुख के खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणियों को कानूनन अपराध की श्रेणी में लाया जाएगा। आपतो बता दें कि, इंडोनेशिया एक मुस्लिम देश है, जहां शादी से पहले सहवास पर भी पाबंदी है और ऐसा करने पर कानूनन सजा मिलती है।

15 दिसंबर तक बनेगा कानून

15 दिसंबर तक बनेगा कानून

इंडोनेशिया के उप न्याय मंत्री एडवर्ड उमर शरीफ हियरीज ने रॉयटर्स को बताया कि, "इस कानून को काफी पहले पारित हो जाना चाहिए था और दशकों को पहले बना लेना चाहिए था, लेकिन अब 15 दिसंबर तक इस कानून को पास किया जाएगा"। उन्होंने एक साक्षात्कार में रॉयटर्स को बताया कि, "हमें एक आपराधिक कोड बिल होने पर गर्व है, जो इंडोनेशियाई मूल्यों के अनुरूप है।" वहीं, इस मसौदा को बनाने वाली टीम में शामिल एक सांसद ने बताया कि, नया कोड बिल अगले हफ्ते तक पारित जो जाएगाी। वहीं, अगर यब कानून लागू हो जाता है, तो फिर ये इंडोनेशियाई नागरिकों और विदेशियों पर समान रूप से लागू होगा। हालांकि, व्यापार समूहों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है, कि ऐसे नियमों से छुट्टी और निवेश गंतव्य के रूप में इंडोनेशिया की छवि को नुकसान हो सकता है।

इस्लामी समूह को मसौदे का साथ

इस्लामी समूह को मसौदे का साथ

इंडोनेशिया में पिछले कुछ सालों से धीरे-धीरे रूढ़िवाद बढ़ रहा है और इस्लामी कट्टरपंथी ताकतों ने सिर उठाना शुरू कर दिया है, लिजाहा सरकारें भी ऐसे कानून को ला रही हैं, जिससे ऐसे कट्टरपंथी खुश हों। इंडोनेशियाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मसौदे को ऐसे देश में कुछ इस्लामी समूहों का समर्थन प्राप्त है जहां रूढ़िवाद बढ़ रहा है, हालांकि विरोधियों का तर्क है कि यह 1998 के सत्तावादी नेता सुहार्तो के पतन के बाद देश में उदारवादी रिफॉर्म्स हुए हैं। कोड का पिछला मसौदा साल 2019 में ही पारित होने के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन देशव्यापी विरोध के बाद वापस ले लिया गया था। हजारों लोगों ने उस समय कई कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया था, विशेष रूप से उन लोगों ने प्रदर्शन किया था, जिन्हें डर था, कि ऐसे कानूनों की आड़ में सरकार नागरिक स्वतंत्रता को कम करने की कोशिश कर रही है। आलोचकों का कहना है कि, उसके बाद से कोड में कुछ बदलाव किए गए हैं, हालांकि, सरकार ने हाल के महीनों में परिवर्तनों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए देश भर में सार्वजनिक परामर्श आयोजित किए हैं।

बनाए जा रहे हैं कुछ सख्त कानून

बनाए जा रहे हैं कुछ सख्त कानून

सरकार जो बदलाव कर रही है, उनमें एक प्रावधान ये भी शामिल है, कि 10 सालों तक अच्छे व्यवहार के बाद किसी कैदी की मृत्युदंड की सजा को बदलकर उम्र कैद की सजा की जा सकती है। वहीं, बिल में गर्भपात को अभी भी अपराध बकाया गया है, जिसमें रेप पीड़िताओं को छूट दी गई है, वहीं काला जादू को भी अपराधों की श्रेणी में रखा गया है। वहीं, रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक, विवाह के बाहर सेक्स, जिसे केवल करीबी रिश्तेदारों जैसे सीमित पार्टियों द्वारा रिपोर्ट किया जा सकता है, अधिकतम एक साल की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। वहीं, राष्ट्रपति का अपमान करने पर तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

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