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LCA Tejas MK-1A: तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट बनाने में बार बार देरी क्यों? फिर डेडलाइन मिस, एयरफोर्स कितना परेशान?

LCA Tejas MK-1A News: भारतीय वायुसेना लंबे अर्से से हल्के लड़ाकू विमान (LCA) का इंतजार कर रही है, लेकिन हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) बार बार अपने डेडलाइन को मिस कर रहा है। अब मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि HAL ने भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) को LCA Tejas MK-1A की आपूर्ति करने की तारीख जुलाई के अंत तक तय की है।

HAL को पहले फाइटर जेट्स की आपूर्ति फरवरी 2024 तक करनी थी, लेकिन HAL ऐसा कर नहीं पाया और उसने डिलीवरी की नई तारीख मार्च 2024 तय की, लेकिन HAL मार्च में भी फाइटर जेट्स की डिलीवरी करने में नाकाम हो गया। और अब रिपोर्ट है, कि इस महीने पहले फाइटर जेट की डिलीवर होने की उम्मीद है।

India s LCA Tejas MK-1A

HAL और रक्षा मंत्रालय में सौदा क्या था?

फरवरी 2021 में, भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 83 LCA-Mk1A फाइटर जेट के लिए सरकारी स्वामित्व वाली HAL के साथ 6.5 अरब डॉलर का सौदा किया था। इस सौदे का मकसद मौजूदा LCA-Mk1 की तुलना में ज्यादा एडवांस लड़ाकू जेट के साथ इंडियन एयरफोर्स की क्षमताओं को बढ़ाना है।

रक्षा मंत्रालय ने जो कॉन्ट्रैक्ट दिया हुआ है, उसके मुताबिक 73 Tejas Mk-1A लड़ाकू विमान और 10 ट्रेनिंग Tejas Mk-1A विमानों की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें पहला जेट फरवरी 2024 तक सौंपा जाना था। पूरी डिलीवरी प्रक्रिया नौ वर्षों के भीतर पूरी की जानी थी।

लेकिन, इन योजनाओं में देरी की वजह से भारतीय वायुसेना को बड़ा झटका लगा है, जो अपने बेड़े में बचे हुए MIG-21 बाइसन लड़ाकू विमानों की जगह लेने के लिए इन नए विमानों का बेसब्री से इंतजार कर रही है।

इस वक्त भारतीय वायुसेना के पास MIG-21 के दो स्क्वाड्रन हैं, जो नंबर-2 स्क्वाड्रन 'कोबरा' और नंबर 23 स्क्वाड्रन 'पैंथर्स' है। इनमें से एक स्क्वाड्रन को इस साल और दूसरे को अगले साल चरणबद्ध तरीके से वायुसेना के बेड़े से हटा दिया जाएगा और उनकी जगह पर LCA-Mk1A विमानों को शामिल किया जाएगा।

लिहाजा, भारतीय वायुसेना के लिए अपने लड़ाकू स्क्वाड्रन की ताकत को बनाए रखने के लिए LCA का बेड़े में समय पर शामिल होना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है, ताकि इसे 30 स्क्वाड्रन से नीचे गिरने से रोका जा सके।

यूरेशियन टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से लिखा है, कि जनरल इलेक्ट्रिक की तरफ से विमानों की इंजन के सप्लाई में देरी होने की वजह से HAL को फाइटर जेट्स की समय पर डिलीवरी देने में देरी आई है और ये सप्लाई चेन की दिक्कत है। लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद, अब जुलाई के अंत तक एक फाइटर जेट को भारतीय वायुसेना को सौंप दिए जाने की उम्मीद है।

HAL और रक्षा अधिकारियों को भरोसा है, कि डिलीवरी शुरू होने के बाद फाइटर जेट्स के उत्पादन में तेजी आएगी। फिलहाल हर साल 18 फाइटर जेट्स के निर्माण की योजान है और जब तीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और बन जाएंगे, तो फिर हर साल 24 फाइटर जेट्स का निर्माण होना शुरू हो जाएगा, लेकिन इसमें 2-3 साल लग सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा एलसीए जेट की तरह ही, नए LCA-Mk1A लड़ाकू विमानों को जीई एफ-404 इंजन से ऑपरेट किया जाएगा। वहीं, इंजन डिलीवरी में देरी को लेकर GE एयरोस्पेस के प्रवक्ता ने एयरोस्पेस उद्योग के भीतर अभूतपूर्व आपूर्ति श्रृंखला दबावों का हवाला दिया है। उन्होंने कहा है, कि कंपनी इन चुनौतियों को दूर करने और जल्द से जल्द F404-IN20 इंजन वितरित करने के लिए एचएएल और आपूर्तिकर्ताओं के साथ सहयोग कर रही है।

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने कुल मिलाकर 180 LCA-Mk1A फाइटर जेट्स बनाने का ऑर्डर HAL को दिया हुआ है, जिसके कम से कम 10 सालों में निर्माण होने की उम्मीद है।

India s LCA Tejas MK-1A

Tejas Mk-1A बनाम Mk-2 वेरिएंट्स

LCA सीरिज में MK-1, MK-1A और MK-2 वेरिएंट्स शामिल हैं। जिन्हें आने वाले दशकों में भारतीय वायुसेना के बेड़े का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने की उम्मीद है। LCA Mk1A, LCA Mk1 का एडवांस वेरिएंट है, जिसने 2020 में फुल ऑपरेशनल कैपेबिलिटी (FOC) हासिल की थी, इनमें से लगभग 40 जेट भारतीय वायु सेना (IAF) के साथ सर्विस में हैं।

शुरू में, MK-1A वेरिएंट की कोई योजना नहीं थी, लेकिन यह संस्करण 2015 में आईएएफ के साथ एक समझौते के रूप में सामने आया। क्योंकि पहले भारत की मूल रणनीति डायरेकट तेजस एमके-2 के निर्माण की तरफ ही बढ़ना था, लेकिन बाद में MK-1A वेरिएंट को शामिल कर लिया गया।

तेजस Mk-1A में एडवांस इलेक्ट्रॉनिक रडार, एडवांस युद्ध संचार प्रणाली, बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइलों के साथ एडवांस लड़ाकू क्षमताएं और बेहतर रखरखाव सुविधाएं शामिल हैं।

दूसरी तरफ Mk-2 को Mk-1A की तुलना में ज्यादा वजन वाला 4.5-पीढ़ी का विमान बनाने का इरादा है। जिसका मकसद इस फाइटर जेट में काफी शक्तिशाली इंजन लगाना है, जिसकी वजह से इसका वजन बढ़ जाएगा।

MK-1A के विपरीत, जो GE F-404 इंजन का उपयोग करता है, MK-2 GE F-414 इंजन से लैस होगा, जिससे इसे और ज्याद थ्रस्ट मिलेगा। यह अपग्रेड MK-2 की स्पीड को बढ़ाने और काफी ज्यादा पेलोड ले जाने के लिए किया जाएगा। भारतीय वायुसेना ने करीब 120 एलसीए-एमके2 जेट खरीदने के लिए प्रतिबद्धता जताई है।

माना जा रहा है, कि MK-2 का वजन करीब 7.8 टन होगा और LCA Mk-2 में 6.5 टन का पेलोड ले जाने में सक्षम होगा। LCA Mk-1A में आठ हथियार पॉड हैं, जबकि Mk-2 में 11 हथियार होंगे। HAL की योजना Mk-2 को एस्ट्रा और रुद्रम जैसी स्वदेशी मिसाइलों के साथ-साथ फ्रेंच मेटियोर, मीका और स्कैल्प मिसाइलों से लैस करने की है। और माना जा रहा है, कि Mk-2 को IAF के पुराने हो चुके मिराज 2000 और जगुआर स्क्वाड्रन की जगह लेने का अनुमान है।

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