भारत जमकर खरीद रहा कच्चा तेल, तो रूस ने दोगुना खरीदा इंजीनियरिंग सामान, लिखी जा रही दोस्ती की नई कहानी
Russia-India Trade: पश्चिमी देशों के लाख प्रेशर के बाद भी भारत और रूस आपसी व्यापार को बढ़ा रहे हैं और ताजा रिपोर्ट से पता चला है, कि रूस ने भारत से इंजीनियरिंग प्रोडेक्ट्स खरीदना दोगुना कर दिया है।
EEPC ने जो नये आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक, भारत से रूस में निर्यात में तेजी जारी है और जुलाई 2023 में निर्यात दोगुना से ज्यादा बढ़कर 123.65 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 55.65 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। इस वर्ष इसी अवधि के दौरान, अमेरिका को भारत का इंजीनियरिंग निर्यात सालाना आधार पर 10.4 प्रतिशत घटकर 1.44 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया है।

इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है, कि जुलाई के दौरान चीन में इंजीनियरिंग शिपमेंट भी साल-दर-साल 10 प्रतिशत गिरकर 197.98 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
रिपोर्ट में कहा गया है, कि भारत से कम से 25 देशों को इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स बेचता है, जो उनके आयात में 76 प्रतिशत होता है। लेकिन, देखने को मिला है, कि पिछले के साल के मुकाबले, इस साल का निर्यात 14 देशों के साथ कम हो गया है, जिसमें अमेरिका और चीन शामिल हैं।
भारत-रूस में बढ़ा व्यापार
रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई महीने में भारत का कुल इंजीनियरिंग निर्यात 6.62 प्रतिशत गिरकर 8.75 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जो एक साल पहले की अवधि में 9.37 अरब अमेरिकी डॉलर था।
ईईपीसी ने कहा कि इसका मुख्य कारण वैश्विक मांग में कमी के साथ-साथ लौह, इस्पात और एल्युमीनियम के निर्यात में गिरावट है। ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन अरुण कुमार गरोडिया ने कहा, कि ऐसी स्थिति में देश को अन्य बाजारों में विविधता लाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, "दिसंबर 2022 से लगातार आठ महीने की गिरावट, वैश्विक व्यापार के निराशाजनक परिदृश्य को दर्शाती है। यह भारतीय निर्यातकों के लिए अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी बाजारों में विविधता लाने का एक अवसर है।"
हालाकि, रिपोर्ट में ये भी पता चला है, कि पश्चिमी एशिया, उत्तरी अफ्रीका, उत्तर-पूर्व एशिया और सीआईएस देशों में भारत का इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स का निर्यात बढ़ गया है।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार गिरा
वहीं, निर्यात घटने का सबसे बड़ा असर भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ा है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अगस्त तक भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में उसके पिछले हफ्ते की तुलना में 7.27 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है और 18 अगस्त कर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 594.8 अरब डॉलर रह गया है।
वहीं, विदेशी मुद्रा प्रॉपर्टी की बात करें, तो उसमें भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो 661 अरब डॉलर से घटकर 527.78 अरब डॉलर तक रह गया है। जबकि, भारत का सोने का भंडार 51 करोड़ डॉलर कम होकर 43.82 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।












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