भारतीय मजदूर का हाथ कटा तो कूड़े की तरह फेंका.. इटली की संसद में हंगामा, PM मेलोनी का आया बयान, क्या हुआ था?
Satnam Singh Italy News: इटली में भारतीय मजदूर के घायल होने के बाद उसके मालिक ने उसके साथ जैसी क्रूरता की है, उसने हर किसी को दहला कर रख दिया है, साथ ही विदेश जाने वाले मजदूरों की जिंदगी कितनी दयनीय होती है, ये घटना उस कहानी को बयां करता है।
इटली में भारतीय मजदूर सतनाम सिंह की मौत के बाद देश की संसद में हंगामा हुआ है और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को भी बयान जारी करना पड़ा है। भारतीय नागरिक के घायल होने के बाद अगर उसे वक्त पर अस्पताल ले जाया जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।

सतनाम सिंह की कैसे हुई मौत?
इटली में मजदूरी करने वाले 31 साल के भारतीय अस्थाई कर्मचारी का हाथ उस वक्त कट गया, जब वो भारी कृषि मशीन के जरिए घास काट रहे थे। लेकिन, सतनाम सिंह को अस्पताल में भर्ती करवाने के बजाए उनके मालिक के आदेश पर उन्हें उनके घर के बाहर सड़क पर फेंक दिया गया। लगातार खून बहने की वजह से सतनाम सिंह अधमरा हो गये थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को रोम के पास लाजियो में सब्जी के खेत में काम करते समय सतनाम सिंह का हाथ भारी मशीनरी की चपेट में आ गया और उनका हाथ काट गया था।
रोम में भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, कि उसे इटली के लैटिना में एक भारतीय नागरिक की दुर्भाग्यपूर्ण मौत की जानकारी है। दूतावास ने कहा, कि "हम स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। परिवार से संपर्क करने और कांसुलर सहायता प्रदान करने के प्रयास जारी हैं।"
The Embassy is aware of the very unfortunate demise of an Indian national in Latina, Italy. We are in contact with local authorities. Efforts are underway to contact the family and provide consular assistance.@MEAIndia @SecretaryCPVOIA
— India in Italy (@IndiainItaly) June 19, 2024
रिपोर्ट के मुताबिक, सतनाम सिंह कथित तौर पर पंजाब के रहने वाले थे।
इतालवी मीडिया के अनुसार, सतनाम सिंह के जिस खेत में काम करते थे, उसके मालिक एंटोनेलो लोवेटो ने उन्हें और उनकी पत्नी को एक वैन में लाद दिया और उन्हें उनके घर के पास सड़क के किनारे छोड़ दिया।
एएनएसए समाचार एजेंसी ने घर के मालिक इलारियो पेपे के हवाले से कहा, कि "हमने उनकी पत्नी की चीखें सुनीं जो मदद के लिए पुकार रहीं थीं, फिर हमने एक लड़के को देखा, जो उन्हें अपनी बाहों में पकड़े हुए था और उन्हें घर के अंदर ले गया।"
उन्होंने आगे कहा, कि "हमें लगा, कि वह उनकी मदद कर रहा है, लेकिन फिर वह भाग गया। मैं उसके पीछे भागा।" पेपे ने कहा, "जब मैंने परिवार से पूछा, कि वह उन्हें अस्पताल क्यों नहीं ले गया। तो उन्होंने जवाब दिया, कि वह नियमित कर्मचारी नहीं थे।"
रिपोर्ट के मुताबिक, खेत के मालिक ने सतनाम सिंह के कटे हुए हाथ को फलों के डिब्ब पर रख दिया था और करीब डेढ़ घंटे तक उन्हें मेडिकल सुविधा मुहैया नहीं करवाई गई। बाद में उन्हें रोम के अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन बुधवार को उनकी मृत्यु हो गई।
इस घटना ने इटली में सनसनी फैला दी है और खेत के मालिक लोवेटो पर अब आपराधिक लापरवाही और हत्या का आरोप लगाया गया है। लोवेटो के पिता ने इतालवी मीडिया को बताया, "मेरे बेटे ने सतनाम सिंह से कहा था, कि वह मशीनरी के पास न जाए, लेकिन उसने मेरी बात नहीं मानी। दुर्भाग्य से यह सरासर लापरवाही थी।"
जॉर्जिया मेलोनी ने घटना पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सतनाम सिंह की मौत को "अमानवीय कृत्य" और "बर्बरता" बताया है और उन्होंने कहा है, कि आरोपी को "कड़ी सजा" मिलनी चाहिए।
इटली की श्रम मंत्री मरीना काल्डेरोन ने सतनाम सिंह की मौत की घटना को "बर्बरतापूर्ण काम" कहा है। वहीं, विपक्षी पार्टी 5-स्टार मूवमेंट (M5S) के नेता ग्यूसेप कोंटे ने गुरुवार इटली की संसद में प्रधानमंत्री मेलोनी से क्रूर गैंगमास्टरिंग को रोकने के लिए कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
कोंटे ने एक्स पर लिखा, कि "आप चार यूरो प्रति घंटे के हिसाब से खेतों में काम करते हुए अपना हाथ खो देते हैं। आपका तुरंत इलाज नहीं किया जाता। वे आपको एक वैन में डाल देते हैं और आपके घर के बाहर कूड़े की तरह फेंक देते हैं।"
Perdi il braccio mentre lavori sui campi per 4 euro lora. Non vieni subito soccorso. Ti mettono su un pulmino e ti scaricano come immondizia davanti casa. A fianco una cassetta per le fragole in cui viene lasciato il braccio che hai perso. Perdi sangue e muori. È la storia di… pic.twitter.com/qX8tHvARps
— Giuseppe Conte (@GiuseppeConteIT) June 20, 2024
उन्होंने आगे लिखा, कि "एक स्ट्रॉबेरी की टोकरी में आपका कटा हुआ हाथ फेंक दिया जाता है और आप खून बहा कर मर जाते हैं। यह सदियों पहले के एक गुलाम की कहानी की तरह लगता है। हम अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते, हम काम की गरिमा और मानवता को खत्म कर मुनाफा कमाने के बारे में नहीं सोच सकते।"
उन्होंने कहा, कि "अगर लोग इन अत्याचारों को नजरअंदाज करते हैं, तो इसका मतलब है, कि हमने इटली और इटली के मूल्यों की रक्षा करनी बंद कर दी है। हम इन बर्बरताओं के खिलाफ संसद में अपना काम करने के लिए तैयार हैं, जिन्हें पूरे इटली में खेतों से उखाड़ फेंकना होगा।"
इटली की खेतों में मजदूरों का शोषण
इटली में, खासकर दक्षिणी देशों की खेतों में प्रवासी मजदूरों का खतरनाक शोषण किया जाता है और उनका सामूहिक शोषण अकसर हिंसक घटनाओं में बदल जाती है। ये एक पुरानी समस्या है, जिसका अभी तक इलाज नहीं किया गया है।
लैटिना में हजारों अप्रवासी मजदूर रहते हैं, जिनमें से कई सिख हैं, जो स्थानीय 'कृषि-माफिया' के लिए फल और सब्जियों के खेतों में काम करते हैं। सतनाम सिंह की बुधवार को रोम के एक अस्पताल में मौत हो गई, जहां उन्हें मरणासन्न हालत में एयरलिफ्ट करते हुए लाया गया था।
लैटाने पुलिस ने कहा है, कि फल और सब्जी वाली फर्म के मालिक और सतनाम के नियोक्ता एंटोनेलो लोवाटो पर सामूहिक शोषण और हत्या के आरोप लग सकते हैं। लेकिन, असल सवाल ये है, कि क्या मजदूरों का शोषण बंद हो सकता है।












Click it and Unblock the Notifications