नेपाल जाने वाले भारतीय यात्रियों को बड़ी राहत, मिली ये सहूलियत
फ्लाइट से नेपाल जाने वाले भारतीय यात्रियों को एनओसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी।
काठमांडू/नई दिल्ली, अप्रैल 21: भारत में कोरोना का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ा है, जिसे देखते हुए कई देश भारतीय यात्रियों पर अस्थाई प्रतिबंध लगा रहे हैं। लेकिन, नेपाल जाने वाले भारतीय यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थिति भारतीय दूतावास ने कहा है कि भारतीय पासपोर्ट पर नेपाल जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए एनओसी दिखाना अनिवार्य नहीं है। भारतीय दूतावास के मुताबिक भारतीय पासपोर्ट पर नेपाल की हवाई यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को जो किसी और तीसरे देश की यात्रा करना चाहते हैं उन्हें एनओसी यानि नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट दिखाने की जरूरत नहीं है। भारतीय यात्रियों के लिए ये बड़ी राहत मानी जा रही है और भारतीय नागरिकों को ये सुविधा 22 अप्रैल 2021 से 19 जून तक के लिए हासिल होगी।

नेपाल ने दी सहूलियत
भारतीय यात्रियों के लिए ये एक बड़ी सहूलियत मानी जा रही है। आपको बता दें कि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक नेपाल होते हुए किसी तीसरे देश की यात्रा करते हैं। ये यात्री काठमांडू एयरपोर्ट पर उतरते हैं और फिर किसी और देश के लिए उड़ान भरते हैं। ऐसे यात्रियों को अब तक एनओसी लेना पड़ता था, जिसमें काफी अड़चने आ रहीं थी। कोरोना काल में एनओसी सर्टिफिकेट लेना काफी कठिन माना जा रहा था, लेकिन भारतीय दूतावास की इस घोषणा के बाद निश्चित तौर पर भारतीय नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
भारत में कोरोना की स्थिति
भारत में कोरोना वायरस का कहर बरपा हुआ है। पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना के लगभग तीन लाख नए मामले सामने आ चुके है, 2000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। कोरोना के मामले थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत में अचानक कोरोना के मामले बढ़ने का कारण डबल म्यूटेंट बताया जा रहा है। इसी बीच नए म्यूटेशन होने की बात सामने आई हैं, जो कि ट्रिपल म्यूटेशन है। नए वेरिएंट में तीन अलग अलग कोविड स्ट्रेस मिले है, जिसे ट्रिपल म्यूटेशन कहा जाता है। जो कि बेहद खतरनाक है। महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के राज्यों में ट्रिपल म्यूटेंट के मामले सामने आए हैं। वैज्ञानिको का मानना है कि नए कोरोना वेरिएंट की वजह से कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।












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