गुजरात में बेटे का कत्ल, ऑस्ट्रेलिया में अरबों की तस्करी... जानें इस कुख्यात जोड़े का कैसे ढहा साम्राज्य
ब्रिटेन की एक अदालत ने एक भारतीय दंपति को 33 साल की सजा सुनाई है। इस जोड़े को ड्रग तस्करी के जुर्म में दोषी पाया गया। इस जोड़े पर अपने 11 साल के दत्तक पुत्र की हत्या करने के भी आरोप हैं। इसे लेकर भारत सरकार ने ब्रिटेन की सरकार से कपल को प्रत्यार्पित करने की मांग की थी।
ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) के मुताबिक 59 वर्षीय आरती धीर और 35 साल के कवलजीत सिंह रायजादा ने 500 किलोग्राम से अधिक कोकेन ऑस्ट्रेलिया स्मगल किया था। दोनों को 2021 में ब्रिटेन के हैनवेल शहर में गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों को स्मगलिंग कें 12 और मनी लॉन्ड्रिंग के 18 मामलों में दोषी माना गया है।

हालांकि, सुनवाई के दौरान धीर और रायजादा ने ड्रग्स निर्यात करने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को सिरे से नकार दिया था। रिपोर्ट में सामने आया कि दंपति की मुखौटा कंपनी ने यूके से एक कॉमर्शियल प्लेन के माध्यम से नशीले पदार्थों को भेजा था।
2015 में बनाई कंपनी
NCA की जांच में पाया गया है कि आरती और कवलजीत ने 2015 में वीफ्लाई फ्रेट सर्विस नाम की एक कंपनी शुरू की थी। बाहरी तौर पर यह कंपनी कार्गो ट्रांसपोर्ट करती थी। लेकिन कपल का मकसद सिर्फ ड्रग्स स्मगल करना था।
दोनों मेटल के टूलबॉक्स में ड्रग्स छिपाते थे और एक कॉमर्शियल फ्लाइट से इसे दूसरे देश भेजते थे। जां में सामने आया कि सिर्फ खेप की तस्करी के लिए दोनों ने ये कंपनी शुरू की थी। कंपनी के गठन के बाद से दोनों आरोपी अलग-अलग समय पर कंपनी के निदेशक रहे।
2021 में धंधे का भंडाफोड़
जांच एजेंसी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि मई 2021 में सिडनी पहुंचने पर ऑस्ट्रेलियाई सीमा बल ने 514 किलो कोकीन पकड़ी थी। इसकी कीमत 57 मिलियन पाउंड होने का अनुमान लगाया गया। भारतीय रुपये में ये रकम 600 करोड़ से अधिक है। इसके बाद जब राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (NCA) ने जांच शुरू की तो रायजादा और धीर का नाम सामने आया।
ऑस्ट्रेलिया में बहुत महंगी बिकती है कोकीन
आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में कोकीन की कीमत ब्रिटेन के मुकाबले कहीं अधिक है। थोक में ब्रिटेन में एक किलो कोकीन की कीमत 26 हजार पाउंड है तो वहीं ऑस्ट्रेलिया में एक किलो कोकीन की कीमत 110,000 पाउंड है। दाम में इसी अंतर का ये जोड़ा फायदा उठाता था।
कैसे हुआ खुलासा?
दरअसल ऑस्ट्रेलियाई पुलिस को जब्त टूलबॉक्स के प्लास्टिक रैपिंग पर रायजादा की उंगलियों के निशान मिले थे। वहीं टूलबॉक्स के ऑर्डर की रसीद दंपती के घर से बरामद हुई थी। इसके बाद आरती और कवलजीत को हैनवेल स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।
हालांकि ठोस सबूत नहीं होने के कारण वे पुलिस की गिरफ्त से बच निकले, लेकिन लगातार जारी इन्वेस्टिगेशन के कारण दोनों को फरवरी 2023 में एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुराना अनुभव आया काम
NCA ने बताया कि धीर और रायजादा दोनों हीथ्रो उड़ान सेवा कंपनी में पहले से काम कर चुके थे। इसलिए उन्हें एयपोर्ट पर कार्गो की लोडिंग प्रोसेस और बारिकियों के बारे में जानकारी थी। यही वजह थी कि दोनों काफी लंबे समय तक बिना पकड़ में आए ड्रग्स की स्मगलिंग करने में कामयाब रहे।
ये जोड़ा 2019 से ही ड्रग्स वाले बॉक्स ऑस्ट्रेलिया भेज रहा था। किसी को शक न हो इसलिए कुछ बॉक्स खाली भी भेजे गए। एजेंसी को 22 खाली बॉक्स और 15 कोकेन से भरे बॉक्स के बारे में जानकारी मिली।
हालांकी इनके प्लान का तब पर्दाफाश हो गया जब जोड़े को 21 जून, 2021 को उनके हैनवेल निवास पर गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान उनके घर से पर्याप्त मात्रा में नकदी और सोने की परत वाली चांदी की छड़ें मिलीं। इस जोड़े ने एक महंगा फ्लैट और लैंड रोवर जैसी महंगी गाड़ी भी खरीद रखी थी। दोनों ने अरबों रुपये बैंक में जमा कर रखे थे इसलिए इन पर मनी लैंड्रिंग का भी चार्ज लगा।
दत्तक पुत्र की हत्या का आरोप
इस कपल पर अपने 11 साल के दत्तक बेटे की हत्या करने का भी आरोप है। आरती और कवलजीत ने 2015 में गुजरात में गोपाल सेजानी को गोद लिया था। गोपाल गांव में अपनी बहन और पिता के साथ रहता था। कपल ने गोपाल के पिता से वादा किया था कि वो गोपाल को लंदन ले जाएंगे। लेकिन 2017 में उसे अगवा कर लिया गया।
8 फरवरी 2017 में उसका शव सड़क किनारे मिला था। शरीर पर चाकू से किए गए वार के निशान थे। भारतीय पुलिस का कहना था कि दोनों ने इंश्योरेंस के पैसों के लिए बच्चे को एडॉप्ट किया फिर उसे अगवा करवाया और उसकी हत्या कर दी। इसे लेकर भारत सरकार ने ब्रिटेन की सरकार से आरती और कवलजीत को प्रत्यार्पित करने की मांग की थी। हालांकि, 2019 में ब्रिटिश सरकार ने यह मांग खारिज कर दी थी।












Click it and Unblock the Notifications