ट्रंप की मुसलमान विरोधी टीम और एक भारतीय मुस्लिम महिला की जीत
अमेरिका के स्थानीय चुनावों में भारतीय मुस्लिम महिला राहीला अहमद ने हासिल की जीत। राहीला की मां पाकिस्तान की और पिता भारत के हैं।
वाशिंगटन। नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुसलमान विरोधी टीम बनाने की खबरों के बीच ही यहां पर भारतीय मूल की एक मुसलमान महिला ने स्थानीय चुनावों में जीत हासिल की है। राहीला अहमद यह नाम है उस भारतीय महिला का जिसे अमेरिका के मैरीलैंड में हुए चुनावों में जीत मिली है।

मां पाकिस्तान की और पिता भारतीय
राहीला की मां पाकिस्तान की है और उनके पिता भारत के रहने वाले हैं। राहीला को जिन चुनावों में जीत हासिल की है, उन्हें काफी अहम चुनाव माना जाता है। उन्हें जिस इलाके से जीत मिली है वहां मुसलमानों और अप्रवासी मुसलमानों के खिलाफ माहौल रहता है।
वर्ष 2012 में भी लड़ा था चुनाव
23 वर्ष की राहीला ने को स्कूल बोर्ड में जीत मिली है और उन्होंने कई वर्षों से मौजूद सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर को वोटों के 15 प्रतिशत के अंतर से हराया। वर्ष 2012 में भी राहीला इन चुनावों के लिए मैदान में थीं।
उनकी जीत इसलिए भी अहम क्योंकि उनके इलाक में 80 प्रतिशत मुसलमान अफ्रीकी-अमेरिकी मूल के हैं।
एक ही दिन मिली ट्रंप और राहीला को जीत
राहीला के लिए रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के चेयरमैन रहे माइकल स्टील ने प्रचार किया था। राहीला ने जीत के बाद कहा कि यह काफी दिलचस्प बात है कि जीत उसी दिन हासिल हुई जिस दिन अमेरिका ने डोनाल्ड ट्रंप को अपना राष्ट्रपति चुना।
उन्होंने कहा कि एक हिजाब पहनने वाली महिला के तौर पर ही वह एक पब्लिक ऑफिस में काम करती हैं।
सच हो सकते हैं सारे सपने
उनका मानना है कि उनकी जीत अमेरिका में मौजूद विविधता को बयां करती है और यही पूरे अमेरिका का भी नजरिया है। उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका का सपना अभी भी सच है और जिंदा है।
जीत के बाद अब वह लोगों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत की तरह काम करना चाहती हैं।
उनका कहना है कि अमेरिका में मौजूद अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के लिए वह एक ऐसी प्रेरणा बनना चाहती हैं जिसके बाद वे सभी जो सपना देखें वह सच हो।












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