6 महीने की प्रेग्नेंट, गोद में 3 साल की बेटी को लेकर इजराइल में फंसी UP की बेटी, कहा- 'बंकर में किसी तरह...'
Indian in Israel: 'मैं किसी तरह से अपनी तीन साल की बेटी और पति के साथ एक बंकर में छिपी हूं..., बंकर ने हमें सुरक्षित रखा है...वरना पता नहीं क्या होत...', ये बात 30 वर्षीय जयदीप कौर ने कही है, जो इसराइल और चरमपंथी संगठन हमास के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच फंस गई हैं। जयदीप कौर उत्तर प्रदेश के शहर अमरोहा की मूल निवासी हैं। वह फिलहाल 6 महीने की प्रेग्नेंट हैं।
जयदीप कौर ने साल 2020 में आईआईटियन मोहित रंधावा से शादी की थी। 32 वर्षीय पति मोहित रंधावा और उनकी पत्नी जयदीप कौर अपनी तीन साल की बेटी के साथ 2020 से इजराइल में रह रहे हैं। मोहित रंधावा वर्तमान में तेल अवीव में जैकब ब्लास्टीन इंस्टीट्यूट्स फॉर डेजर्ट रिसर्च में जुकरबर्ग इंस्टीट्यूट फॉर वॉटर रिसर्च के साथ काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि, साल 2020 के बाद से उन्होंने पहली बार इजराइल में खौफनाक मंजर देखे हैं। जयदीप ने कहा, ''2020 में शादी के बाद इजराइल में आने के बाद से सायरन की ऐसी लगातार आवाज कभी नहीं सुनी थी।''
'चीखने-चिल्लाने की आवाज ने हमें झकझोर कर रख दिया...'
जयदीप कौर अपने पति और तीन साल की बेटी के साथ गाजा पट्टी से लगभग 74 किमी दूर दक्षिण इजराइल के एसडी बंकर में फंसी हुई हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इजराइल के शहर तेल अवीव में रहने वाली जयदीप कौर ने कहा, ''07 अक्टूबर को सुबह करीब 6.30 बजे, चीखने-चिल्लाने की आवाज ने हमें झकझोर कर रख दिया। कुछ ही समय में हमें अपना घर खाली करना पड़ा और एक बंकर शेल्टर में जान बचाने के लिए छिपना पड़ा। मैं छह महीने की गर्भवती हूं और मेरे साथ मेरे पति और तीन साल की बेटी है।''

'बंकर ने हमें सुरक्षित रखा था...यहां 50 लोग छिपे थे...'
जयदीप कौर ने कहा कि, 'घर से बाहर निकलते समय हम अपने पास केवल कुछ स्नैक्स और बच्चे के लिए जरूरी सामान ही रख पाए थे। बाद में, हमें पता चला कि आसमान ने हमास ने बमों और रॉकेटों की बारिश की है। बंकर ने हमें सुरक्षित बचाए रखा था...वरना पता नहीं हमारे साथ क्या होता। कुल मिलाकर, हम उस बंकर में 50 लोग छिपे थे।'

12 अक्टूबर को अमरोहा आने वाली थी जयदीप
जयदीप कौर ने कहा कि, 'मैं 12 अक्टूबर को यूपी के अमरोहा में अपने माता-पिता के घर जाने वाली थी। बच्चे को जन्म देने तक वह वहीं रहने वाली थीं। लेकिन हमले ने हमारी सभी प्लानिंग को खतरे में डाल दिया। देखते हैं अब आगे क्या होता है।''
जयदीप कौर ने कहा, ''शुक्र है, हमारे पास शेल्टर के अंदर वाई-फाई है और हम भयानक हमले के वीडियो और समाचार देख सकते हैं। मेरे पति ने मुझसे फोन छीन लिया था और बाद में मुझे सिर्फ टीवी शो और वेब सीरीज देखने की अनुमति दी, मेरी गर्भावस्था को देखते हुए मुझे चिंता से बचाने के लिए उन्होंने मुझे हमले से जुड़ी कोई चीज ना देखने को कहा।''
जयदीप कौर ने कहा, "हम प्रार्थना करते हैं कि सब कुछ जल्दी ठीक हो जाए और हम जल्द ही भारत में अपने परिवार से मिल सकें। हम उनसे फोन या व्हाट्सएप पर बात नहीं कर सकते हैं, फेसटाइम ही अब तक उपलब्ध एकमात्र विकल्प है।"

अमरोहा में परिवार वाले चिंता में परेशान
अमरोहा में जयदीप कौर के परिवार वाले हमले की खबर के बाद से परेशान थे क्योंकि तीन दिनों तक उससे संपर्क करने में असमर्थ थे। जयदीप कौर के 55 वर्षीय पिता सुरेंद्र सिंह ढिल्लों ने कहा, "मंगलवार की सुबह, लगभग 11 बजे, मैं कई असफल प्रयासों के बाद अपनी बेटी से संपर्क करने में कामयाब रहा और यह सुनकर राहत मिली कि मेरी बेटी, दामाद और उनका बच्चा फिलहाल सुरक्षित है। मैं भारत सरकार से युद्ध क्षेत्र में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अनुरोध करता हूं।''
इजराइल में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए भारत ने चलाया 'ऑपरेशन अजय'
बता दें कि इजराइल में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार ने 'ऑपरेशन अजय' चलाया है। इजराइल में भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि 12 अक्टूबर की उड़ान के लिए नागरिकों को रजिस्ट्रेशन का ईमेल कर दिया गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इजराइल में 20 हजार से अधिक भारतीय हैं।












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