भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले अजलम वजीर की हत्या, पाकिस्तान में चुन-चुन मारे जा रहे हिन्दुस्तान के दुश्मन
पाकिस्तान में भारत के एक और विरोधी की हत्या कर दी गई है। हाल के दिनों में ऐसी ही घटनाएं सामने आई हैं जहां भारत के खिलाफ गतिविधि को अंजाम देने वाले आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया है।
अब तक पाकिस्तान में जो लोग मारे जा रहे थे वे किसी न किसी रूप में आतंकी संगठनों से ताल्लुक रखते थे। लेकिन अब वे लोग भी मारे जाने लगे हैं जो प्रत्यक्ष तौर पर आतंकी संगठनों के साथ न जुड़कर, दूसरे तरीके से भारत के खिलाफ साजिश रचने और आग उगलने के लिए जाने जाते हैं।

पाकिस्तान के लिए एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, भारत के मुखर आलोचक मलिक असलम वज़ीर की अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई एक विस्फोटक घटना में हत्या कर दी गई है। इस हमले में वजीर के साथ उसका बेटा और एक अन्य शख्स भी मारा गया।
यह घटना पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में दक्षिणी वजीरीस्तान के दाजा घुंडई इलाके में हुई है। मलिक असलम वजीर भारत के खिलाफ जहर उगलने के लिए कुख्यात रहा है। उसके द्वारा कही गई बातों के आधार पर आतंकी समूहों में नए लड़कों की भर्ती हो रही थी।
उन्हें पाकिस्तान में राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है। विस्फोट की घटना में असलम वजीर के साथ उनका बेटा और एक अन्य व्यक्ति भी मारा गया। भारत के खिलाफ आग उगलने के बावजूद उसे पाकिस्तान में राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका था।
पाकिस्तान में यह पहली बार नहीं है जब किसी भारत विरोधी शख्स की हत्या कर दी गई है। इससे पहले पाकिस्तान के आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' का संस्थापक और भारत का मोस्ट वांटेड 'मौलाना मसूद अजहर' का करीबी 'मौलाना रहीमुल्लाह तारिक' मारा गया था। 13 नवंबर को कराची में उसे अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी।
इससे पहले, लश्कर-ए-तैयबा के पूर्व कमांडर अकरम खान उर्फ अकरम गाजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और वो भी भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों को अंजाम देने में शामिल रहा था।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में ऐसी हत्याओं का सिलसिला 2021 से शुरू हुआ था। तब लाहौर में लश्कर के सरगना और 2008 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर असफल हमला हुआ था। इसके बाद तो भारत विरोधी की शामत आनी शुरू हो गई। चुन-चुन कर भारत विरोधी आतंकियों का काम तमाम किया जाने लगा।
भारत में आतंक फैलाने के आरोपी आतंकवादियों की पाकिस्तान में टारगेटेड हत्याओं का एक ही पैटर्न रहा है। दो से चार के बीच में मोटरसाइकिल पर अज्ञात बंदूकधारी आते हैं और गोली या बम मारकर फुर्र हो जाते हैं। इसके बाद जांच में लगे पाकिस्तानी अधिकारी 'दुश्मन देश की खुफिया एजेंसी' पर ठीकरा फोड़ते हैं।
पाकिस्तान में इस साल मारे जाने वाले आतंकियों की संख्या करीब डेढ़ दर्जन तक पहुंच गई है। पाकिस्तान में अभी तक अकरम खान उर्फ अकरम गाजी, ख्वाजा शाहिद उर्फ मियां मुजाहिद, मोहम्मद सलीम, दाऊद मलिक, शाहिद लतीफ, मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज, बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज, अबु कासिम, परमजीत सिंह पंजवड़, जहूर मिस्त्री, खालिद रजा और अब्दुल सलाम भट्टावी जैसे आतंकी मारे जा चुके हैं।












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