अमेरिका में भारतीय को आतंकवाद के केस में मिली 15 वर्ष की सजा
41 वर्ष के बलविंदर सिंह को अमेरिकी अदालत ने आतंकवाद में शामिल होने की वजह से सुनाई 15 वर्ष की सजा। भारत आतंकी संगठनों के साथ मिलकर हमले की साजिश रच रहा था बलविंदर।
वॉशिंगटन। अमेरिका की एक कोर्ट ने एक भारतीय नागरिक को आतंकवाद की वजह से 15 वर्ष की सजा सुनाई है। बलविंदर सिंह नामक व्यक्ति को भारत में आतंकी संगठनों के साथ मिलकर आतंकी हमलों की साजिश रचने का दोषी पाया गया था।
भारत पर हमले की फिराक में था बलविंदर
अमेरिकी जज लैरी हिक्स ने नेवादा कोर्ट में आदेश दिया के बलविंदर जेल से रिहा होने के बाद भी पूरी जिंदगी निगरानी में रहेगा। अभियोजन पक्ष के वकीलों ने अपनी दलील में कहा कि बलविंदर भारत में आतंकी संगठनों के साथ दो दशकों से भी ज्यादा समय से संपर्क में था। हिक्स ने कहा कि यह वाकई बहुत ही संगीन अपराध है। सहायक अमेरिकी अटॉर्नी ब्रायन सललिवान ने उम्मीद जताई है कि उसे 10 वर्षों के बाद जेल से रिहा कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बलविंदर पहले ही तीन वर्ष जेल में काट चुका है और उसके अच्छे व्यवहार का भी फायदा उसे मिलेगा। जेल में उसके व्यवहार को देखकर फैसला किया जाएगा कि क्या सिंह को प्रत्यर्पित किया जा सकता है।
अप्रैल 2006 में आतंकी हमले में शामिल
बलविंदर के वकील अटॉर्नी माइकल केनेडी का कहना था कि सिंह को भारत सरकार के अधिकारियों ने पीटा है और उसे प्रताड़ित किया गया है। वह कभी भी अमेरिका के लिए खतरा नहीं था। वकीन ने बहस की कि रिहाई के बाद उस पर निगरानी के वर्षों को पांच वर्ष तक कर दिया जाए। लास वेगास के एफबीआई स्पेशल एजेंट का कहना था कि साजिश का भांडा पहले ही फूट गया था क्योंकि बलविंदर के साथ साजिश में शामिल व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया था। यह व्यक्ति सैन फ्रांसिस्का से थाईलैंड जा रही फ्लाइट में सवार हो रहा था तभी उसे पकड़ लिया गया। अभियोजन पक्ष का कहना है कि सिंह को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा जहां पर अप्रैल 2006 में हुए एक आतंकी हमले में के सिलसिले केस चलेगा।












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