Scripps Spelling Bee: भारतवंशी छात्रों की बादशाहत बरकरार, देव शाह ने सही स्पेलिंग बताकर जीते 50,000 डॉलर
अमेरिका में 14 साल एक भारतीय अमेरिकी छात्र ने स्क्रिप्स 95वीं नेशनल स्पेलिंग बी चैंपियनशिप 2023 जीत लिया है। देव शाह को पुरस्कार स्वरूप 50,000 डॉलर मिले। देव शाह ने “psammophile” की स्पेलिंग बताकर ये खिताब जीता।

भारतीय मूल के टीनएजर ने एक बार फिर से अमेरिका में स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी प्रतियोगिता का खिताब जीत लिया है। अमेरिका के फ्लोरिडा निवासी 14 वर्षीय भारतीय अमेरिकी देव शाह ने बेहद प्रतिष्ठित प्रतियोगता मानी जाने वाली स्क्रिप्स 95वीं नेशनल स्पेलिंग बी चैंपियनशिप 2023 जीती है।
आठवीं के छात्र देव शाह ने गुरुवार को हुए फाइनल में 'psammophile' शब्द की सही-सही स्पेलिंग और अर्थ बताया। मरियम-वेबस्टर के मुताबिक, 'psammophile' एक जीव है, जो रेतीली मिट्टी वाले क्षेत्र में पाया जाता है।
देव ने प्रतियोगिता में bathypitotmeter, tolsester, rommack, aegagrus, schistorrhachis, poliorcetics, Perioeci, exhortation, cocomat and ardoise जैसे शब्दों की सही स्पेलिंग बताई।
देव शाह को पुरस्कार के रूप 50,000 अमेरिकी डॉलर मिले हैं। भारतीय रुपयों में देखें तो ये रकम करीब 4 करोड़ रुयये होती है। विजेता बनने के बाद देव शाह ने नेशनल हार्बर, मैरीलैंड में प्रतियोगिता में कहा, "मैं जीत गया हूं। आखिरकार ये सच है... मेरे पैर अभी भी कांप रहे हैं।"
प्रतियोगिता के फाइनल में 11 प्रतिभागी थे। वर्जीनिया के अर्लिंग्टन की रहने वाली आठवीं क्लास की छात्रा शार्लोट वॉल्श से देव शाह को कड़ी टक्कर मिली। हालांकि देव अंतिम राउंड में जीतने में सफल रहे।
देव शाह का ये तीसरा प्रयास था। इससे पहले स्पेलिंग बी के 2019 संस्करण में वे 51वें स्थान पर थे। 2021 में वे 76वें स्थान पर रहे। कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण 2020 में इस प्रतियोगिता का आयोजन नहीं किया गया था।
देव शाह ने नेशनल हार्बर, मैरीलैंड में आयोजित तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 220 प्रतियोगियों को हराकर इस साल के फाइनल में अपनी जगह बनाई थी। दुनिया भर से इस स्पेलिंग प्रतियोगिताओं में 11 मिलियन लोगों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से सिर्फ ग्यारह छात्रों ने फाइनल में जगह बनाई थी।
'स्पेलिंग बी' में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के छात्र हिस्सा लेते हैं। यह शब्दों के सही स्पेलिंग बताने से जुड़ी प्रतियोगिता है। 'नेशनल स्पेलिंग बी' प्रतियोगिता की शुरुआत 1925 में की गई थी। बालू नटराजन नाम के पहले भारतवंशी छात्र ने 1985 में इस खिताब को जीता था।
अबतक भारतीय मूल के 22 बच्चों ने प्रतियोगिता में जीत हासिल की है। 1999 के बाद से बस पांच बार ऐसा हुआ जब भारतीय मूल के छात्र यह ट्रॉफी नहीं जीत पाए हैं। बीते साल भारतीय मूल की टीनएजर हरिणी लोगन ने साल 2022 का स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी प्रतियोगिता का खिताब जीता था।












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