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डिफेंस सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग, US के साथ बनाएगा जेट इंजन... PM मोदी को 'गिफ्ट' देंगे बाइडेन

भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ सालों में संबंध काफी मजबूत हुए हैं और भारत अब टेक्नोलॉजी के विस्तार पर काम करना चाहता है, ताकि आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को साकार किया जा सके।

India-US Tie

India-US Tie: पिछले कुछ सालों में भारत ने 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम पर तेजी से फोकस किया है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर सबकुछ ठीक रहा, तो भारत अगले कुछ सालों में खुद जेट इंजन बनाएगा।

भारत के लिए ये एक गर्व की बात होगी, क्योंकि अभी तक ऐसी टेक्नोलॉजी के मामले में हम काफी पीछे रहे हैं और अगर भारत ने भारत में जेट इंजन का निर्माण शुरू कर दिया, तो ये अगली महाशक्ति बनने की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा।

भारत और अमेरिका के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएसए की आधिकारिक यात्रा से पहले इनिशिएटिव ऑन क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज (iCET) के तहत जेट इंजन, लंबी दूरी के तोपखाने और पैदल सेना के वाहनों के सह-उत्पादन पर अपनी चर्चा तेज कर दी है।

पेंटागन में भारतीय रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने के साथ एक बैठक में, अमेरिकी उप रक्षा सचिव कैथलीन हिक्स ने भारत के रक्षा क्षेत्रों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए आईसीईटी के तहत जेट इंजन, लंबी दूरी की तोपखाने और पैदल सेना के वाहनों के सह-उत्पादन के प्रस्तावों को दोनों देशों के लिए एक "अभूतपूर्व अवसर" करार दिया है।

भारत बनाएगा जेट इंजन

पेंटागन के प्रवक्ता एरिक पाहोन ने कहा, कि दोनों अधिकारियों ने अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्राथमिकताओं पर चर्चा की है, जिसमें रक्षा औद्योगिक सहयोग और ऑपरेशनल सहयोग को बढ़ाना शामिल है।

हिक्स ने इंडो-पैसिफिक और उससे आगे शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका-भारत संबंधों के महत्व को महत्वपूर्ण बताया। पहोन ने कहा, कि उन्होंने प्रौद्योगिकी साझेदारी बढ़ने के साथ दोनों देशों के बीच सैन्य-से-सैन्य संबंधों को गहरा करने के महत्व को भी दोहराया है।

भारत की कोशिश घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग में लगातार भारी निवेश लाने की रही है, ताकि भारत दुनिया का अगल फैक्ट्री बन सके, खासकर डिफेंस सेक्टर में भारत का मानना है, कि ज्यादा से ज्यादा हथियारों के निर्माण भारत में होने चाहिए, ताकि घरेलू बाजार का विस्तार होने के साथ साथ आत्मनिर्भर भारत का भी निर्माण हो सके।

जिसके लिए अमेरिका ने भारत को लेकर अपना समर्थन फिर से दोहराया है और भारत में जेट इंजन के साथ साथ कुछ और डिफेंस सामान बनाने पर चर्चा तेज कर दी है।

वहीं, जब प्रधानमंत्री मोदी अगले महीने अमेरिका की यात्रा करेंगे, तो दोनों देशों के बीच INDUS-X को लॉन्च किया जाएगा, जो एक डिफेंस प्रोग्राम है, जिसका हिक्स और अरमाने ने स्वागत किया है।

भारत-अमेरिका में मजबूत होते संबंध

आपको बता दें, कि इस दिशा में काम करने की नींव मई 2022 में ही रख दी गई थी, जब प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडेन की मुलाकात जापान की राजधानी टोक्यो में हुई थी।

उस बैठक के दौरान, दोनों देशों की सरकारों, व्यवसायों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी और रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने और विस्तारित करने की घोषणा की गई थी।

वहीं, एक दिन भारत और अमेरिकी अधिकारियों ने 17वीं यूएस-इंडिया डिफेंस पॉलिसी ग्रुप मीटिंग की सह-अध्यक्षता की थी।

अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल डेविड हेरंडन ने बताया, कि इसमें औद्योगिक सहयोग, सूचना-साझाकरण, समुद्री सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को लेकर अहम बातचत की गई है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच मजबूत और व्यापक रक्षा संबंधों को दर्शाता है।

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    उन्होंने कहा, कि "अधिकारियों ने हिंद महासागर क्षेत्र में साझा प्राथमिकताओं के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया और एक स्वतंत्र और खुले भारत-प्रशांत को बनाए रखने के लिए अन्य समान विचारधारा वाली साझेदारी के साथ अमेरिका-भारत साझेदारी को संरेखित किया है।

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