भारत-अमेरिका में हो सकता है अब तक का सबसे विशालकाय व्यापार समझौता, चीन के बराबर होगा निवेश!
Critical and Emerging Technology (iCET) भारत और अमेरिका के बीच इस साल जनवरी में साइन किया गया था, जो दोनों देशों के बीच तकनीकी हस्तांतरण की सुविधा देता है, ये एक ऐतिहासिक समझौता है।

India-US first strategic trade dialogue: भारत और अमेरिका लगातार करीब होते जा रहे हैं और अब अपने बहु-स्तरीय संबंधों का विस्तार करते हुए, भारत और अमेरिका 4-5 जून को पहली बार रणनीतिक व्यापार वार्ता बैठक आयोजित करेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और भारत के बीच इस बैठक में विशालकाय व्यापार समझौतों की तरफ कदम बढ़ाया जाएगा, जिसमें निर्यात नियंत्रण को सुव्यवस्थित करके, उच्च-तकनीकी वाणिज्य को बढ़ाकर initiative on Critical and Emerging Technology (iCET) के परिणाओं को लागू किया जाएगा।
initiative on Critical and Emerging Technology (iCET) भारत और अमेरिका के बीच इस साल जनवरी में साइन किया गया था, जो दोनों देशों के बीच तकनीकी हस्तांतरण की सुविधा देता है।
क्या है iCET?
भारत और अमेरिका, देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच पहली आईसीईटी वार्ता 31 जनवरी को हुई थी और उसके बाद दोनों देशों के बीच., सामरिक व्यापार बैठक आयोजित करने का फैसला तब लिया गया, जब अमेरिकी वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो 10 मार्च को भारत का दौरा किया था और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वाणिज्यिक वार्ता को फिर से शुरू किया गया था।
क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़, यानि iCET का मकसद दोनों देशों के बीच क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ को लेकर संबंधों का विस्तार करना था, जिसके तहत अमेरिका से भारत को टेक्नोलॉजिकल मदद मिलनी है। व्यापार विशेषज्ञों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच किया गया ये समझौता ऐतिहासिक है और इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संभावनाओं का असीम विस्तार होगा।
पीएम मोदी जाएंगे अमेरिका
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस साल जून के अंत में अमेरिका के राजकीय दौरे पर जाएंगे। हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले, भारतीय विदेश सचिव विनय क्वात्रा रणनीतिक व्यापार संवाद बैठक के लिए अमेरिका की यात्रा करेंगे।
इस दौरान भारतीय विदेश सचिव अमेरिकी वाणिज्य अवर सचिव एलन एस्टेवेज़ से मुलाकात करेंगे, जिसमें पीएम मोदी की यात्रा से पहले व्यापारिक और उद्योग और सुरक्षा डील फाइनल किया जाएगा। पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन उनका स्वागत करेंगे और व्हाइट हाउस में पीएम मोदी के सम्मान में रात्रि भोज का कार्यक्रम रखा गया है।
उससे पहले, पीएम मोदी और जो बाइडेन की मुलाकात ऑस्ट्रेलिया में होने वाली क्वाड की बैठक में भी मुलाकात होने वाली है, जिसमें जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किसिदा, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी मौजूद रहेंगे।
वहीं, जापान में 19 से 21 मई तक आयोजित होने वाली जी7 की बैठक में भी पीएम मोदी और जो बाइडेन की मुलाकात होगी, जबकि ऑस्ट्रेलिया में क्वाड की बैठक 24 मई को होने वाली है।
इसके अलावा, पीएम मोदी और जो बाइडेन, मई महीने में ही अलग अलग समय पर पापुआ न्यू गिनी भी जाएंगे, जो सुदूर प्रशांत देशों से महत्वपूर्ण जुड़ाव का अहम हिस्सा है। जहां अमेरिका के सोलोमन द्वीप समूह में चीनी आक्रामकता के बढ़ते पदचिह्न का मुकाबला करने के लिए PNG के साथ रक्षा सहयोग होने की उम्मीद है।
वहीं पीएम मोदी सुदूर प्रशांत देशों के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव के हिस्से के रूप में द्वीप राष्ट्र को $100 मिलियन की क्रेडिट लाइन प्रदान करेंगे।
भारत में अमेरिका का विशाल निवेश
वहीं, वालमर्ट कंपनी के सीईओ डग मैकमिलन ने पिछले हफ्ते भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद वालमार्ट की तरफ से बयान जारी करते हुए कहा गया, कि वालमार्ट 2027 तक भारत से प्रति वर्ष $10 अरब का निर्यात करने की दिशा में काम कर रहा है।
वालमार्ट के इस कदम से भारत का निर्यात को बढ़ेगा ही, इसके अलावा कई और वैश्विक कंपनियों का भी विश्वास भारत को लेकर मजबूत होगा। वालमार्ट ने कहा है, कि वो भारत से खिलौनों, समुद्री खाद्य पदार्थ और अन्य सामानों का निर्यात वैश्विक स्तर पर करेगा, जिससे भारत की निर्यात क्षमता और बढ़ेगी।
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वहीं, अमेरिका और भारत संबंधों पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट Garrison Moratto ने एक ट्वीट में कहा है, कि "भारत में अमेरिकी निवेश चीन के स्तर तक विस्फोट करने वाला है"। भारत के लिए ये खबर काफी अच्छी है और दोनों देशों के बीच बन रहे करीबी संबंध की पुष्टि करता है।












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