Inside Story: पन्नून पर मोदी सरकार की खामोशी के पीछे छिपा है तूफान, US को करारा जवाब देने की चल रही है तैयारी

India-US Khalistan Row: भारत ने भले ही संयुक्त राज्य अमेरिका के लगाए गये पन्नुन हत्याकांड की साजिश के दावों पर अब तक शांति बनाए रखी है, लेकिन वह इस मुद्दे पर जो बाइडेन प्रशासन को "कड़ी प्रतिक्रिया" देने की तेजी से तैयारी की जा रही है और अंदरखाने से ऐसी रिपोर्ट है, कि मोदी सरकार आर-पार के मूड में है और वो इन दावों को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली ने एक उच्च-स्तरीय जांच पैनल बनाकर "पन्नून साजिश" सहित विभिन्न सुरक्षा मुद्दों से संबंधित वाशिंगटन के आरोपों और सौंपे गये दस्तावेजों के लेकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन भारत, अमेरिका में राजनयिक चैनलों के माध्यम से अपना संदेश घर-घर पहुंचाने के लिए कमर कस रहा है।

India-US Khalistan Row

अमेरिकी धरती पर नामित खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नून को मारने की साजिश में एक भारतीय नागरिक के शामिल होने का अमेरिका का आरोप कुछ ऐसा है, जो "भारत सरकार की नीति के विपरीत" है। द संडे गार्जियन ने सूत्रों के हवाले से बताया है, कि "नई दिल्ली ने पहले ही विभिन्न चैनलों के माध्यम से बाइडेन प्रशासन को यह संदेश देना शुरू कर दिया है, कि अमेरिका और उसके विभागों (जस्टिस डिपार्टमेंट) द्वारा कोई भी सार्वजनिक बयान जारी करना गलत है।"

अमेरिका को करारा जबाव देने की तैयारी

दरअसल, भारत चाहता है, कि अमेरिका कोई निष्कर्ष निकालने से पहले जांच पैनल की जांच पूरी होने तक इंतजार करे।

नई दिल्ली में एक राजनयिक सूत्र का कहना है, कि "यह अमेरिकी अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है, उन्हें भारतीय जांच का इंतजार करना चाहिए था। उनसे यह भी कहा गया है, कि वे इस मामले के किसी भी पहलू पर सार्वजनिक रूप से चर्चा न करें, चाहे वह किसी भारतीय की संलिप्तता के आरोप से संबंधित हो या कुछ और।"

दरअसल, कनाडा के आरोपों पर पिछले दिनों कनाडा में भारतीय राजदूत संजय कुमार वर्मा ने साफ शब्दों में कहा था, कि जो भी आरोप लगाए गये हैं, उसके कनेक्शन भारत के किसी 'नागरिक' से हो सकते हैं, और इसका 'भारत सरकार से कोई कनेक्शन' नहीं है। उनका इशार अलग अलग गैंगों की तरफ था।

लेकिन, कनाडा ने इसका लिंक सीधे तौर पर भारत सरकार से जोड़ दिया है। लिहाजा, भारत ने अमेरिका को संदेश भेजा है, कि "अमेरिका या कनाडा सहित किसी अन्य देश को, इसे कथित हत्या की साजिश में भारत की संलिप्तता के रूप में नहीं देखना चाहिए।"

गौरतलब है, कि भारत ने कथित साजिश में किसी भारतीय का हाथ होने की न तो पुष्टि की है और न ही इससे इनकार किया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने आरोप को केवल चिंता का विषय बताया है, जिस पर गौर करने की जरूरत है।

कई रणनीति पर एक साथ काम कर रहा भारत

सूत्रों के मुताबिक, भारत अब पूरे मामले से निपटने के लिए कई रणनीति पर एक साथ काम कर रहा है। भारत सरकार के अधिकारी पर्दे के पीछे से काफी मजबूती से काम कर रहे हैं। हालांकि, भारत की रणनीति में ये भी शामिल है, कि उसके सख्त जवाब को अमेरिका समझे, लेकिन भारत की रणनीति अमेरिका को नाराज करने की भी नहीं है।

भारतीय डिप्लोमेट्स का कहना है, कि भारतीय अधिकारी तमाम सबूतों और तथ्यों को जुटा रहे हैं, जिन्हें जांच समिति की जांच के दौरान रखा जाएगा और उन सबूतों के जरिए भारत, अमेरिका के लगाए गये आरोपों का मुकाबला करेगा।

इसके अलावा, भारत अमेरिका को सबूतों के साथ बताएगा, कि खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नून एक आतंकवादी है और उसे क्यों आतंकवादी ठहराया गया है।

सूत्रों ने कहा कि भारत, अमेरिका के साथ ट्रकों में भरकर सबूत साझा करेगा, जिससे साबित होगा, कि पन्नुन एक कट्टर अपराधी और आतंकवादी है, जो भारतीय ठिकानों पर हमले की साजिश रच रहा है। हालांकि, इस पर भारत की ओर से कोई शोर-शराबा या सार्वजनिक रुख अपनाया नहीं जाएगा, बल्कि डिप्लोमेटिक स्तर पर अमेरिका के साथ बातचीत की जाएगी।

सूत्रों ने कहा, कि "सब कुछ अमेरिकी अधिकारियों के साथ निजी बातचीत में किया जाएगा, भले ही अमेरिका ने हत्या की साजिश के बारे में सार्वजनिक बयान देने से परहेज नहीं किया।"

तीन प्वाइंट पर काम कर रहे भारतीय अधिकारी

रिपोर्ट के मुताबिक, 'जांच समिति तीन प्रमुख बिंदुओं पर काम कर रही है। एक, पैनल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध, तस्करी, बंदूक चलाने और चरमपंथियों के बीच सांठगांठ के बारे में अमेरिका द्वारा साझा किए गए इनपुट पर गौर कर रहा है।'

दो, जांच पैनल यह साबित करने के लिए सबूत इकट्ठा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, कि पन्नून एक कट्टर आतंकवादी है, जो एयर इंडिया की उड़ानों सहित भारतीय ठिकानों पर हमले की साजिश रच रहा है। इस तरह, भारत मेज पर चर्चा के दौरान बाइडेन प्रशासन को यह संदेश भी देगा, कि अमेरिका एक आतंकवादी की आतंकी गतिविधियों को छिपाकर उसे अलगाववादी नेता और पीड़ित के रूप में पेश कर रहा है।

तीसरा, पैनल अमेरिका द्वारा दिए गए इनपुट की जांच करेगा, जिसमें एक "भारतीय अधिकारी" पर न्यूयॉर्क में पन्नून को मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।

सूत्रों ने कहा, कि भारतीय एजेंसियों के पास पन्नुन की आतंकी गतिविधियों को उजागर करने के लिए पहले से ही पुख्ता सबूत हैं और जांच पैनल उन्हीं सबूतों को ध्यान में रखेगा।

सूत्रों ने ये भी कहा, कि इससे भारत को पन्नून पर उसकी खुली आतंकी धमकियों के लिए मुकदमा चलाने के लिए अमेरिका पर दबाव बनाने में मदद मिलेगी। भारत पहले ही कह चुका है, कि समिति के निष्कर्षों पर फॉलोअप कार्रवाई की जाएगी।

द संडे गार्डियन ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा है, राजनयिक अधिकारियों का कहना है, कि पन्नून को मारने की नाकाम साजिश के बारे में बाइडेन प्रशासन के खुलासे ने अमेरिका द्वारा अपनी धरती पर एक आतंकी तत्व को बचाने की धारणा पैदा कर दी है।

यह धारणा जो हर जगह है, और जो भारत की कूटनीति में भी मदद करेगी, वह यह है, कि अमेरिका एक अमेरिकी नागरिक की रक्षा के नाम पर एक खालिस्तानी आतंकवादी की आतंकवादी गतिविधियों को छुपा रहा है। बाइडेन प्रशासन, पन्नून के बारे में एक असफल हत्या की साजिश के शिकार के रूप में एक कहानी गढ़ रहा है, जबकि वह एयर इंडिया के विमान को गिराने की खुली धमकी जारी करने के लिए सजा का हकदार है।

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