यूक्रेन युद्ध में शांति करवाने के लिए भारत का बड़ा फैसला, कूटनीतिक ग्रुप में शामिल होगी मोदी सरकार
अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने गुरुवार को भारत से यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के खिलाफ बोलने का आग्रह किया है।
वॉशिंगटन/नई दिल्ली, मार्च 18: यूक्रेन संकट में अब तक तटस्थ रहने वाला भारत उस ग्रुप का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गया है, जो यूक्रेन में शांति स्थापित करने की कोशिश करेगा। भारत सरकार की तरह से कहा गया है कि, वह यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीति में "संलग्न" होने के लिए तैयार है।

कूटनीतिक ग्रुप में शामिल होगा भारत
यूनाइटेड नेशंस में भारत के स्थाई प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने गुरुवार को कहा है, संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि, यूक्रेन संकट में लाखों लोगों के जीवन पर 'गंभीर भय' पैदा हो गया है। और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोर कहा है कि, यूक्रेन संकट को खत्म करने के लिए कूटनीतिक और बातचीत के अलावा कोई और रास्ता नहीं है। टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि, "हम आने वाले दिनों में सुरक्षा परिषद के साथ-साथ पक्षों (संघर्ष के लिए) में इन उद्देश्यों को जारी रखने के लिए तैयार हैं।" आपको बता दें कि, पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की दोनों से बात की है और उनसे सीधी बातचीत करने का आग्रह किया है।
भारत सरकार ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र आपात बैठक के दौरान यूनाइटेड नेशंस में भारत सरकार के स्थाई प्रतिनिधि तिरुमूर्ति ने कहा कि, ''भारत लगातार यूक्रेन को दवाइयों के साथ साथ मानवीय संकट के समय जरूरी सामानों की आपूर्ति कर रहा है और इस संबंध में भारत की तरफ से मदद जारी रहेगा। भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि, "यूक्रेन में गंभीर मानवीय स्थिति के अनुरूप, भारत आने वाले दिनों में और आपूर्ति भेजने की प्रक्रिया में है।

भारत कर रहा है मदद
टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि, ''हम पहले ही दवाओं, राहत सहायता सहित 90 टन से अधिक मानवीय आपूर्ति भेज चुके हैं।" वहीं, अंडर-सेक्रेटरी-जनरल रोज़मेरी डिकार्लो ने कहा कि "लाखों निवासियों के भाग्य के बारे में गंभीर आशंका" है, जो "तेज हमलों का सामना कर रहे हैं"। हालांकि, उन्होंने रूस-यूक्रेन की स्थिति को लेकर कुछ सकारात्मक खबरें भी दीं हैं। उन्होंने कहा, "इस हफ्ते, यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधियों के बीच चल रही सीधी बातचीत के संबंध में सकारात्मक संकेत मिले हैं। हम इस तरह की सभी व्यस्तताओं का स्वागत करते हैं।"
यूएस सांसदों की मोदी सरकार से अपील
अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने गुरुवार को भारत से यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के खिलाफ बोलने का आग्रह किया है। अमेरिका के सांसद जो विल्सन और भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना के नेतृत्व में सांसदों ने अमेरिका में भारत के शीर्ष दूत तरनजीत सिंह संधू के साथ फोन पर बात की और यूक्रेन मुद्दे पर भारत को रूस के खिलाफ बयान जारी करने की अपील की।

यूक्रेन में भारी तबाही
अंडर-सेक्रेटरी-जनरल रोज़मेरी डिकार्लो ने कहा कि, 24 फरवरी से 15 मार्च के बीच, यूक्रेन में 726 लोग मारे गए हैं, जिनमें से 52 बच्चे हैं, और अधिकांश हताहत विस्फोटक हथियारों के उपयोग के परिणामस्वरूप आवासीय क्षेत्रों में व्यापक प्रभाव के कारण हुए हैं। उन्होंने कहा कि, "वास्तविक संख्या बहुत अधिक होने की संभावना है और नागरिकों पर हुए हमलों की गहन जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।












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