शाहबाज शरीफ के बयान पर भारत की प्रतिक्रिया आई, विदेश मंत्रालय बोला- इस शर्त पर हो सकती है पाकिस्तान से बात
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी पीएम की टिप्पणी पर कहा है कि भारत, पाकिस्तान के साथ सामान्या संबंध चाहता है लेकिन जब तक आतंकवाद खत्म नहीं होता तब तक बातचीत नहीं होगी।

Image: ANI
भारत ने पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ के शांति वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी पीएम की टिप्पणी पर कहा है कि भारत, पाकिस्तान के साथ सामान्या संबंध चाहता है लेकिन जब तक आतंकवाद खत्म नहीं होता तब तक बातचीत नहीं होगी। इससे पहले शहबाज शरीफ ने कहा था कि पाकिस्तान ने एक 'सबक' सीख लिया है और वह भारत के साथ शांति से रहना चाहता है।
आतंकवाद मुक्त माहौल जरूरी
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत भी पाकिस्तान से सामान्य रिश्ता चाहता है, लेकिन इसके लिए आतंकवाद मुक्त माहौल का होना जरूरी है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि हम पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी जैसा संबंध चाहते हैं। लेकिन इसके लिए ऐसा अनुकूल माहौल होना चाहिए जिसमें आतंक, दुश्मनी या हिंसा न हो। यह हमारी स्थिति बनी हुई है।"
शहबाज शरीफ ने क्या कहा था?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध कश्मीर मुद्दे तथा पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाले सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनावपूर्ण रहे हैं। भारत के साथ हमारे तीन युद्ध हुए हैं तथा इसने हमारे लोगों के लिए और अधिक दुख, गरीबी और बेरोजगारी ही पैदा की है। उन्होंने कहा, ''भारतीय नेतृत्व और पीएम मोदी को मेरा संदेश है कि आइए हम मेज पर बैठें और कश्मीर जैसे ज्वलंत मुद्दों को हल करने के लिए गंभीर और ईमानदार बातचीत करें।
अपनी ही बातों से पलट गया पाक
अरब देशों के न्यूज चैनल अल अरबिया को दिए गये इंटरव्यू में कहा था, कि उन्होंने UAE राष्ट्रपति से अपील की है, कि वो भारत के साथ बातचीत के टेबल पर साथ आने में मदद करे। हालांकि कुछ समय बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने ही प्रधानमंत्री की बातों का खंडन कर दिया था। पाकिस्तानी पीएमओ ने नया बयान जारी करते हुए कहा है, कि "प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया है, कि भारत के साथ बातचीत तभी हो सकती है, जब देश कश्मीर में "5 अगस्त 2019 की अपनी अवैध कार्रवाई" को उलट दे, जिसका उद्देश्य भारतीय कब्जे वाले मुस्लिम-बहुल राज्य कश्मीर की जनसांख्यिकी को अवैध रूप से बदलना था"। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के बयान में आगे कहा गया है, कि 'भारत द्वारा इस कदम को वापस लिए बिना बातचीत संभव नहीं है।












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