अमेरिका के सऊदी क्राउन प्रिंस से पीएम मोदी की तुलना पर भारत ने दिया जवाब

धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर अमेरिका ने उस वक्त नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था, जब वो गुजरात के प्रधानमंत्री हुआ करते थे।

India-Us Relation: सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तुलना करने को लेकर भारत ने अमेरिका को जवाब दिया है। भारत सरकार ने अमेरिकी बयान को 'गैर-जरूरी और अप्रासंगिक' कहा है। दरअसल, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को अमेरिका में दी गई कानूनी सुरक्षा और पीएम मोदी को साल 2014 में दी गई कानूनी प्रतिरक्षा की तुलना अमेरिका ने की थी, जिसपर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

भारत ने बयान को कहा अनावश्यक

भारत ने बयान को कहा अनावश्यक

भारत ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के बयान पर गहरी आपत्ति जताई है और भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि, "भारत और अमेरिका के बीच काफी अच्छे संबंध हैं, लेकिन ये समझ से परे है, कि उस समय अमेरिका का बयान किस तरह से प्रासंगिक और जरूरी था।" भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि, "दोनों देशों की ताकत में इजाफा हो रहा है और भारत-अमेरिका के बीच के रिश्ते को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।" इसके साथ ही भारत ने अमेरिका के 'यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियश फ्रीडम' (USCIRF) के 'कंट्री अपडेट' को भी निशाने पर लिया है, जिसमें भारत सरकार पर "गंभीर धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में शामिल होने या उसे सहन करने" का आरोप लगाया गया है।

अमेरिका ने क्या कहा था?

अमेरिका ने क्या कहा था?

दरअसल, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को अमेरिका प्रसिद्ध पत्रकार जमाल खशोगी मर्डर का आरोपी मानता है और अमेरिका में सऊदी क्राउन प्रिंस के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत दी गई थी। लेकिन, पिछले दिनों प्रिंस सलमान को सऊदी अरब का नया प्रधानमंत्री बना दिया है, जिसके बाद अमेरिका में मुकदमा चलाने से प्रिंस सलमान को कानूनी तौर पर छूट दे दी गई। ऐसा अमेरिकी प्रतिरक्षा कानून के तहत किया गया था। इसी सवाल पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा कि, "यह पहली बार नहीं है, कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ऐसा किया है। हमने इसे पहले कई राष्ट्राध्यक्षों पर लागू किया गया है।" उन्होंने आगे कहा कि, "हमने 1993 में हैती के राष्ट्रपति एरिस्टाइड, 2001 में जिम्बाब्वे में राष्ट्रपति मुगाबे, 2014 में भारत में प्रधानमंत्री मोदी, और 2018 में डीआरसी में राष्ट्रपति कबीला को भी ये कानूनी सुरक्षा दी है।"

पीएम मोदी पर लगा था प्रतिबंध

पीएम मोदी पर लगा था प्रतिबंध

आपको बता दें कि, धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर अमेरिका ने उस वक्त नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था, जब वो गुजरात के प्रधानमंत्री हुआ करते थे। लेकिन, जब साल 2014 में नरेन्द्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बन गये तो फिर अमेरिका ने उनके खिलाफ लगाए गये प्रतिबंध को हटा लिया था और उन्हें 'डिप्लोमटिक इम्युनिटी प्रदान की गई।' अमेरिका का कहना है, कि वो अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ विदेश मंत्रियों को भी ये सुविधा प्रदान करता है। और सऊदी क्राउन प्रिंस पर इल्जाम है, कि उन्होंने वॉशिंगटन पोस्ट के वरिष्ठ स्तंभकार जमाल खशोगी को तुर्की स्थिति सऊदी दूतावास में मरवा दिया था और अमेरिका ने अपनी जांच में इसके लिए क्राउन प्रिंस को जिम्मेदार ठहराया है। बाइडेन प्रशासन ने उन खुफिया दस्तावेजों को भी सार्वजनिक किया है, जिनमें प्रिंस सलमान को सीधे तौर पर आरोपी ठहराया गया है।

USCIRF पर भारत ने क्या कहा?

USCIRF पर भारत ने क्या कहा?

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के USCIRF रिपोर्ट को आधारहीन करार दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, 'हमने USCIRF की भारत को लेकर एकतरफा, गलत और पक्षपातपूर्ण रवैये को देखा है। उनकी ये आदत रही है, कि वो भारत को लेकर लगातार भ्रामक रिपोर्ट्स पेश करते रहते हैं, जिससे पता चलता है, कि भारत को लेकर उनकी समझ काफी कम है। इससे पता चलता है, कि भारत के संवैधानिक ढांचे और मजबूत लोकतंत्र को लेकर उनकी समझ कितनी कम है।' आपको बता दें कि, इस साल की शुरुआत में भारत में मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय की एक रिपोर्ट में चिंता जताई गई थी, जिसे एक मुस्लिम अधिकारी ने तैयार किया था। इस रिपोर्ट को भारत पहले भी दुर्भावनापूर्ण बता चुका है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+