LCA Tejas: चीन के दुश्मन को हथियारों से लैस कर रहा भारत, अब ऑफर किया तेजस का नौसेना फाइटर जेट, क्या है रणनीति?
LCA Tejas News: दक्षिण कोरियाई डिफेंस इंडस्ट्री से सीख लेते हुए भारतीय विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोस्पेस लिमिटेड (HAL) ने दक्षिण चीन सागर में चीन के जानी दुश्मन फिलीपींस को हल्के लड़ाकू विमान, एलसीए तेजस एमके1 का नौसैनिक वेरिएंट ऑफर किया है।
भारत ने इससे पहले फिलीपींस को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल भी भेजा है, जिसकी डिलीवरी मार्च महीने से शुरू हो जाएगी, जबकि अब तेजस फाइटर जेट का ऑफर भारत ने किया है, जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं, कि क्या चीन के जानी दुश्मन को विध्वंसक हथियारों से लैस करना, भारत की नई रणनीति का हिस्सा है?

भारत ने फिलीपींस को स्थानीय स्तर पर तेजस फाइटर विमान को असेंबल करने की पेशकश की है।
यदि, भारत और फिलीपींस के बीच इस प्रस्ताव पर सहमति बन जाती है, तो ये भारत के हथियारों के निर्यात कार्यक्रम को पूरी तरह से बदलकर रख देगा। वर्तमान में, एचएएल भारतीय वायु सेना (आईएएफ) से थोक ऑर्डर को पूरा करने के लिए अपनी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं को बढ़ा रहा है। भारतीय वायुसेना ने HAL को पहले 83 तेजस फाइटर जेट का ऑर्डर दिया था और फिर उसके बाद 97 और विमान बनाने का ऑर्डर दिया है।
लेकिन, अभी HAL के पास एक साल में सिर्फ 8 फाइटर जेट बनाने की ही क्षमता है, जिसे बढ़ाने की युद्धस्तर पर कोशिशें की जा रही हैं। अभी तेजस फाइटर जेट को विदेशी खरीददार नहीं मिलने की सबसे बड़ी वजह यही है, कि HAL अगर ऑर्डर लेता है, तो उस ऑर्डर को पूरा करने में कई सालों का वक्त लग जाएगा।
भारत ने अपनाया दक्षिण कोरिया का मॉडल?
फिलीपींस मीडिया में ऐसी खबरें आई हैं, कि HAL ने फिलीपीन एयरोस्पेस डेवलपमेंट कॉर्प (PADC) की फैक्ट्री में तेजस Mk1 की स्थानीय असेंबली की पेशकश की गई है। नौसैनिक स्ट्राइक वेरिएंट की स्थानीय असेंबली प्रदान करने के ऑफर के साथ, भारत अपने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए द्वीपसमूह देश को आसान शर्तों पर कर्ज की पेशकश कर रहा है।
दक्षिण कोरिया, जिसने रक्षा निर्यात में 140 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, वो हथियारों की बिक्री को स्थानीयकरण रक्षा निर्यात से जोड़ता है, यानि उस देश में जाकर हथियारों के असेंबल को लेकर समझौता करता है। दक्षिण कोरियाई कंपनियां न केवल ग्राहकों की जरूरतों के मुताबिक हथियारों और उपकरणों को ढालती है, बल्कि वे टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और स्थानीय उत्पादन यूनिट भी स्थापित करती हैं।
फिलीपींस को फिलीपींस में तेजस फाइटर जेट असेंबल करके देने का ये ऑफर इसी मॉडल से प्रेरित माना जा रहा है।
HAL अपने सैन्य हार्डवेयर के निर्यात के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र में प्रवेश करने की जी तोड़ कोशिश कर रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र भारत के लिए अपने रक्षा निर्यात को बढ़ाने के लिए काफी महत्वपूर्ण है और इस क्षेत्र के ज्यादातर देशों की चीन से बनती नहीं है।
HAL ने अपनी इसी महत्वाकांक्षा के साथ साल 2022 में पूरे दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र की हथियारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए मलेशिया के कुआलालंपुर में अपना दूसरा ऑफिस स्थापित किया था। एचएएल का प्रमुख उत्पाद फाइटर लीड-इन ट्रेनर (FLIT) LCA है। विमान निर्माता कंपनी HAL रूसी बेड़े वाले देशों को रखरखाव और मरम्मत सेवाएं भी प्रदान कर रहा है।
हालांकि, अभी तक LCA तेजस ने एक भी विदेशी सौदा हासिल नहीं किया है, लेकिन भारतीय तेजस और स्थानीय असेंबली का आकर्षण चीन को चुनौती देने की कोशिश है और ये दक्षिण चीन सागर में चीन के विरोधी दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को लुभा सकता है।
फिलीपींस की मीडिया में भारत से ब्रह्मोस मिसाइल के नौसैनिक वेरिएंट खरीदने को लेकर भी चर्चा की जा रही है, हालांकि अभी इसको लेकर ठोस बातचीत नहीं की गई है।

तेजस का नेवी वेरिएंट क्या है?
एलसीए तेजस का नेवी वेरिएंट भारतीय हथियार इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर है। एलसीए के नौसेना संस्करण ने 6 फरवरी 2023 को देश के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर अपनी पहली लैंडिंग की थी।
जनवरी 2020 में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने INS विक्रमादित्य पर नेवल लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) की सफल अरेस्टेड लैंडिंग का प्रदर्शन किया था। इसके बाद, पांच दिनों में 18 टेक-ऑफ और लैंडिंग आयोजित की गईं।
हालांकि, भारतीय नौसेना ने एयरक्राफ्ट कैरियर से फाइटर जेट्स के संचालन के लिए डबल इंजन वाले फाइटर जेट के विकास पर जोर दिया है, जिसके बाद DRDO ने नौसेना एलसीए के अनुभव के आधार पर, एक ट्विन इंजन फाइटर जेट का विकास शुरू किया है, जिसे ट्विन इंजन डेक-अनडिफाइंड फाइटर (TEDBF) कहा जा रहा है।
नौसेना एलसीए-एमके1 ने अप्रैल 2012 में गोवा में शोर अपरिभाषित परीक्षण सुविधा (एसबीटीएफ) से अपनी पहली उड़ान भरी थी और इसके दो प्रोटोटाइप अभी भी उड़ान भरते रहते हैं। इसे टेक-ऑफ के दौरान स्की जंप रैंप द्वारा लगाए गए बलों को अवशोषित करने, 200 मीटर के भीतर हवा में उड़ने और सामान्य रनवे के लिए आवश्यक 1000 मीटर के मुकाबले 100 मीटर के भीतर ही मजबूत लैंडिंग गियर के साथ डिज़ाइन किया गया है।
पहला LCA 'तेजस' Mk1A इस महीने के अंत तक आसमान में उड़ान भरना शुरू कर देगा और इसके तुरंत बाद इसे भारतीय वायु सेना (IAF) को सौंप दिया जाएगा।
HAL बढ़ा रहा है उत्पादन क्षमता
HAL के पास इस वक्त एक साल में सिर्फ 8 तेजस फाइटर जेट बनाने की ही क्षमता है और साल 2025 तक HAL हर साल 16 फाइटर जेट के उत्पादन की क्षमता हासिल कर लेगा और फिर 2028 तक हर साल 24 फाइटर जेट के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
HAL ने अगले चार सालों में भारतीय वायुसेना के ऑर्डर को पूरा करने का लक्ष्य रखा है, क्योंकि लड़ाकू स्क्वाड्रनों की कमी को पूरा करने के लिए भारतीय वायुसेना काफी हद तक एलसीए तेजस पर निर्भर है। और इसीलिए फिलीपींस को फिलीपींस में विमानों को असेंबल करने का ऑफर करना ना सिर्फ भारत की प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि हथियार बाजार में अपने विरोधियों के ऊपर भी बढ़त देगा और ज्यादा खरीददार भारत को मिल सकते हैं।












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