अहसानफरामोश श्रीलंका को भारत की एक और मदद, चीनी जासूसी जहाज पहुंचने से पहले दिया डोर्नियर विमान
भारत श्रीलंकाई नौसेना को एक डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान सौंपने जा रहा है।
कोलंबो, 15 अगस्त: भारत श्रीलंकाई नौसेना को एक डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान सौंपने जा रहा है। भारतीय नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल एस एन घोरमडे कोलंबो में सोमवार को एक समारोह में भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले के साथ श्रीलंकाई नौसेना को समुद्री निगरानी विमान सौंपेंगे। एडमिरल घोरमडे श्रीलंका की दो दिवसीय यात्रा पर हैं।

राष्ट्रपति विक्रमसिंघे भी कार्यक्रम में लेंगे भाग
श्रीलंकाई वायु सेना के प्रवक्ता कैप्टन दुशन विजयसिंघे के मुताबिक राष्ट्रपति विक्रमसिंघे भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह समारोह कोलंबो अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से सटे कातुनायके में श्रीलंका वायु सेना के अड्डे पर आयोजित किया जाएगा। श्रीलंकाई अधिकारियों ने बताया कि भारत और श्रीलंका के बीच नयी दिल्ली में 2018 में हुए रक्षा वार्ता के दौरान श्रीलंका ने अपनी समुद्री निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भारत से दो डोर्नियर टोही विमान मांगा था।

भारत द्वारा की जाएगी विमान की निगरानी
इस विमान को श्रीलंकाई वायु सेना के 15 सदस्य ही उड़ा पाएंगे, जिन्हें चार महीनों तक भारत में खासतौर से प्रशिक्षण दिया गया है। इस दल में पायलट, पर्यवेक्षक, इंजीनियरिंग अधिकारी और टेक्नीशियन शामिल हैं। उनकी निगरानी श्रीलंका वायु सेना (SLAF) से जुड़ी भारत सरकार की तकनीकी टीम द्वारा की जाएगी। SLAF ने कहा कि टीम विमान, एयरफ्रेम, विमान समर्थन उपकरण, जमीनी समर्थन उपकरण और संबंधित दस्तावेजों की व्यापक निगरानी करेगी और सभी संपत्तियों की सेवाक्षमता का पता लगाएगी।

कल श्रीलंका पहुंचेगा चीन का जासूसी जहाज
श्रीलंका को ऐसे वक्त में डोर्नियर विमान सौंपा रहा है जब देश ने भारत की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए एक बार फिर से चीन के जासूसी जहाज यूआन वांग-5 को हंबनटोटा बंदरगाह पर आने की अनुमति दे दी है। चीन का जो जहाज श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर 11 अगस्त से 17 अगस्त तक रहने वाला था। लेकिन भारत की आपत्तियों के बाद श्रीलंका ने चीन के जहाज को अनिश्चित काल तक के लिए पोर्ट पर आने से मना कर दिया था। लेकिन चीन के दबाव के बाद फिर से चीनी जासूसी जहाज को हंबनटोटा बंदरगाह पर आने की अनुमति दे दी गई। यह जहाज 16 अगस्त से लेकर 22 अगस्त तक हंबनटोटा बंदरगाह पर रहेगा।

भारत का स्वदेशी विमान है डोर्नियर-228
डोर्नियर-228 भारत का स्वदेशी विमान है। यह पहाड़ी इलाकों के छोटे रनवे से भी उड़ान भर सकता है और लैंडिंग कर सकता है। इसके साथ ही यह दिन-रात दोनों ही वक्त में उड़ान भरने में सक्षम है। डोर्नियर-228 एक नॉन-प्रेशराइज्ड प्लेन है, इसका इस्तेमाल अधिक तापमान और अधिक नमी वाली जगह के लिए किया जा सकता है। यह 360 डिग्री वाले निगरानी रडार से लैस है। इसके अलावा इसमें फारवर्ड लुकिंग इन्फ्रारेड सिस्टम, उपग्रह संचार, ट्रैफिक कोलाइजन एण्ड अवायडेंस सिस्टम, एन्हेंस्ड ग्राउंड प्रोक्सीमीटी वार्निग सिस्टम के साथ-साथ अन्य सेंसर भी लगे होते हैं।
सेशेल्स को भी भारत ने दिया है तोहफा
दो टर्बोप्राप इंजन वाले इस विमान का इस्तेमाल मुख्यतौर पर ईईजेड निगरानी, प्रदूषण निगरानी एवं नियन्त्रण, खोज तथा बचाव अभियानों के साथ-साथ अन्य बचाव कार्यों आदि में भी किया जाता है। डोर्नियर-228 में इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर (ELT-503) लगाया हुआ है, इसकी मदद से इमरजेंसी की स्थिति में विमान का तेजी से पता लगाया जा सकता है। दो पायलटों वाला यह विमान काफी दूर तक उड़ान भरने में सक्षम है। साथ ही इसके रख-रखाव पर भी काफी कम खर्च आता है। भारत 4 साल पहले सेशेल्स को भी यह विमान सौंप चुका है।
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