UNSC में बढ़ सकती है भारत की ताकत, UK ने स्थायी सदस्यता के लिए समर्थन का किया ऐलान
यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर युनाइटेड नेसंश सिक्योरिटी काउंसिल में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया है। यूएन जनरल असेंबली के 79वें अधिवेश में पीएम स्टार्मर ने भारत के समर्थन का ऐलान किया। इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भी यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया था।
यूएन जनरल असेंबली में बोलते हुए कीर ने कहा कि यूएनएससी को बदलने की जरूरत है और इसमे और भी वृहद प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है, इसे कार्य करने वाली संस्था बनाना है ना कि राजनीतिक रूप से इसे लकवाग्रस्त करना है।

इमैनुएल मैक्रों का कहना है कि हमारे पास सिक्योरिटी काउंसिल है, जोकि ब्लॉक है, जरूरत है कि यूएन को और भी प्रभावी बनाया जाए। , हमें इसमे प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की जरूरत है। यही वजह है कि फ्रांस, जर्मनी, भारत, जापान और ब्राजील को स्थायी सदस्य बनाने की मांग कर रहा है। इसमे दो अफ्रीकी देशों का भी प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
गौर करने वाली बात है कि यूएन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबोधन में कहा था कि वैश्विक शांति और विकास के लिए यूएन में जरूरत के अनुसार सुधार की जरूरत है। इसकी महत्ता बनाए रखने के लिए इसमे सुधार होना चाहिए। वहीं
बता दें कि 1945 में स्थापित परिषद में 15 सदस्य हैं, जिनमें वीटो पावर वाले पांच स्थायी सदस्य शामिल हैं। हालांकि, भारत और कई अन्य देशों का तर्क है कि परिषद की संरचना "पुरानी" है और आज की भू-राजनीतिक जटिलताओं का प्रतिनिधित्व करने में विफल है।
यूएनएससी में वर्तमान में रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित पांच स्थायी सदस्य हैं, साथ ही दस अस्थायी सदस्य हैं, जिनमें भारत भी 2021-22 के कार्यकाल के लिए शामिल है।
इससे पहले अमेरिका ने भी भारत को यूएनएससी के स्थायी सदस्य बनाने का समर्थन किया था। क्वॉड के दौरान पीएम मोदी और जो बाइडेन के बीच हुई मुलाकात हुई थी, जिसके बाद इस बात की पुष्टि हुई थी कि अमेरिका यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है












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