कनाडा के साथ टूट सकते हैं डिप्लोमेटिक संबंध, भारत ने भी कनाडाई डिप्लोमेट को देश से निकाला, बढ़ा तनाव
India-Canada Khalistan Conflict: भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानियों को लेकर तनाव बढ़ गया है और विदेश मंत्रालय से मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक, भारत ने भी कनाडा के टॉप डिप्लोमेट को देश छोड़ने के लिए कह दिया है।
निष्कासित 'शीर्ष अधिकारी' की पहचान भारत में कनाडाई खुफिया एजेंसी के प्रमुख ओलिवियर सिल्वेस्टर के रूप में की गई है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है, कि "भारत में कनाडा के उच्चायुक्त को आज तलब किया गया और भारत में स्थित एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित करने के भारत सरकार के फैसले के बारे में सूचित किया गया है।"

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा है, कि "संबंधित राजनयिक को अगले पांच दिनों के भीतर भारत छोड़ने के लिए कहा गया है।" यह निर्णय हमारे आंतरिक मामलों में कनाडाई राजनयिकों के हस्तक्षेप और भारत विरोधी गतिविधियों में उनकी भागीदारी पर भारत सरकार की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।"
भारत की सख्त प्रतिक्रिया
भारत ने मंगलवार को कनाडा के उस आरोप को "बेतुका और प्रेरित" बताकर खारिज कर दिया है, जिसमें भारत पर कनाडा में खालिस्तान समर्थक नेता की हत्या का आरोप लगाया गया है।
कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया है, कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां भारत सरकार और हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बीच "संभावित संबंध" के "विश्वसनीय आरोपों" को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रही हैं और एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया है।
कनाडा के सरे में गुरु नानक सिख गुरुद्वारा साहिब के प्रमुख निज्जर की इस साल जून में हत्या कर दी गई थी। वह अलगाववादी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख था। निज्जर, जो 46 साल का था, उसकी गुरुद्वारे के परिसर में दो अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान में कहा, "हमने कनाडाई प्रधान मंत्री के उनकी संसद में दिए गए बयान और उनके विदेश मंत्री के बयान को देखा है और खारिज करते हैं।"
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, कि "कनाडा में हिंसा के किसी भी कृत्य में भारत सरकार की संलिप्तता के आरोप बेतुके और प्रेरित हैं। इसी तरह के आरोप कनाडाई प्रधान मंत्री ने हमारे प्रधान मंत्री पर लगाए थे और उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है।"
भारत ने आगे कहा है, कि "इस तरह के निराधार आरोप खालिस्तानी आतंकवादियों और चरमपंथियों से ध्यान हटाने की कोशिश करते हैं, जिन्हें कनाडा में आश्रय प्रदान किया गया है और जो भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा बने हुए हैं। इस मामले पर कनाडाई सरकार की निष्क्रियता लंबे समय से और निरंतर चिंता का विषय रही है।"
भारत ने प्रधानमंत्री ट्रूडो और अन्य राजनीतिक नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा, कि "कनाडाई राजनीतिक हस्तियों ने ऐसे तत्वों के प्रति खुले तौर पर सहानुभूति व्यक्त की है जो गहरी चिंता का विषय है।"












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