सिंगापुर के पीएम ने फिर दिया भारत के खिलाफ बयान, कहा- रूस से हथियार मिलता है, इसलिए निंदा से किया परहेज
सिंगापुर के पीएम ने रविवार को रूस-यूक्रेन जंग में भारत के रूख की निंदा की। उन्होंने कहा कि भारत मॉस्को से हथियार खरीदता है इसलिए उसने यूएन में, यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा के प्रस्तावपर मतदान में भाग नहीं लिया।
सिंगापुर, 22 अगस्तः सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने रविवार को रूस-यूक्रेन जंग में भारत के रूख की निंदा की। उन्होंने कहा कि भारत मॉस्को से हथियार खरीदता है इसलिए उसने संयुक्त राष्ट्र में, यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा के प्रस्ताव पर मतदान में भाग नहीं लिया। सिंगापुर की जनता को दिए गए वार्षिक संबोधन में पीएम ली ने चीनी भाषा में कहा कि भारत, चीन, वियतनाम और लाओस ने संयुक्त राष्ट्र में उस प्रस्ताव पर मतदान नहीं किया जिसमें यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा की गई थी।

भारत ने मतदान में नहीं लिया था हिस्सा
गौरतलब है कि फरवरी में यूक्रेन पर रूस द्वारा थोपे गए युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाया गया था। इस प्रस्ताव में यूक्रेन पर रूसी हमले की निंदा की गई थी। लेकिन भारत ने यह कहते हुए उस मतदान में भाग नहीं लिया था कि विवाद सुलझाने के लिए संवाद ही एक रास्ता है। रूस और चीन ने रूसी प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था, जबकि भारत उन 13 देशों में शामिल था जिन्होंने भाग नहीं लिया था।

सिंगापुर के हित और विचार दूसरों से अलग
प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने अपने संबोधन में कहा कि आसियान में सबसे छोटा राष्ट्र होने के नाते सिंगापुर के हित और विचार स्वाभाविक रूप से दूसरों से अलग हैं इसीलिए सिंगापुर ने न केवल रूस के आक्रमण की स्पष्ट रूप से निंदा की है, बल्कि प्रतिबंध लगाने के लिए भी आगे बढ़ा है। पीएम ली ने कहा कि हमने रूस की आलोचना की है इसका मतलब ये नहीं है कि सिंगापुर, अमेरिका के साथ है या रूस खिलाफ है।

छोटे देशों की संप्रभुता का हो सम्मान
पीएम ली ने कहा कि सिंगापुर को अपनी स्थिति पर अडिग रहना है और मूलभूत सिद्धांतों का बचाव करना है। ली ने कहा कि कोई देश छोटा या बड़ा हो, उसकी संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अगर एक दिन हम पर हमला किया गया तो कोई भी सिंगापुर के लिए नहीं बोलेगा अगर हम दृढ़ता से खड़े नहीं होंगे। इसी साल फरवरी में पीएम ली सिएन लूंग ने भारत के आधे सांसदों को बलात्कारी और हत्यारा बताया था, जिससे काफी विवाद खड़ा हो गया था।

भारतीय सांसदों पर साधा था निशाना
सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने फरवरी 2022 में संसद में 'देश में लोकतंत्र को कैसे काम करना चाहिए' विषय पर एक बहस में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जिक्र किया था। ली सीन ने कहा, 'स्वतंत्रता के लिए लड़ने और जीतने वाले नेता अक्सर जबरदस्त साहसी, महान संस्कृति और उत्कृष्ट क्षमता वाले असाधारण व्यक्ति होते हैं। जवाहर लाल नेहरू ऐसे ही नेता थे। लेकिन अब देखिए जवाहर लाल नेहरू का भारत ऐसा बन गया है जहां लोकसभा में लगभग आधे सांसदों के खिलाफ बलात्कार और हत्या के आरोप लंबित हैं। हालांकि यह भी कहा जाता है कि इनमें से कई आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।'












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