India China: विदेश मंत्री किन और जयशंकर के बीच क्या बातचीत हुई? चीनी विदेश मंत्रालय का आया बयान
G-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए चीन के विदेश मंत्री किन गांग भारत दौरे पर हैं। इस दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने गुरुवार को चीन के अपने समकक्ष किन गांग से मुलाकात की। यह दोनों नेताओं के बीच पहली द्विपक्षीय बातचीत थी।

Image: PTI
चीन के साथ सीमा विवाद के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री किन गांग से दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। इस द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं की बातचीत मौजूदा चुनौतियों को दूर करने पर केंद्रित थी। इस दौरान चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत-चीन सीमा मुद्दे को उसके उचित स्थान पर रखना चाहिए और हालात को नियंत्रण में रखने के लिए बॉर्डर को लेकर स्थिति के शुरुआती बदलाव को बढ़ावा देना चाहिए।
चीनी विदेश मंत्रालय का आया बयान
आपको बता दें कि जी-20 में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से किन गांग ने क्या कहा, इसे लेकर चीनी विदेश मंत्रालय का शुक्रवार को बयान सामने आया है। चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक किन गांग ने कहा कि दोनों पक्षों को दोनों देशों के नेताओं के बीच महत्वपूर्ण सहमति को लागू करना चाहिए, संवाद बनाए रखना चाहिए, मतभेदों को सुलझाना चाहिए और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार को जल्द से जल्द बढ़ावा देना चाहिए और तेजी से आगे बढ़ना चाहिए।
किन गांग ने क्या कहा?
चीनी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि चीन विभिन्न क्षेत्रों में भारत के साथ आदान-प्रदान और सहयोग की बहाली में तेजी लाने, जल्द से जल्द डायरेक्ट हवाई सेवा फिर से शुरू करने और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने के लिए इच्छुक है। बता दें कि मार्च 2020 के बाद से ही भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवा सस्पेंड है। दरअसल, 2020 में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी के बाद चीन ने अपनी सीमा को सील कर दिया था। उसके बाद से ही भारत और चीन के बीच विमान सेवा पर 'लगभग' रोक लगी हुई है।
एस जयशंकर ने कहा हमारे संबंध 'ठीक नहीं'
चीनी विदेश मंत्री के साथ मुलाकात के बाद एस जयशंकर ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए कहा कि जी20 के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर चीन के विदेश मंत्री किन गांग से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत-चीन के बीच संबंध असामान्य हैं। पिछले साल दिसंबर में विदेश मंत्री बने चिन गांग और जयशंकर की यह पहली मुलाकात थी। जयशंकर ने कहा, "द्विपक्षीय संबंधों में चुनौतियों" और विशेष रूप से सीमा में शांति को संबोधित करने पर बैठक में ध्यान केंद्रित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों ने जी20 एजेंडे पर भी चर्चा की।












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