दुनिया के स्टॉक मार्केट में भारत दोबारा टॉप 5 में पहुंचा, अडानी के शेयर संभलने से फ्रांस-यूके पीछे छूटे
भारत विश्व के टॉप इक्विटी मार्केट में मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से वापस पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। अडानी ग्रुप को हुए नुकसान की वजह से यह सातवें पर खिसक गया था।

अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने ना सिर्फ इस ग्रुप की कंपनियों और उसके निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि इसकी वजह से विश्व के टॉप इक्विटी मार्केट में भारत भी टॉप 5 से बाहर हो गया था। लेकिन, निवेशकों का भरोसा फिर से वापस हासिल करने के लिए अडानी ग्रुप ने जो कदम उठाए हैं, उससे निवेशकों का विश्वास फिर से बहाल होना शुरू हुआ है, तो भारत एक बार फिर से दुनिया के स्टॉक मार्केट में टॉप 5वें स्थान पर पहुंच गया है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने सबसे ज्यादा फायदा फ्रांस और यूके को पहुंचाया था, जिससे ये दोनों भारत को पीछे छोड़कर इससे आगे निकल गए थे। लेकिन, अब भारत ना सिर्फ दोबारा टॉप 5 में आ चुका है, बल्कि फ्रांस छठे और यूनाइडेट किंग्डम सातवें स्थान पर पिछड़ चुके हैं।

दुनिया के स्टॉक मार्केट में भारत दोबारा टॉप 5 में पहुंचा
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत दुनिया भर के टॉप इक्विटी मार्केट में मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर दोबारा पांचवां सबसे बड़ा स्टॉक वाला देश हो गया है। अडानी ग्रुप वाला मामला सामने के बाद भारत खिसकर सातवें स्थान पर पहुंच गया था। मगर अब अडानी के स्टॉक में तेजी के साथ भारत ने अपना पांचवां स्थान दोबारा हासिल कर लिया है। शुक्रवार को भारत के स्टॉक मार्केट का मार्केट कैपिटलाइजेशन 3.15 लाख करोड़ डॉलर का था। इस तरह से वैल्यू के हिसाब से भारत ने फिर से अपना पहले वाला स्थान प्राप्त कर लिया है। यह डेटा ब्लूमबर्ग ने जुटाए हैं।

अडानी ग्रुप के शेयर की बिकवाली से भारत सातवें पायदान पर आया था
दरअसल, अडानी ग्रुप के शेयरों में जबर्दस्त बिकवाली शुरू होने की वजह से भारत खिसकर सातवें स्थान पर पहुंच गया था और फ्रांस और यूके ने भारत से बढ़त बना ली थी। अब भारत के दोबारा अपना स्थान हासिल करने के चलते फ्रांस 6ठे और यूके खिसकर 7वें स्थान पर पहुंच गया है। ये डेटा प्रत्येक देश की प्राइमरी लिस्टिंग कंपनी के संयुक्त वैल्यू के आधार पर जारी किया गया है। भारत की कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी से पिछले दो वर्षों में इसने दुनिया के प्रभावशाली देशों को पीछे छोड़ा है।

भारत का कुल मार्केट वैल्यू अभी भी 6% नीचे
हालांकि, अभी भी भारत का कुल मार्केट वैल्यू 24 जनवरी के मुकाबले 6% नीचे है। इसी के अगले दिन से अडानी ग्रुप के शेयरों में बिकवाली का दौर शुरू हुआ था। हालांकि, अडानी ग्रुप ने निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए जो कदम उठाए हैं, उससे इसके शेयरों के वैल्यू बढ़े हैं, लेकिन अभी भी इसके शेयरों का कुल वैल्यु 24 जनवरी की स्थिति से 120 अरब डॉलर कम है।

ब्याज दर में धीमी गति से वृद्धि का संकेत
पिछले साल नवंबर के बाद से भारतीय इक्विटी से फंड निकालने के बाद विदेशी निवेशक 9 फरवरी तक के सात सत्रों में से दो में शुद्ध खरीदार थे। फरवरी की शुरुआत में सरकार की ओर से पूंजीगत व्यय बढ़ाने की योजना की वजह से खरीदारी बढ़ी। जबकि पिछले हफ्ते सेंट्रल बैंक ने ब्याज दर में धीमी गति से वृद्धि का संकेत दिया है।
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MSCI इंडिया की कंपनियों के शेयरों में कमाई बढ़ने का अनुमान
ताजा तिमाही रिपोर्ट सामने आने के बाद विश्लेषकों का अनुमान है कि MSCI इंडिया कंपनियों में प्रति शेयर कमाई इस साल 14.5% बढ़ जाएगी। ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस ने जो डेटा जुटाए हैं, उसके मुताबिक यह चीन के अनुमानों के समान और ज्यादातर बड़े बाजारों से बेहतर है। इसके उलट अमेरिकी कंपनियों की प्रति शेयर इक्विटी में संभवतः 0.8% की बढ़ोतरी होगी, जबकि उसके समकक्ष यूरोपीय कपनियों के लिए यह आंकड़े लगभग सपाट रहने की संभावना है।












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