यूरोप में तापमान 48°C छूने के करीब, अमेरिका से लेकर जापान तक पारा तोड़ रहा रिकॉर्ड, पृथ्वी पर खतरा बढ़ा
पूरी दुनिया पर ग्लोबल वॉर्मिंग का असर बढ़ता जा रहा है। पिछला जून 174 सालों के इतिहास में सबसे गर्म महीना रहा। इसके पीछे की मुख्य वजह जलवायु परिवर्तन बताया जा रहा है।
अमेरिका ही नहीं बल्कि यूरोप से लेकर अफ्रीका और एशिया महाद्वीप भी झुलस रहे हैं। आमतौर भीषण गर्मी से अब तक राहत पाते रहे देशों में भी गर्मी के लगातार नए रिकॉर्ड बन रहे हैं।

यूरोपीय संघ की कॉपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा ने लगातार बढ़ते तापमान का जिम्मेदार जलवायु परिवर्तन को ठहराया है और कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं अधिक होंगी जो कि तीव्र और लंबे समय तक चलेंगी।
अमेरिका
अमेरिका में भीषण गर्मी के कारण 113 मिलियन लोग प्रभावित हुए हैं। कैलिफोर्निया से टेक्सास तक भीषण गर्मी अपना असर दिखा रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में शक्तिशाली लू के और प्रचंड होने यानी कि और भयानक गर्मी का अलर्ट जारी किया है।
NWS के आंकड़ों के मुताबिक कैलिफ़ोर्निया, एरिज़ोना, नेवादा और टेक्सास में स्थिति भयावह बनी हुई है। विभाग ने अलबामा, अर्कांसस, लुइसियाना, मिसिसिपी, ओक्लाहोमा, न्यू मैक्सिको के कुछ हिस्सों और के लिए भी चेतावनी जारी की है।
एरिजोना की राजधानी फिनिक्स में लगातार 16 दिनों से तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहा है। कैलिफोर्निया की डेथ वैली, जो पृथ्वी पर सबसे गर्म स्थानों में से एक है, वहां भी रविवार तापमान 54C तक होने का अंदाजा लगाया जा रहा है।
कनाडा
अमेरिका के कैलिफोर्निया की तरह कनाडा भी जंगलों की आग से जूझ रहा है। सरकार का कहना है कि तापमान में बढोत्तरी के चलते जंगलों में आग लग रही है। इस आग से अब तक करीब 10 मिलियन हेक्टेयर भूमि जल चुकी है। जैसे-जैसे गर्मी आगे बढ़ेगी, और अधिक नुकसान होने की आशंका है।
इटली
इटली में रविवार को गर्मी के ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने का अनुमान लगाया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम, बोलोग्ना और फ्लोरेंस समेत 16 शहरों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र ने लोगों को अब तक के सबसे भीषण गर्मी के लिए तैयार होने को कहा है।
विभाग के मुताबिक सोमवार तक रोम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और मंगलवार को 43 डिग्री तक जाने का अनुमान है। अगर ऐसा होता है तो यह रोम में अगस्त 2007 में 40.5 डिग्री सेल्सियस के तापमान को बहुत पीछे छोड़ देगा।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इटली के पड़ोसी में स्थित सिसिली और सार्डिनिया द्वीप पर 48C तक तापमान हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह यूरोप का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज होगा। ग्रीस के पर्यटन केंद्रों में से एक एथेंस एक्रोपोलिस को रविवार को ही भीषण गर्मी की वजह से लगातार तीसरे दिन बंद रखा गया।
फ्रांस
फ्रांस में भीषण गर्मी और इसकी वजह से पड़ रहे सूखे ने कृषि क्षेत्र के लिए समस्या पैदा कर दी है। फ्रांस के कृषि मंत्री मार्क फेसन्यू को तैयारियों में कमी के लिए लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक यह जून फ़्रांस में अब तक का दूसरा सबसे गर्म जून था। अनुमान है कि फ्रांस में मंगलवार से तापमान फिर बढ़ेगा और पिछला सारा रिकॉर्ड टूटेगा।
जापान
पूर्वी जापान के हिस्सों में भी रविवार और सोमवार को तापमान 38 से 39C तक पहुंचने की उम्मीद है, मौसम विज्ञान एजेंसी ने चेतावनी दी है कि तापमान पिछले रिकॉर्ड को तोड़ सकता है।
अफ्रीका
अफ्रीका के मोरक्को में भी गर्मी से नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। यहां शनिवार-रविवार के बीच ही कई प्रांतों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया। यह चौंकाने वाली बात इसलिए भी है, क्योंकि मोरक्को में इतना तापमान अधिकतर अगस्त में दर्ज किया जाता था।












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