Pakistan: इमरान खान की पार्टी ने भारतीय विदेश मंत्री को अपनी रैली में बुलाया, देश को मजबूत करने में मांगी मदद
The Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) invites Indian Foreign Minister S. Jaishankar to participate in protests against PM Shehbaz Sharif. This visit coincides with Jaishankar's attendance at the SCO Summit in Pakistan, mark
Jaishankar Pakistan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और देश की सेना के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए न्योता भेजा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, पीटीआई ने पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन और अराजकता को समाप्त करने में भारत की मदद मांगी है। सूत्रों ने बताया है, कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय सूचना सलाहकार बैरिस्टर अली सैफ ने भारत को 'पाकिस्तान की स्थिति को मजबूत करने' के लिए पीटीआई के विरोध में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि पीटीआई ने भारतीय विदेश मंत्री से अपनी रैली में आने और लोगों को संबोधित करने का आह्वान किया है।
PTI ने कहा है, कि वह भारतीय विदेश मंत्री को पीटीआई के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने और पार्टी कार्यकर्ताओं और राष्ट्र को संबोधित करने के लिए आमंत्रित करेगी। अली सैफ ने कहा, "पीटीआई, भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को आमंत्रित करेगी कि वे पीटीआई के विरोध प्रदर्शन में शामिल हों और हमारे लोगों से बात करें और देखें, कि पाकिस्तान एक मजबूत लोकतंत्र है, जहां हर किसी को विरोध करने का अधिकार है।"
जीईओ न्यूज पर एक शो में बोलते हुए उन्होंने कहा कि विश्व के नेता पाकिस्तान आ रहे हैं और "हम उन्हें अपना लोकतंत्र दिखाना चाहते हैं।"
पाकिस्तान जाएंगे भारतीय विदेश मंत्री
भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर इस महीने के अंत में शंघाई सहयोग संगठन (SCO Summit) के 'शासनाध्यक्षों' के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पाकिस्तान का दौरा करेंगे। भारत के विदेश मंत्री के रूप में जयशंकर की यह पहली पाकिस्तान यात्रा होगी। जयशंकर की यह यात्रा नौ वर्षों में किसी भारतीय विदेश मंत्री की इस्लामाबाद की पहली आधिकारिक यात्रा भी है।
नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, कि "विदेश मंत्री जयशंकर 15 और 16 अक्टूबर को इस्लामाबाद में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए पाकिस्तान जाने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे...।"

2016 के उरी आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध खराब हो गए थे। भारत ने हमेशा कहा है, कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को वित्तपोषित और प्रायोजित करना बंद नहीं कर देता, तब तक उसके साथ कोई संबंध संभव नहीं है। पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय बैठक के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय ने कहा, "विदेश मंत्री एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। बैठक के करीब आने पर हम बताएंगे कि उनकी क्या योजना होगी।"
वहीं, विदेश मंत्रालय ने विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक का स्वागत करने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की है। जायसवाल ने कहा, "हमें इस बात पर आश्चर्य नहीं है, कि भारतीय जस्टिस से भगोड़े का पाकिस्तान में उच्च स्तरीय स्वागत किया गया है। यह निराशाजनक और निंदनीय है, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, कि इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है।" विदेश मंत्रालय ने आज पहली बार स्वीकार किया है, कि भारत ने मलेशियाई प्रधानमंत्री के साथ उनकी यात्रा के दौरान इस मुद्दे को उठाया है।












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