इमरान खान का डबल कैरेक्टर, उइगर मुस्लिमों पर चीन का जुल्म कबूल है, अमेरिका पर बरसे
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कहना है कि उनकी सरकार उइगर मुसलमानों पर चीन के बयानों का समर्थन करती है।
इस्लामाबाद, जुलाई 02: दुनियाभर के मुस्लिमों का बोझ अपने कंधे पर उठाने का दावा करने वाले इमरान खान और पाकिस्तान का डबल कैरेक्टर पूरी दुनिया के सामने आ गया है। पाकिस्तान के मुसलमानों को कट्टरपंथ के आग में तपाने वाले इमरान खान जैसे नेताओं का डबल स्टैंडर्ड क्या है, पूरी दुनिया के सामने आ गया है। चीन में 10 लाख से ज्यादा मुसलमानों के साथ जानवरों जैसा सलूक करने वाले चीन को पाकिस्तान ने पूरी तरह से क्लीनचिट दे दी है, जबकि यूनाइटेड नेशंस से लेकर विश्व की तमाम मानवाधिकार संस्थाएं कह रही हैं कि शिनजियांग प्रांत में शी जिनपिंग की सेना मुसलमानों के साथ हैवानियत कर रही है। उन्हें नमाज नहीं पढ़ने दिया जाता है, मस्जिदों को तोड़ दिया गया है और कैंप में 10 लाख से ज्यादा मुसलमानों को कैद करके रखा गया है। लेकिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा है कि चीन में सबकुछ ठीक है।

मुसलमानों पर इमरान का डबल स्टैंडर्ड
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कहना है कि उनकी सरकार उइगर मुसलमानों पर चीन के बयानों का समर्थन करती है। इमरान ने इस समर्थन के लिए इस्लामाबाद के चीन के साथ घनिष्ठ संबंधों का हवाला दिया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूएन समेत कई मानवाधिकार रिपोर्ट्स में कहा गया है कि शिनजियांग प्रांत में शी जिनपिंग ने 10 लाख से ज्यादा मुसलमानों को कैंप में रखा हुआ है और उनके साथ गुलामों जैसा सलूक किया जाता है, लेकिन इमरान खान ने अपने बयान में कहा है कि चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने मुसलमानों को लेकर जो कहा है, पाकिस्तान की सरकार वही मानती है और अगर चीन ने कह दिया है कि मुसलमान ठीक है, तो फिर ठीक हैं, पाकिस्तान चीन की बातों पर यकीन करता है।

उइगर मुस्लिमों पर इमरान का बयान
आपको बता दें कि उइगर मुस्लिम समुदाय चीन के अशांत शिनजियांग प्रांत में रहता है। अमेरिका और यूरोपीय संघ सहित कई देशों ने चीन पर शिनजियांग में उइगर मुसलमानों के दमन और नरसंहार का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, पश्चिमी देशों ने मानवाधिकार समूहों से इस मुद्दे की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के 100 साल पूरे होने के मौके पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने चीनी पत्रकारों से कहा कि उनका देश उइगर मुसलमानों के मुद्दे पर चीन के बयानों का समर्थन करता है।

इमरान ने अमेरिका को झूठा कहा
इमरान खान अपनी बफादारी साबित करने के लिए यहीं नहीं रुके। उन्होंने यहां तक कह दिया कि पश्चिमी मीडिया इस मुद्दे को बिल्कुल अलग तरीके से उठा रहा है। यह पाखंड है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जघन्य मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है लेकिन पश्चिमी मीडिया इन पर टिप्पणी नहीं करता है। साथ ही इमरान ने उइगर मुसलमानों और हांगकांग मुद्दे पर रिपोर्टिंग के लिए पश्चिमी मीडिया की खिंचाई की। हालांकि इमरान ने इसके लिए चीन से करीबी संबंधों का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा कि वह चीन के साथ घनिष्ठ संबंधों के कारण चीन की सरकार के बयानों का समर्थन करते हैं।

कम्यूनिस्ट पार्टी से जताया प्रेम
मुस्लिम देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हद तब कर दी जब उन्होंने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की तारीफ में गाथाएं पढ़नी शुरू करते हुए उसे पश्चिमी लोकतंत्र के खिलाफ एक विकल्प बता दिया। इमरान खान ने कहा कि जब भी राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान संकट में पड़ा है, चीन ने उसका समर्थन किया है। वहीं, इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान और चीन के संबंधों का भारत से कोई लेना-देना नहीं है। दोनों देशों के बीच बेहद मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं। आपको बता दें कि चीन उइगर मुसलमानों को डिटेंशन कैंप में रखने के आरोपों से इनकार करता रहा है। चीन का कहना है कि मुसलमानों को कट्टरपंथी और मजहबी उन्मादी बनने से रोकने के लिए वो एक केन्द्र चलाता है, जिसके जरिए वो मुसलमानों को मॉडर्न बना रहा है। आपको बता दें कि 2010 से 2014 के दौरान शिनजियांग प्रांत में कुछ बम धमाके हुए थे और उसी समय शी जिनपिंग ने चीन की सत्ता संभाली थी और फिर उइगर मुस्लिमों को लेकर शी जिनपिंग ने पंचवर्षीय प्लान चलाया था और उसी के तहत डिटेंशन कैंप का निर्माण किया गया था।
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