11 अप्रैल को पाक को मिलेगा नया प्रधानमंत्री, इमरान खान के मंत्री ने कहा, लुटेरों की वापसी, अच्छा आदमी चला गया
इस्लामाबाद, 10 अप्रैल। पाकिस्तान में मची सियासी उथल-पुथल के बीच इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव में बड़ा झटका लगा और वह अपना बहुमत साबित नहीं कर सके। इमरान खान देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं जिन्हें अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से बाहर किया गया है। विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ अब देश के नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार शरीफ आज राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से मुलाात करेंगे और 11 अप्रैल को वह देश के नए प्रधानमंत्री की शपथ ले सकते हैं। गौर करने वाली बात है कि स्पीकर असद कैसर और डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कैबिनेट मंत्री फवाद हुसैन ने इमरान खान के अविश्वास प्रस्ताव हारने को पाकिस्तान के लिए दुखभरा दिन करार दिया, उन्होंने कहा कि लुटेरों की वापसी हो गई, अच्छा आदमी घर चला गया।

Recommended Video
इमरान खान की पूर्व पत्नी ने ये कहा
कैबिनेट मंत्री शिरीन मजारी ने ट्वीट करके लिखा, लोकतंत्र के लिए बुरा दिन, जब अमेरिका अपने इरादों में सफल हुआ और उसने भ्रष्ट माफिया नेताओं के जरिए संसद की सर्वोच्चता को तार-तार कर दिया। वहीं इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान ने शहबाज शरीफ की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, नया प्रधानमंत्री। बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिग से पहले इमरान खान ने कहा कि चीफ जस्टिस के सामने वह पत्र पेश किया जाएगा जिसमे पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में अमेरिका का दखल साबित होगा। मैं वैश्विक षड़यंत्र को सफल नहीं होने दूंगा, इस पत्र को चीफ जस्टिस के सामने पेश किया जाएगा।
एयरपोर्ट पर पाबंदी
वहीं इस बात की भी रिपोर्ट सामने आई कि पाकिस्तान आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा को भी उनके पद से हटा दिया गया है। लेकिन इमरान खान ने बताया कि ना तो उन्हें उनके पद से हटाया गया है और ना ही इसपर विचार किया जा रहा है। पाकिस्तान फेडर एजेंसी ने इसबीच एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट जारी किया है और किसी भी आधिकारिक व्यक्ति के पाकिस्तान छोड़ने पर पाबंदी लगा दी है। बिना NOC के किसी भी सरकारी अधिकारी को बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
कूप बटालियन एक्शन में
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएश ने भी पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, उसने यह याचिका सरकार के खिलाफ दायर की है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर को डिप्टी स्पीकर ने नहीं माना और सदन को भंग कर दिया,अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग नहीं कराई, जिससे कि इमरान खान को मदद की जा सके। पाकिस्तान की 111 इंफ्रैंट्री ब्रिगेड जिसे कूप ब्रिगेट के नाम से जाना जाता है, उसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। इसके साथ ही इस्लामाबाद हाई अलर्ट पर है, सेना को तैनात किया गया है। संसद को पूरी तरह से सीज कर दिया गया है और इसे रेड जोन में तब्दील कर दिया गया था। जेल की गाड़ियां और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था। अविश्वास प्रस्ताव से पहले इमरान खान ने एक आपात बैठक कैबिनेट की बुलाई थी।












Click it and Unblock the Notifications