इमरान खान हो सकते हैं हाउस अरेस्ट, शहबाज सरकार ने बातचीत की पेशकश ठुकराई, बताया आतंकवादी
इमरान खान की पार्टी करीब करीब टूट गई है और तमाम बड़े नेताओं ने पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ से इस्तीफा दे दिया है। इमरान खान अब पूरी तरह से अकेले पड़ गये हैं।

Pakistan News: पाकिस्तान की शहबाज शरीफ की सरकार ने इमरान खान की बातचीत की पेशकश ठुकरा दी है, जो इमरान खान के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बातचीत की पेशकश को यह कहते हुए खारिज कर दिया है, कि 'आतंकवादियों से कोई बातचीत नहीं होगी।'
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुकाबिक, शहबाज सरकार ने कहा है, कि "पहले की बातचीत राजनेताओं के साथ हुई थी, न कि आतंकवादियों और तोड़फोड़ करने वालों के एक समूह के साथ, जो शहीदों के स्मारक जलाते हैं और देश में आग लगा देते हैं"।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने बताया है, कि पाकिस्तान सरकार ने यह भी कहा है, कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख अब खुद एक राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) की मांग कर रहे हैं। वहीं, सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सर्वोच्च नेता नवाज शरीफ ने ट्विटर पर कहा, कि 'बातचीत केवल राजनेताओं के साथ होती है'।
इमरान से बातचीत के दरवाजे बंद
नवाज शरीफ ने कहा, कि "आतंकवादियों और तोड़फोड़ करने वालों के एक समूह के साथ कोई बातचीत नहीं होगी, जो शहीदों के स्मारक जलाते हैं और देश को आग लगाते हैं।"
आपको बता दें, कि नवाज शरीफ ने बातचीत के प्रस्ताव को उस वक्त ठुकराया है, जब इमरान खान ने ट्वीटर पर सरकार से बातचीत के लिए एक टीम बनाने की बात कही थी। इमरान खान ने कहा था, कि वो एक टीम का गठन कर रहे हैं, जो सात सदस्यीय होगी और ये टीम सरकार से बातचीत करेगी और समस्याओं को सुलझाएगी।
लेकिन, पाकिस्तान सरकार ने उनके बातचीत के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिससे साफ हो जाता है, कि इमरान खान से बातचीत के लिए शहबाज सरकार ने सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं। इमरान खान ने कहा था, कि उनकी टीम सरकार से पाकिस्तान में आम चुनावों को लेकर बात करेगी।
वहीं, इमरान खान की पार्टी अब अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है और उसके तमाम बड़े नेता पार्टी छोड़कर जा चुके हैं। इमरान खान खुद कह चुके हैं, कि उनकी पार्टी के अंदर सीनियर लीडरशिप खत्म हो गई है और उनसे बात तक करने वाला कोई नहीं है।
माना जा रहा है, कि इमरान खान की पार्टी को सेना और शहबाज शरीफ ने कुचल दिया है। वहीं, इमरान खान को भी हाउस अरेस्ट करने का प्लान है।
पाकिस्तान की सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा, कि "राज्य पर हमला करने वालों को दंडित किया जाता है, उनके साथ बातचीत नहीं की जाती है"। उन्होंने दावा किया, कि इमरान खान की बातचीत की पेशकश राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) की अपील है, ताकि वो खुद अपनी जान बचा सकें।
इमरान खान किए जाएंगे हाउस अरेस्ट?
वहीं, पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी ने रविवार को कहा, कि पाकिस्तान सरकार ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान को नजरबंद करने पर कोई फैसला नहीं किया है।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावे किए जा रहे हैं, कि बहुत जल्द इमरान खान को उनके ही घर में नजरबंद कर दिया जाएगा, ताकि वो बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं कर सकें। उनके आवास का इंटरनेट और उनका फोन कनेक्शन भी काट दिया जाएगा, ताकि वो किसी भी हालत में ना मीडिया से संपर्क साध सकें, और ना ही सोशल मीडिया पर ही एक्टिव रह सकें। पाकिस्तान सरकार की कोशिश इमरान खान को बाहरी दुनिया से पूरी तरह से दूर कर देने की है।
जियो न्यूज के मुताबिक, पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी का इमरान खान को नजरबंद करने को लेकर अभी तक फैसला नहीं लेने का बयान उस वक्त आया है, जब रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि सरकार लाहौर में इमरान खान के जमान पार्क निवास को एक उप-जेल घोषित करने और उन्हें घर में नजरबंद करने पर विचार कर रहे हैं।
दूसरी तरफ मरियन औरंगजेब ने कहा, कि "शहीदों के स्मारकों को अपवित्र करने वालों के साथ बातचीत करना "शहीदों का अपमान" है। एंबुलेंस, अस्पताल और स्कूल जलाने और युवाओं के दिमाग में जहर घोलने के बाद इमरान खान बातचीत चाहते हैं, लेकिन उनके साथ कोई बातचीत नहीं होगी"।
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उन्होंने कहा, "इमरान ने बातचीत का तब आह्वान किया है, जब उनकी पार्टी के नेताओं ने उन्हें अकेला छोड़ दिया है।"
उन्होंने इमरान खान को याद दिलाया, कि उन्होंने भी प्रधानमंत्री रहने के दौरान अर्थव्यवस्था, कश्मीर, राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों, कोविड-19 और एफएटीएफ मुद्दे पर विपक्ष से बात नहीं की थी, लेकिन अब वह बातचीत का आग्रह कर रहे हैं।












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