इमरान खान के कितने रंगीले राज? न्यूयॉर्क में रहने वाली बेटी को छिपाया, अब हाईकोर्ट में बुरी तरह फंसे
इमरान खान अपने हर राजनीतिक विरोधी को चोर और डाकू कहते हैं, लेकिन इमरान खान के खिलाफ जितने राजफाश हो रहे हैं, उससे यही पता चलता है, कि वो भी दूध के धुले नहीं हैं।
Imran Khan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान एक और बड़ी मुसीबत में फंस गये हैं और इस बार वजह है, कि उन्होंने अपनी बेटी का नाम चुनावी हलफनामे से छिपाया था। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान के खिलाफ दायर उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी से संबंधित जानकारियां छिपाई हैं। इमरान खान ने चुनावी हलफनामे में सिर्फ दो बेटों के होने की बात कही है, जबकि उनकी एक बेटी भी है।

बेटी होने की बात क्यों छिपाई?
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनावी हलफनामा भरते वक्त इमरान खान ने अमेरिका में रहने वाली अपनी बेटी की जानकारी चुनाव आयोग से छिपा ली, लिहाजा उन्हें अयोग्य ठहराने की याचिका इस्लामाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई करने के लिए कोर्ट तैयार हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की एक बेटी अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहती है, जिसका नाम टैरिन है और इमरान खान ने उसका नाम अपने चुनावी हलफनामे में नहीं दिया था, लिहाजा अब इस्लामाबाद हाईकोर्ट अब 20 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई करेगा। आपको बता दें कि, इमरान खान एक के बाद एक मुसीबत में फंसते जा रहे हैं और इससे पहले वो तोषाखाना से खड़ी बेचने के आरोप में दोषी ठहराए जा चुके हैं, वहीं उनके खिलाफ अपनी संपत्ति की सही जानकारी नहीं देने का भी आरोप लगा था, जिसको लेकर भी उन्हें आगामी चुनाव लड़ने से चुनाव आयोग अयोग्य ठहरा चुका है।

इमरान खान के कितने खेल?
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर को इमरान खान और पाकिस्तान चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया था, जिसमें यह तय करने के लिए महत्वपूर्ण विवरण मांगा गया था, कि क्या पूर्व पीएम को विधायक के रूप में अयोग्य ठहराने की याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं? अदालत ने पिछले महीने साजिद महमूद द्वारा दायर याचिका पर विचार करने को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिका में दावा किया गया है, कि इमरान ने अपने नामांकन पत्र में गलत तरीके से उल्लेख किया है, कि उनके दो पुत्र हैं, जिनके नाम सुलेमान और कासिम हैं। याचिका में अनुच्छेद 62 के उल्लंघन का हवाला देते हुए इमरान खान की जांच करने और उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है, कि "एक व्यक्ति मजलिस-ए-शूरा (संसद) के सदस्य के रूप में चुने जाने के तब तक योग्य नहीं होगा, जब तक वह दूरदर्शी, धर्मी, अपव्ययी, ईमानदार और भरोसेमंद नहीं होगा।"

जान-बूझकर बेटी का नाम छिपाया?
याचिका में दावा किया गया है कि, "इमरान खान ने जानबूझकर और सोच-विचारकर अपनी बेटी टैरिन व्हाइट को नामांकन पत्र और उसके साथ संलग्न हलफनामे में नहीं शामिल किया।" याचिका में कहा गया है, कि इमरान खान की बेटी लंदन में रह रही थी, और "उन्होंने उसके लिए उचित व्यवस्था की। लेकिन नामांकन पत्र और हलफनामे में उनके बारे में जानकारी छिपाई गई हैं।" आपको बता दें कि, पाकिस्तानी संविधान के मुताबिक, अनुच्छेद 62 संसद के सदस्यों के लिए "सादिक और अमीन" (ईमानदार और धार्मिक) होने की पूर्व शर्त निर्धारित करता है। यह वही प्रावधान है जिसके तहत 28 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पनामा पेपर मामले में अयोग्य करार दिया था।

अमेरिका में रहती है बेटी
आपको बता दें कि, इमरान खान की बेटी टैरिन व्हाइट की उम्र 28 साल है और वो अब न्यूयॉर्क शहर में रहती हैं। उनकी मां का नाम सीटा व्हाइट है और इस बात के पूरे सबूत मिले हैं, कि इमरान खान अपनी बेटी टैरिन को लगातार पैसे भेजते रहते हैं। लिहाजा, चुनावी हलफनामे में कहा गया है, कि इमरान खान ने अपनी बेटी के बारे में जानकारियां छिपाकर संविधान का उल्लंघन किया है और वो अब पाकिस्तान में चुनाव लड़ने के योग्य नहीं हैं। वहीं, पाकिस्तान को होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने यहां तक दावा किया है, कि अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की अदालत भी टैरिन को इमरान खान की बेटी मान चुका है और टैरिन, इमरान खान की ही बेटी हैं, इस बात के तमाम बायोलॉजिकल और साइंटिफिक सबूत मौजूद हैं, लिहाजा इमरान खान जितना झूठ बोलते जाएंगे, वो उतना ही ज्यादा और फंसते जाएंगे। वहीं, पिछले दिनों इमरान खान की पूर्व पत्नी जैमिमा और टैरिन एक कार्यक्रम में साथ दिखीं थीं और इस दौरान जैमिना ने टैरिन को अपनी सौतेली बेटी कहा था।












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