सऊदी, चीन और UAE से लिखा के लाओ... IMF ने पाकिस्तान को फिर दिया 440 वोल्ट का झटका, रखी नई शर्तें

पाकिस्तान के कई बार बुलाने के बाद 31 जनवरी से आईएमएफ की टीम के साथ पाकिस्तानी अधिकारियों की बातचीत शुरू हुई थी और ये बातचीत 9 फऱवरी तक चली, लेकिन आईएमएफ के साथ ये बैठक बेनतीजा रही थी।

IMF Pakistan Loan Deal:

IMF Pakistan Loan Deal: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, यानि IMF ने पाकिस्तान को फिर से बड़ा झटका दिया है और अब आईएमएफ ने पाकिस्तान से कहा है, कि अगर उसे लोन चाहिए, तो फिर पाकिस्तान को सऊदी अरब, चीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात से लिखित में देना होगा, कि आईएमएफ से लोन मिलने के बाद ये देश भी पाकिस्तान को वित्तीय मदद देंगे। पाकिस्तान अभी तक मौखिक तौर पर कहता आया है, कि ये देश उसे वित्तीय मदद देंगे, लेकिन आईएमएफ की नई शर्तों को देखकर यही लगता है, कि आईएमएफ को पाकिस्तान पर एक पैसे का यकीन नहीं रहा।

IMF की नई शर्तें क्या है?

पाकिस्तान की इकोनॉमी पर नजर रखने वाली संस्था 'इकोनॉमी ऑफ पाकिस्तान' ने अपने ट्वीटर हैंडल से दावा किया है, कि आईएमएफ की डिमांड अब नये लेवल पर जा रही हैं और "आईएमएफ ने पाकिस्तान को सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और चीन से लिखित आश्वासन लेने को कहा है, कि वे 30 जून 2023 तक पाकिस्तान को नया ऋण देंगे"। आपको बता दें, कि पाकिस्तान का कहना है, कि आईएमएफ से लोन मिलने का इंतजार ये देश भी कर रहे हैं और एक बार जब पाकिस्तान को आईएमएएफ से लोन मिल जाता है, तो फिर ये देश भी पाकिस्तान को वित्तीय सहायता देंगे। लेकिन, आईएमएफ की नई शर्तों के बाद अब सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या ये देश लिखित में आश्वासन देंगे? हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है, कि चीन पाकिस्तान को 500 मिलियन डॉलर की कर्ज की एक नई किश्त देने के लिए तैयार हो गया है।

IMF

पाकिस्तान को चीन से मिलेगा मदद

द न्यूज ने गुरुवार को अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, कि एक चीनी बैंक ने पाकिस्तान को आश्वासन दिया है, कि वह अगले कुछ दिनों में 500 मिलियन डॉलर का पुनर्वित्तीयन ऋण पाकिस्तान को प्रदान करेगा। आपको बता दें, चीन ने पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर का कर्ज देने का वादा किया था, और पाकिस्तानी मीडिया का कहना है, कि उसी 2 अरब डॉलर में से चीनी बैंक, पाकिस्तान को 500 मिलियन डॉलर की नई किश्त देगा। द न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि पाकिस्तानी अधिकारी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ कर्मचारी-स्तरीय समझौते को फाइनल करने के लिए दोस्त देशों से लोन हासिल करने के लिए उनकी 100 प्रतिशत प्रतिबद्धता हासिल करने के लिए हाथ-पैर मार रहे हैं। इससे पहले आईएमएफ की तरफ से अलिखित शर्त थी, कि पाकिस्तान को कर्ज हासिल करने के लिए चीन और सऊदी अरब से वित्तीय मदद का आश्वासन हासिल करना होगा, लेकिन ताजा रिपोर्ट में आईएमएफ की नई शर्तों का दावा किया गया है, जिसने पाकिस्तान की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।

IMF Pakistan Loan Deal

चीन दे चुका है 1.2 अरब डॉलर का कर्ज

द न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान को पिछले कुछ हफ्तों में 2 अरब डॉलर में से 1.2 अरब डॉलर का कर्ज दिया है और 500 मिलियन का नया कर्ज देने के साथ कुल नया कर्ज बढ़कर 1.7 अरब डॉलर हो जाएगा। वहीं, चीन से लोन मिलने के बाद, अब पाकिस्तानी अधिकारी जून 2023 के अंत तक 6 अरब डॉलर की बाहरी वित्तपोषण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के साथ-साथ विश्व बैंक और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक से हरी झंडी का इंतजार कर रहा है। आपको बता दें, कि आईएमएफ प्रोग्राम का फाइनल होना, पाकिस्तान की वित्तीय स्थिरता के लिए अत्यंत जरूरी है। हालांकि, उसके बाद भी स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के लिए जून 2023 के अंत तक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को 8 से 10 अरब डॉलर तक बढ़ाना काफी कठिन है, लेकिन अगर आईएमएफ से लोन मिल जाता है, तो पाकिस्तान करीब 6 अरब डॉलर का धन जुटा सकता है और फिलहा कुछ महीनों तक के लिए डिफॉल्ट होने का खतरा टल जाएगा।

IMF Pakistan Loan Deal

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    डिफॉल्ट होने से बचना काफी मुश्किल

    पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स का कहना है, कि पाकिस्तान को बाहरी भुगतान दायित्वों में चूक करने से बचने के लिए आईएमएफ से लोन की किश्त मिलना अत्यंत जरूरी है। आईएमएफ अगर पाकिस्तान को लोन की किश्त जारी करता है, तो उसे कई और देनदारों से लोन मिल जाएगा और पाकिस्तान अपने बकाये का भुगतान कर सकता है, लेकिन आईएमएफ के साथ डील फेल हो जाता है, तो पाकिस्तान के लिए अपने बकाए का भुगतान करना काफी ज्यादा मुश्किल हो जाएगा। लेकिन, आईएमएफ की नई शर्तें देखकर ऐसा लगता है, कि आईएमएफ का विश्वास पाकिस्तान से उठ चुका है। आपको बता दें, कि पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच लोन को लेकर 2019 में समझौता हुआ था, जिसके तहत आईएमएफ से पाकिस्तान को 6.5 अरब डॉलर का लोन कई किश्तों में मिलने वाला था, लेकिन बाद में इमरान खान ने आईएमएफ की शर्तों को तोड़ दिया और फिर आईएमएफ ने पाकिस्तान के लोन को रोक दिया। उसी बेलऑउट प्रोग्राम के तहत इस बार पाकिस्तान, आईएमएफ से 1.1 अरब डॉलर का नया लोन हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है।

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