'इस्लाम के खिलाफ हुआ तो'.....शिक्षा पर फरमान, लेकिन बोला तालिबान डरो नहीं! देखिए Video
काबुल, 30 अगस्त: तालिबान में कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। यह बात लगभग पक्की होती जा रही है कि तालिबान की मानसिकता वही है, जो 20 साल पहले दुनिया ने देखी थी। वह लगातार अपने उसी स्टैंड पर लौटता जा रहा है, जिससे दूर होने का उसने वादा किया था। नए फरमानों की फेहरिस्त में अब शिक्षा व्यवस्था को लेकर कहा गया है कि अगर उसमें कुछ भी इस्लाम के खिलाफ पाया गया तो उसे हटाना होगा। इसके साथ ही एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें स्टूडियो में बंदूक लिए मौजूद तालिबान आतंकी के डर से ऐंकर को बोलना पड़ रहा है कि लोगों को डरना नहीं चाहिए। यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है।

शिक्षा व्यवस्था में इस्लाम के खिलाफ हर चीज हटाएंगे- तालिबान
तालिबान ने अपना इरादा साफ कर दिया है कि अफगान की शिक्षा व्यवस्था को इस्लाम के खिलाफ हर आइटम से मुक्त किया जाएगा। इससे यह डर बढ़ गया है कि यह आतंकवादी संगठन एक बार फिर से अफगानिस्तान पर कट्टरपंथी शासन थोपने की तैयारी कर चुका है, जबकि उसने एक उदार और समावेशी सरकार बनाने का दावा किया था। वहां के अंतरिम उच्च शिक्षा मंत्री अब्दुल बाकी हक्कानी ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की यह कहकर आलोचना की है कि यह इस्लामिक सिद्धांतों का पालन करने में नाकाम रहा है। इंडिपेंडेंट ने उसके हवाले से कहा है, 'शिक्षा व्यवस्था से इस्लाम के खिलाफ हर चीज को हटा दिया जाएगा।' 15 अगस्त को काबुल तालिबान के नियंत्रण में आया था और तब से लेकर अबतक सारे संकेत ऐसे ही मिल रहे हैं कि तालिबान फिर से अपना वही क्रूर चेहरा दिखाने की तैयारी कर रहा है, जिसके चलते वह दो दशक पहले चर्चित हुआ था।

महिलाओं और म्यूजिक के खिलाफ बर्बरता शुरू
हक्कानी का यह बयान रविवार को स्थानीय मीडिया के हवाले से आई उस खबर के बाद आया है, जिसमें कंधार में रेडियो और टीवी चैनलों पर म्यूजिक के प्रसारण पर रोक लगाने और महिलाओं की आवाज बंद करने की खबरें आईं थीं। यही नहीं रविवार को ही अफगानिस्तान ने एक स्थानीय गायक अंद्राब की गोली मारकर हत्या कर दी थी। स्थानीय मीडिया एस्वाका न्यूज ने वहां के पूर्व इंटीरियर मिनिस्टर मसूद अंद्राबी के हवाले से इस खबर की पुष्टि की है। अपने पिछले शासन में तालिबान ने संगीत पर इसलिए पाबंदी लगा रखी थी, क्योंकि उसकी नजर में म्यूजिक इस्लाम-विरोधी है। उसने महिलाओं के काम करने और उनकी शिक्षा पर भी पाबंदी लगाई थी और न्याय के नाम पर बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थी।

देश छोड़कर भाग गई महिला पत्रकार
तालिबान ने बीते कुछ दिनों से जिस तरह से अपने विरोधियों को चुन-चुनकर मारना शुरू किया है, उससे लोगों को विश्वास हो गया है कि अफगानिस्तान में पुराना दौर लौट चुका है। इसी वजह से कभी तालिबान के एक सरगना का इंटरव्यू करके चर्चा में आई महिला पत्रकार बेहेस्ता अरघंट को देश छोड़कर भाग जाना पड़ा है। वह टोलो न्यूज के लिए काम करती थीं। यह इंटरव्यू उसने 17 अगस्त को लिया गया था, जिसमें तालिबान की भविष्य की योजनाओं को लेकर भी सवाल दागे गए थे।(ऊपर की तस्वीर ट्विटर से)
बंदूक लेकर बोला तालिबान- डरो नहीं!
उधर एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें अफगानिस्तान के एक न्यूज चैनल का ऐंकर तालिबान के आतंकियों की बंदूक की नोक पर न्यूज पढ़ रहा है और तालिबान के एक सरगना का इंटरव्यू भी कर रहा है। दावे के मुताबिक तालिबान ऐंकर से यह कहने के लिए कह रहा है कि लोग उससे डरें नहीं। ईरान की एक पत्रकार और ऐक्टिवस्ट मशीह अलीनेजाद ने ट्विटर पर यह वीडियो शेयर किया है और लिखा है- 'यह असली है। तालिबान के आतंकवादी इस डरे हुए टीवी होस्ट के पीछे बंदूकों के साथ पोज दे रहे हैं और उससे कह रहे हैं कि अफगानिस्तान के लोगों को इस्लामिक अमीरात से डरना नहीं चाहिए। तालिबान ही लाखों लोगों के मन में डर का पर्याय है। यह सिर्फ एक और सबूत है।'












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