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किम जोंग उन के देश में बिना मास्क के पकड़े गए तो करनी होगी तीन महीने मजदूरी

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नई दिल्ली। कोरोना महामारी ने दुनिया के बड़े-बड़े देशों की हालत खराब कर दी है। कोरोना संक्रमण का प्रसार कम हो इसके लिए दुनिया भर के देश तरह-तरह के नियम लागू कर रहे हैं। अब नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को भी कोरोना का भय सताने लगा है। किम जोंग को कोरोना का खौफ इतना सता रहा है कि उसने उत्‍तर कोरिया के लोगों के लिए मास्‍क न पहनने पर ऐसा सख्‍त नियम लागू कर दिया है जिसके बाद यहां के लोग दहशत में आ गए हैं।

मास्‍क न पहनने पर पकड़े जाने पर 3 माह तक करना पड़ेगा कठोर श्रम

मास्‍क न पहनने पर पकड़े जाने पर 3 माह तक करना पड़ेगा कठोर श्रम

बता दें उत्‍तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग जो हमेशा से अपने अजीबो-गरीब तरीकों की वजह विश्‍व प्रसिद्ध है उसने अब कोरोना के खतरे को देखते हुए मास्‍क न पहनने वालें के लिए कड़ी सजा का ऐलान किया है। इस नए नियम के अनुसार उत्‍तर कोरिया में जो भी बिना मास्‍क के पकड़ा जाता है तो ऐसे नागरिकों को कठोर दंड के तहत तीन महीने तक कड़ी मजदूरी करनी पड़ेगी।

    Kim Jong Un को Covid-19 का डर, North Korea में मास्‍क नहीं पहनने पर सख्त सजा | वनइंडिया हिंदी
    छात्र करेंगे ‘मास्‍क गश्‍त'

    छात्र करेंगे ‘मास्‍क गश्‍त'

    हालांकि दावा किया जा रहा है कि महामारी के खौफ में नॉर्थ कोरिया में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किम जोंग उन ने ये महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेडियो फ्री एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, मास्‍क नहीं पहनने वाले लोगो की धर-पकड़ के लिए छात्रों को मास्‍क गश्‍त पर भेजा जाएगा। इसके लिए छात्रों की भर्तियां की जा रही है जो लोगों का मास्‍क चेक करेंगे इसके साथ ही ये भी देखेंगे कि नागरिकों ने मॉस्‍क ठीक से पहना है कि नहीं। पुलिस भी इसकी गहन जांच करेगी। इस दौरान जिन लोगों को मास्‍क के बिना पाया जाएगा, उन्‍हें "अनुशासनात्मक श्रम" के तहत तीन महीने तक कड़ी मजदूरी करनी पड़ेगी।

    कोरोना वायरस के एक भी केस नहीं तो क्यों लागू किया गया ये कठोर नियम

    कोरोना वायरस के एक भी केस नहीं तो क्यों लागू किया गया ये कठोर नियम

    गौरतलब है कि उत्‍तर कोरिया वो ही देश है जो दुनिया भर में यह दावा कर रहा था कि उसके यहां एक भी कोरोनावायरस संक्रमित मरीज नहीं है। लेकिन किम जोंग ने जो मास्‍क पहनने को लेकर कठोर दंड का फरमान सुनाया है इससे साफ है कि उत्‍तर कोरिया भी कोरोना महामारी से प्रभावित है। इस देश के दावे के अनुसार अगर यहां एक भी कोरोना मरीज नहीं है तो बीमारी को रोकने के लिए इतने कठोर नियम को लागू करने की आवश्‍यकता क्‍यों पड़ गई।

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    पहले से लागू किए गए हैं ये कठोर नियम

    पहले से लागू किए गए हैं ये कठोर नियम

    बता दें नॉर्थ कोरिया ने आरंभ से ही कोरोना से संबंधित मामलों को दुनिया से छिपाया है लेकिन कोरोना से बचाव के लिए उसने कई कड़े कदम उठाए हैं। जैसे कि नार्थ कोरिया में लोगों को जमा होने पर रोक है। इसके साथ ही लोगों का मास्‍क पहनना और सीमा पर काम करने वालों का दूर-दूर रहना आवश्‍यक है। नॉर्थ कोरिया ने ये भी दावा किया है कि उसके यहां पर कोरोना वायरस का अब तक कोई केस नहीं है।

     1.51 करोड़ का आंकड़ा हो चुका है पार

    1.51 करोड़ का आंकड़ा हो चुका है पार

    गौरतलब है कि दुनिया भर में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 1.51 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है और अब तक कुल 621,800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार की सुबह तक कुल मामलों की संख्या 15,166,401 थी, जबकि इससे होने वाली मौतों की संख्या 621,890 तक पहुंच गई है। दुनिया भर के देशों में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित अमेरिका है यहां अब तक 3,967,917 मामले सामने आ चुके हैं और वहीं संक्रमण से 143,147 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद ब्राजील और भारत तीसरे नंबर पर है।

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    English summary
    If caught without mask in North Korea, one will have to undergo three months of 'disciplinary labour
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