बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर अत्याचार, एक रात में 14 मंदिरों पर हमला, तालाब में फेंकी मूर्तियां
बांग्लादेश के बलियाडांगी उपजिला में कम से कम 14 मंदिरों पर हमला किया गया है। इस दौरान मंदिरों में तोड़-फोड़ की गई है और वहां की चीजों को नुकसान पहुंचाया गया है। इससे आस-पास के इलाके में तनाव का माहौल है।

Image: Twitter
बांग्लादेश में एक बार फिर से बहुसंख्यकों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया गया है। शनिवार और रविवार की रात अज्ञात बदमाशों द्वारा बांग्लादेश के बलियाडांगी उपजिला में कम से कम 14 मंदिरों पर हमला किया गया है। इस दौरान मंदिरों में तोड़-फोड़ की गई है और वहां की चीजों को नुकसान पहुंचाया गया है। इससे आस-पास के इलाके में तनाव का माहौल है।
27 मंदिरों को पहुंचाया नुकसान
ढाका ट्रिब्यून ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया है कि 14 मंदिरों पर हमला कर वहां के 27 मूर्तियों को तोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि धनतला संघ के सिंदूरपिंडी क्षेत्र में 9, परिया संघ के कॉलेजपाड़ा क्षेत्र में 4 और चारोल संघ के शाहबाजपुर नाथपारा इलाके में एक मंदिर में 14 मूर्तियों को तोड़ा गया है। घटना पर बोलते हुए, ठाकुरगांव के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद जहांगीर हुसैन ने कहा, "हम घटना में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।"
प्रशासन से मदद की अपील
स्थानीय निवासी काशीनाथ सिंह ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए मीडिया से बात किया और त्वरित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, "हम दहशत की स्थिति में हैं। इस घटना में शामिल लोगों को जल्दी गिरफ्तार किया जाना चाहिए।" जिला पूजा समारोह परिषद के सदस्यों ने इस घटना को "भयावह" बताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उधर, उपजिला पूजा उत्सव परिषद के महासचिव विद्यानाथ बर्मन ने कहा कि बदमाशों ने मूर्तियों के हाथ, पैर और सिर तोड़ दिए हैं। कुछ मूर्तियों को भी तोड़कर तालाब में फेंक दिया गया। उन्होंने प्रशासन से घटना की सही तरीके से जांच करने और दोषियों को गिरफ्तार करने का भी आग्रह किया।
अक्टूबर 2022 में भी हुआ हादसा
जिला पूजा उत्सव परिषद के महासचिव तपन कुमार घोष ने शाम करीब चार बजे सिंदूरपिंडी इलाके के हरिबसर मंदिर का दौरा किया। उन्होंने कहा कि इस मंदिर की सभी मूर्तियों को खंडित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "यह बहुत दुखद और भयावह है। हम इस घटना की निष्पक्ष जांच चाहते हैं।" पिछले 5 महीनों में यह दूसरा ऐसा मामला है जब पड़ोसी देश में इस तरह से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के पूजास्थल पर हमला हुआ हो। अक्टूबर 2022 में कट्टरपंथियों ने काली मंदिर में घुसकर मूर्तियां तोड़ डालीं थी। ये मंदिर ब्रिटिश काल के समय का था। घटना झेनैदाह जिले के दौतिया गांव में हुई थी।
सड़क किनारे मंदिरों को पहुंचाया नुकसान
इससे पहले 2021 में, पूरे बांग्लादेश में कई दुर्गा पूजा मंडपों और हिंदू मंदिरों और घरों पर हमला किया गया था और तोड़फोड़ की गई थी, जिसमें नोआखली में एक इस्कॉन केंद्र भी शामिल था, और कोमिला में एक मार्की में कथित ईशनिंदा को लेकर भड़की हिंसा में कई लोग मारे गए थे। उपजिला निरभाई के अधिकारी बिपुल कुमार ने बताया- कुछ मंदिर बिल्कुल सड़क के किनारे थे, जिनकी हालत हमले के बाद से बहुत खराब हो चुकी है। घटना शनिवार रात और रविवार सुबह के बीच हुई है। बिपुल कुमार ने कहा कि हमने इलाके में रहने वाले हिंदूओं से न डरने को कहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं। अभी हालात कंट्रोल में हैं।












Click it and Unblock the Notifications