आईसलैंड में पुरुषों को महिलाओं से ज्यादा सैलरी देना हुआ अवैध, समान वेतन पर कानून नए साल से लागू
यूरोप का आईसलैंड दुनिया का इकलौता देश बन गया है जहां पुरुषों को महिलाओं से ज्यादा सैलरी देना अवैध होगा। नए साल से आईसलैंड में ये कानून लागू किया गया है जिसमें एक काम के लिए पुरुषों और महिलाओं को बराबर वेतन देना होगा।
नई दिल्ली। यूरोप का आईसलैंड दुनिया का इकलौता देश बन गया है जहां पुरुषों को महिलाओं से ज्यादा सैलरी देना अवैध होगा। नए साल से आईसलैंड में ये कानून लागू किया गया है जिसमें एक काम के लिए पुरुषों और महिलाओं को बराबर वेतन देना पड़ेगा। अगर कंपनियां दोनों को बराबर वेतन नहीं देंगी तो उनपर कानूनी कार्यवाई की जाएगी।

इस कानून के बारे में पिछले साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर घोषणा की गई थी। समान वेतन की वकालत करते इस कानून का संसद में सभी ने स्वागत किया था। गौरतलब है कि आईसलैंड की संसद में 50 प्रतिशत सदस्य महिलाएं हैं। इस कानून के तहत 25 से अधिक लोगों वाली कंपनी को समान वेतन नीतियों का प्रदर्शन करने वाला एक सरकारी सर्टिफिकेट लेना होगा। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो फिर इसके लिए उन्हें जुर्माना भरना पड़ेगा।
ये कानून उन सभी महिलाओं की जीत है जो पिछले साल हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरीं थीं। भारत समेत दुनिया के अधिकतर देशों में महिलाएं समान वेतन के लिए संघर्ष कर रही हैं। ऐसे में आईसलैंड का ये कदम काफी सराहनीय है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट ने पिछले 9 वर्षों से लगातार आईसलैंड को लिंग-समान देश का खिताब दिया है। आईसलैंड की सरकार साल 2020 तक देश में वेतन के अंतर को खत्म करना चाहती है।
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